वाराणसी में अवैध पटाखा गोदाम में विस्फोट से दो मंजिला इमारत ढही, दो घायल — एक महिला मलबे में दबी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर इलाके में एक जोरदार विस्फोट के बाद दो मंजिला इमारत जमींदोज हो गई। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि इमारत के भीतर एक अवैध पटाखा निर्माण इकाई संचालित हो रही थी, जिसमें अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री के भंडारण के कारण विस्फोट हुआ। हादसे में दो लोग घायल हुए और एक महिला मलबे के नीचे दब गई।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
अधिकारियों को शाम 5 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। मौके पर पहुँचे पुलिस दल ने पाया कि पटाखे परिसर के चारों ओर बिखरे पड़े थे। डीसीपी राजेश पांडे ने बताया कि 'घटना पटाखों के विस्फोट के कारण हुई है और स्थानीय लोगों के अनुसार एक महिला मलबे में फँसी है, जिसे बाहर निकालने के लिए बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया।'
राहत और बचाव अभियान
घायलों को तत्काल उपचार के लिए नज़दीकी अस्पताल भेजा गया। मलबे में दबी महिला को निकालने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस दल मिलकर बचाव अभियान चला रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को घटनास्थल पर तुरंत पहुँचने, राहत कार्यों में तेज़ी लाने और घायलों के परिजनों से संपर्क कर हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पृष्ठभूमि: यूपी में अवैध पटाखा कारखानों का खतरा
यह ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर प्रदेश में अवैध पटाखा इकाइयों से होने वाले हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। गौरतलब है कि अगस्त 2026 में कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र के चिल्ला शाहबाजी गाँव में एक अवैध पटाखा निर्माण एवं भंडारण सुविधा में हुए विस्फोट में 11 लोगों की मृत्यु हो गई थी और 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस मामले में पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने तीन फरार आरोपियों — शकील, कहकशा बानो और आदिल — की गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को ₹25,000 प्रति व्यक्ति के इनाम की घोषणा की थी।
उसी मामले में पुलिस ने चरवा थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी नौशाद को गिरफ्तार भी किया था। बावजूद इसके, राज्य में अवैध पटाखा कारखानों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है।
क्या होगा आगे
स्थानीय पुलिस और प्रशासन मामले की जाँच कर रहे हैं। अवैध पटाखा निर्माण इकाई के संचालकों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। यह घटना दीपावली से पहले राज्य भर में अवैध पटाखा गोदामों की जाँच और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग को और तेज़ कर सकती है।