12 जुलाई 2026
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कुन्नम हिंसा की निंदा: तमिलनाडु मंत्री वन्नियारासु बोले — 'राजनीति सभ्य और लोकतांत्रिक होनी चाहिए'

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कुन्नम हिंसा की निंदा: तमिलनाडु मंत्री वन्नियारासु बोले — 'राजनीति सभ्य और लोकतांत्रिक होनी चाहिए'

सारांश

तमिलनाडु के पेरम्बलुर जिले के कुन्नम में वीसीके और DMK कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसा ने सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर दरार उजागर कर दी है। सामाजिक न्याय मंत्री वन्नियारासु ने DMK पर पथराव का आरोप लगाते हुए राजनीतिक हिंसा की कड़ी निंदा की।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के सामाजिक न्याय मंत्री वन्नियारासु ने 26 मई को कुन्नम हिंसा की कड़ी निंदा की।
मंत्री ने आरोप लगाया कि DMK कार्यकर्ताओं ने वीसीके कार्यकर्ताओं पर पथराव किया।
पार्टी नेतृत्व ने विरोध प्रदर्शन वापस लेने का निर्देश दिया था, लेकिन कुछ कार्यकर्ता अनजान रहे।
थिरुमावलवन राजनीतिक हिंसा के सदैव विरोधी रहे हैं।
मंत्री ने मेकेदातु बाँध परियोजना का विरोध दोहराया और सर्वदलीय बैठक की माँग की।
ऑनर किलिंग रोकने के लिए अलग कानून और पुलिस में जातिगत भेदभाव समाप्त करने की माँग भी उठाई।

तमिलनाडु के पेरम्बलुर जिले के कुन्नम में हुई राजनीतिक हिंसा को लेकर राज्य में तनाव बना हुआ है। विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के उप महासचिव एवं तमिलनाडु के सामाजिक न्याय मंत्री वन्नियारासु ने 26 मई को इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट कहा कि राज्य की राजनीति को सभ्य और लोकतांत्रिक बनाए रखना अनिवार्य है। उनके अनुसार, यह घटना पूरी तरह अस्वीकार्य है।

मदुरै एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत

मंत्री वन्नियारासु चेन्नई से अपने गृह जिले विरुधुनगर जाते समय मदुरै एयरपोर्ट पर रुके। वहाँ वीसीके कार्यकर्ताओं ने उनका उत्साहपूर्ण स्वागत किया — शॉल, फूल-मालाएँ और गुलदस्ते भेंट किए गए। स्वागत के दौरान समर्थकों की भीड़ में कुछ देर के लिए हल्का हंगामा भी हुआ।

कुन्नम हिंसा का पूरा घटनाक्रम

वन्नियारासु ने बताया कि पहले जिला स्तर पर एक विरोध प्रदर्शन की घोषणा की गई थी, किंतु बाद में पार्टी नेतृत्व ने इसे आवश्यक न समझते हुए वापस लेने का निर्देश दिया। कुछ कार्यकर्ता इस बदले हुए निर्णय से अनजान रहे और कार्यक्रम स्थल पर पहुँच गए।

मंत्री ने आरोप लगाया कि वहाँ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के कार्यकर्ताओं ने वीसीके कार्यकर्ताओं पर पथराव किया और अत्यंत हिंसक व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि वीसीके प्रमुख थोल. थिरुमावलवन हमेशा राजनीतिक हिंसा के विरोधी रहे हैं और उन्होंने कभी इसे प्रश्रय नहीं दिया।

वीसीके-DMK संबंधों पर बयान

वन्नियारासु ने यह भी कहा कि वीसीके और DMK के बीच लंबे समय से राजनीतिक सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ DMK नेताओं की नाराज़गी या असंतोष की वजह उनकी समझ में नहीं आ रही।

मेकेदातु बाँध और कानून-व्यवस्था पर रुख

कर्नाटक की मेकेदातु बाँध परियोजना पर भी मंत्री ने अपनी पार्टी का विरोध दोहराया। उनके अनुसार यह परियोजना किसानों के हित के विरुद्ध है और तमिलनाडु सरकार को इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।

कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के जवाब में वन्नियारासु ने कहा कि नई सरकार को हालात पूरी तरह सँभालने के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने दबे-कुचले समुदायों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने, पुलिस को जाति और धर्म से ऊपर उठकर काम करने और ऑनर किलिंग रोकने के लिए अलग कानून बनाने की माँग भी दोहराई।

आगे क्या

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब तमिलनाडु में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर आंतरिक तनाव को लेकर चर्चाएँ तेज़ हो रही हैं। कुन्नम हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई और वीसीके-DMK संबंधों की दिशा आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी पथराव के आरोप सार्वजनिक रूप से सामने आना असामान्य है। सवाल यह है कि क्या पार्टी नेतृत्व इस आंतरिक तनाव को संस्थागत संवाद से सुलझाएगा, या यह दरार आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करेगी। दबे-कुचले समुदायों की सुरक्षा और ऑनर किलिंग पर वन्नियारासु की माँगें नई नहीं हैं, लेकिन इन्हें हिंसा की पृष्ठभूमि में उठाना राजनीतिक संदेश की धार को और तेज़ करता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुन्नम हिंसा क्या है और यह कब हुई?
कुन्नम हिंसा तमिलनाडु के पेरम्बलुर जिले में हुई एक राजनीतिक झड़प है, जिसमें वीसीके कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर पथराव किया गया। मंत्री वन्नियारासु ने 26 मई 2026 को इस घटना की सार्वजनिक रूप से निंदा की।
वन्नियारासु ने DMK पर क्या आरोप लगाए?
वन्नियारासु ने आरोप लगाया कि DMK कार्यकर्ताओं ने वीसीके कार्यकर्ताओं पर पथराव किया और अत्यंत हिंसक व्यवहार किया। उन्होंने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।
वीसीके और DMK के बीच विवाद की वजह क्या है?
पार्टी नेतृत्व ने एक विरोध प्रदर्शन वापस लेने का निर्देश दिया था, लेकिन कुछ कार्यकर्ता इससे अनजान थे और कार्यक्रम स्थल पर पहुँच गए। इसके बाद हुई हिंसा ने दोनों दलों के बीच तनाव को सतह पर ला दिया।
मेकेदातु बाँध पर वन्नियारासु का क्या रुख है?
वन्नियारासु ने कर्नाटक की मेकेदातु बाँध परियोजना का विरोध दोहराया और कहा कि यह किसानों के हित के विरुद्ध है। उन्होंने तमिलनाडु सरकार से इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की माँग की।
वन्नियारासु ने कानून-व्यवस्था पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि नई सरकार को हालात स्थिर करने के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने ऑनर किलिंग रोकने के लिए अलग कानून बनाने और पुलिस को जाति-धर्म से ऊपर उठकर काम करने की माँग दोहराई।
राष्ट्र प्रेस
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