केरल CM वी.डी. सतीशन की किताब 'आदम नी एविडे आकुन्नु?' की 10,000 प्रतियाँ बिकीं, जुलाई में आएगा अंग्रेजी संस्करण
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की मलयालम पुस्तक 'आदम नी एविडे आकुन्नु?' की 10,000 से अधिक प्रतियाँ प्रकाशन के कुछ ही हफ्तों में बिक चुकी हैं, और अब इसका बहुप्रतीक्षित अंग्रेजी संस्करण जुलाई 2025 में आने की उम्मीद है। डी.सी. बुक्स द्वारा 8 मई को प्रकाशित यह पुस्तक विपक्ष के नेता रहते हुए सतीशन द्वारा विभिन्न ईसाई चर्च कार्यक्रमों में दिए गए भाषणों का संकलन है।
पुस्तक की सामग्री और संरचना
32 अध्यायों वाली इस पुस्तक में विभिन्न चर्चों द्वारा आयोजित करीब 250 कार्यक्रमों में सतीशन के दिए गए भाषण संकलित हैं। पुस्तक की भूमिका महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. साइरिएक थॉमस ने लिखी है।
पुस्तक का शीर्षक उस भाषण से लिया गया है जो सतीशन ने कार्डिनल-नामित आर्चबिशप मार जॉर्ज जैकब कूवाकाड के गृह पैरिश द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में दिया था। यह भाषण सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ था। पुस्तक में शामिल एक अन्य चर्चित भाषण जनवरी 2023 में इंडिया पेंटेकोस्टल चर्च के कुंबनाड सम्मेलन में दिया गया था, जिसका विषय था 'आपका राज्य आए।'
बिक्री के आँकड़े और पाठकों की प्रतिक्रिया
पुस्तक के संपादक और सतीशन के मीडिया सचिव रॉय मैथ्यू के अनुसार, पाठकों से प्रतिक्रिया अत्यंत उत्साहजनक रही है। उन्होंने कहा, 'प्रतिक्रिया बहुत उत्साहजनक रही है। अब तक 10,000 से अधिक प्रतियाँ बिक चुकी हैं। अगले महीने आने वाला अंग्रेजी संस्करण इसे और व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचा सकता है।'
डी.सी. बुक्स के प्रमुख रवि डी.सी. ने बताया कि उनके स्टोर्स के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 250 प्रतियाँ बिक रही हैं। जुलाई में आने वाले अंग्रेजी संस्करण को लेकर भी पाठकों में काफी उत्साह है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह पुस्तक ऐसे समय बाज़ार में आई जब कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने विधानसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज कर वाम मोर्चा सरकार के 10 साल के शासन का अंत किया था। प्रकाशन के समय मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में चर्चाएँ तेज़ थीं — सतीशन के अलावा वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और AICC महासचिव के.सी. वेणुगोपाल भी संभावित दावेदारों में शामिल थे। कई दौर की चर्चाओं के बाद सतीशन को मुख्यमंत्री चुना गया।
लोकप्रियता और आगे की राह
मुख्यमंत्री बनने के बाद विधानसभा में उनके हस्तक्षेप और मीडिया से संवाद की शैली ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है। माना जा रहा है कि इसी बढ़ती लोकप्रियता का सीधा असर पुस्तक की बिक्री पर भी पड़ा है। अंग्रेजी संस्करण के प्रकाशन के साथ यह पुस्तक राष्ट्रीय स्तर पर नए पाठक वर्ग तक पहुँचने की ओर अग्रसर है।