उधमपुर में वीडीसी सदस्य की गोली मारकर हत्या, साथी सदस्य ने चलाई गोली; एक अन्य गंभीर
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के मौंगरी इलाके में शुक्रवार, 14 अगस्त को ग्राम रक्षा समिति (वीडीसी) के एक सदस्य की उसी समूह के एक साथी सदस्य द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि दूसरा सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान बलदेव सिंह और घायल की पहचान रमेश सिंह के रूप में हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब वीडीसी के ये सदस्य दमनोट पुलिस चौकी की ओर जा रहे थे। यात्रा के दौरान कथित तौर पर आपस में बहस छिड़ गई, जिसके बाद आरोपी सदस्य ने अपने दोनों साथियों पर गोली चला दी। पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए जाँच शुरू कर दी है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, 'घटना में शामिल सभी व्यक्ति ग्राम रक्षा समिति (वीडीसी) के सदस्य हैं।' आगे की जाँच जारी है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वीडीसी/वीडीजी क्या है
ग्राम रक्षा समितियाँ (वीडीसी) — जिन्हें अब आधिकारिक तौर पर ग्राम रक्षा गार्ड (वीडीजी) नाम दिया गया है — जम्मू-कश्मीर के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा के लिए 1990 के दशक के मध्य में गठित किए गए थे। इनका मुख्य उद्देश्य कमज़ोर स्थानीय आबादी की रक्षा करना और आतंकवादी हमलों का मुकाबला करना था।
1995 में राज्य सरकार की योजना के तहत स्थापित इन समितियों में स्थानीय स्वयंसेवक, पूर्व सैनिक और पूर्व पुलिसकर्मी शामिल होते हैं। इनका नेतृत्व कई मामलों में एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) करता है और ये स्थानीय जिला पुलिस अधीक्षक के प्रत्यक्ष परिचालन पर्यवेक्षण में कार्य करते हैं।
हथियार और मानदेय व्यवस्था
पुलिस द्वारा वीडीसी सदस्यों को आमतौर पर .303 या आधुनिक राइफलें और गोला-बारूद उपलब्ध कराए जाते हैं। मानदेय के रूप में समूह प्रमुखों को ₹4,500 प्रतिमाह और नियमित सदस्यों को ₹4,000 प्रतिमाह दिए जाते हैं।
घुसपैठ और लक्षित खतरों से सुरक्षा को मज़बूत करने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय ने इस ढाँचे को संशोधित कर इसे औपचारिक रूप से वीडीजी के रूप में अधिसूचित किया है।
आम जनता पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है। वीडीसी सदस्यों को सशस्त्र रखने की नीति — जो सुदूर क्षेत्रों में सुरक्षा की रीढ़ मानी जाती है — के भीतर ही इस तरह की आंतरिक हिंसा की घटना गंभीर सवाल खड़े करती है।
क्या होगा आगे
पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। घायल रमेश सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है। आरोपी सदस्य के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया अधिकारियों के अनुसार चल रही है।