क्या वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का समापन राजकोट में 50 से अधिक सेमिनार के साथ हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- कच्छ एवं सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक निवेश प्लेटफॉर्म।
- वीजीआरसी 2026 में 450 से अधिक प्रदर्शक शामिल हुए।
- 2200 से अधिक बैठकें और 1000 से अधिक एमओयू पर हस्ताक्षर।
- स्थानीय व्यवसायों और उद्यमियों को वैश्विक खरीदारों से जोड़ने का अवसर।
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से गुजरात की समृद्ध विरासत का जश्न।
गांधीनगर, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कच्छ एवं सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) 2026 का समापन सोमवार को मारवाड़ी यूनिवर्सिटी, राजकोट में समापन सत्र के साथ हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की उपस्थिति में इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया था। यह कॉन्फ्रेंस कच्छ एवं सौराष्ट्र के 12 जिलों को कवर करते हुए एक ऐतिहासिक क्षेत्रीय निवेश एवं विकास के प्लेटफॉर्म के रूप में उभरी है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की प्रेरक उपस्थिति में राज्य के कैबिनेट मंत्री कुंवरजीभाई बावळिया, पंचायत एवं ग्राम गृह निर्माण मंत्री ऋषिकेश पटेल, कृषि मंत्री जीतूभाई वाघाणी, वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया, शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा, विधि राज्य मंत्री कौशिक वेकरिया और उद्योग राज्य मंत्री जयराम गामित ने विभिन्न सेमिनारों में भाग लिया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
11 जनवरी को पीएम मोदी ने कच्छ एवं सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल एग्जीबिशन (वीजीआरई) का उद्घाटन किया था। यह प्रदर्शनी, जो 15 जनवरी को समाप्त होगी, नवाचार, उद्यमिता और क्षेत्रीय उत्कृष्टता को प्रदर्शित करने का एक शानदार प्लेटफॉर्म है। 450 से अधिक प्रदर्शक शामिल हैं, जिनमें 160 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), 60 स्टार्टअप्स, 62 कारीगर और केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के 70 स्टॉल शामिल हैं। यह प्रदर्शनी गुजरात की अर्थव्यवस्था की विभिन्न शक्तियों-क्षमताओं को दर्शाती है।
प्रदर्शनी का एक मुख्य आकर्षण रिवर्स बायर्स-सेलर्स मीट (आरबीएसएम) है, जो क्षेत्रीय एमएसएमई को 110 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करती है। पहली बार, कुटीर उद्योग 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ एक विशेष वार्तालाप में शामिल हो रहे हैं, जो वैश्विक स्तर पर पहुंच के लिए नए मार्ग बना रहे हैं। इस कार्यक्रम को जबर्दस्त समर्थन मिला है। पहले दो दिनों में ही 2200 से अधिक बैठकें हुई हैं और 1000 से अधिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे 500 करोड़ रुपए से अधिक का निर्यात व्यापार होने की उम्मीद है।
इस प्रदर्शनी में स्थानीय व्यवसाय, उद्योग जगत के लीडर, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थान और तकनीकी विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं, जो इसे विचारों, नवाचार और अवसरों का जीवंत संगम बनाता है। उद्यमियों, कारीगरों और नवोन्मेषकों को वैश्विक खरीदारों के साथ जोड़कर, वीजीआरई व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए एक अग्रणी केंद्र के रूप में गुजरात की स्थिति को मजबूत करती है।
दो दिनों में 50 से अधिक क्षेत्र-केंद्रित सेमिनार और विषयों के सत्र आयोजित किए गए हैं, जिनमें उद्योगों, कृषि, मत्स्य पालन, पर्यटन, पर्यावरण, स्टार्टअप्स, सस्टेनेबिलिटी और भविष्य की तकनीकों का समावेश किया गया है।
इस वर्ष वीजीआरसी 2026 में चार भागीदार देशों जापान, रवांडा, दक्षिण कोरिया और यूक्रेन के 12 भागीदार संगठनों की भागीदारी रही। राष्ट्रों और संस्थानों की इस सीधी भागीदारी ने गुजरात की क्षेत्रीय विकास वार्ता में वैश्विक विश्वास को प्रदर्शित किया।
उद्घाटन सत्र में मुकेश अंबानी (रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड), बीके गोयनका (वेलस्पन ग्रुप), करण अदानी (अदानी पोर्ट्स और एसईजेड लिमिटेड), पराक्रमसिंह जी. जाडेजा (ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन), समीर मेहता (टोरेंट ग्रुप), प्रशांत रुइया (एस्सार ग्रुप) और रवांडा, यूक्रेन एवं गयाना के राजदूतों और उच्चायुक्तों की उपस्थिती रही।
इस दौरान 7 जिलों में 3543 एकड़ क्षेत्र को कवर करने वाले 13 नए स्मार्ट जीआईडीसी एस्टेट और राजकोट के नागलपर में मेडिकल डिवाइसेज पार्क का लोकार्पण की घोषणाएं हुईं।
ये एस्टेट औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्र-विशिष्ट विकास को बढ़ावा देने की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
11 जनवरी को अटल सरोवर में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता का जश्न मनाया गया, जिससे कॉन्फ्रेंस में एक जीवंत आयाम जुड़ गया।
वीजीआरसी 2026 टिकाऊ क्षेत्रीय विकास और सहयोग के अवसरों की तलाश करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों को सफलतापूर्वक एक साथ लाई है। इसकी मजबूत अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और उल्लेखनीय निवेश प्रतिबद्धताओं के साथ, कॉन्फ्रेंस ने नवाचार, उद्यमिता और वैश्विक संपर्क के पसंदीदा स्थल के रूप में गुजरात की स्थिति को एक बार फिर प्रमाणित किया है।