युवाओं से 'विकसित भारत' के निर्माण में सक्रिय योगदान की अपील: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

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युवाओं से 'विकसित भारत' के निर्माण में सक्रिय योगदान की अपील: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

सारांश

आइजोल में मिजोरम विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने स्नातक छात्रों को 2047 तक 'विकसित भारत' के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचने और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया।

Key Takeaways

  • युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा।
  • नशीले पदार्थों से दूर रहने का आह्वान।
  • मिजोरम विश्वविद्यालय की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना।
  • पूर्वोत्तर भारत के विकास पर जोर।
  • पर्यावरण स्थिरता को बढ़ावा देने की आवश्यकता।

आइजोल, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को आइजोल में मिजोरम विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में भाग लेते हुए स्नातक छात्रों को बधाई दी और उनसे 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का निवेदन किया।

विश्वविद्यालय परिसर की प्राकृतिक खूबसूरती का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि मिजोरम विश्वविद्यालय देश के सबसे सुंदर परिसरों में से एक है, जो इस बात का प्रतीक है कि जब शिक्षा शांति और उद्देश्य पर आधारित होती है, तो क्या कुछ भी हासिल किया जा सकता है।

उपराष्ट्रपति ने पिछले एक दशक में पूर्वोत्तर में आए परिवर्तनों पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस क्षेत्र को भारत के विकास के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आरंभ की गई बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन समेत बेहतर कनेक्टिविटी, और उड़ान और पीएम-डिवाइन जैसी योजनाएं विकास को गति दे रही हैं और क्षेत्र के निवासियों को नए अवसर प्रदान कर रही हैं।

उपराष्ट्रपति ने 2047 तक 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए युवाओं से कहा कि वे नौकरी की तलाश से आगे बढ़कर अवसर सृजन पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने पर्यटन, बांस-आधारित उद्योग, जैविक कृषि, हस्तशिल्प और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में पूर्वोत्तर की अपार संभावनाओं को उजागर किया।

उपराष्ट्रपति ने युवाओं में बढ़ती नशीले पदार्थों की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने और अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने का आह्वान किया। इसके साथ ही, उन्होंने छात्रों को प्रौद्योगिकी और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी और उनसे प्रौद्योगिकी के गुलाम बनने के बजाय इसके स्वामी बनने की प्रेरणा दी।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने मिजोरम की समृद्ध प्राकृतिक धरोहर और उच्च साक्षरता दर की सराहना की। उन्होंने राज्य की मजबूत आदिवासी परंपराओं और पर्यावरण चेतना के लिए प्रशंसा की। उन्होंने मिजोरम विश्वविद्यालय की सौर ऊर्जा पर आधारित संचालन की प्रशंसा करते हुए युवाओं से पर्यावरण स्थिरता को बढ़ावा देने में नेतृत्व की भूमिका निभाने का आग्रह किया।

Point of View

जिसमें उन्होंने युवाओं को विकास में अपनी भूमिका को समझने और नशीले पदार्थों से दूर रहने की प्रेरणा दी। यह एक संवेदनशील मुद्दा है, जो न केवल मिजोरम बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रासंगिक है।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

उपराष्ट्रपति ने युवाओं से क्या अपील की?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने युवाओं से 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
मिजोरम विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में क्या विशेष बातें कही गईं?
उपराष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय की प्राकृतिक सुंदरता और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया, साथ ही नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी।
उपराष्ट्रपति ने पूर्वोत्तर के विकास पर क्या कहा?
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर भारत के विकास को केंद्र में रखा गया है।
युवाओं को किस तरह के उद्योगों पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया गया?
उपराष्ट्रपति ने पर्यटन, बांस-आधारित उद्योग, जैविक कृषि, हस्तशिल्प और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया।
उपराष्ट्रपति ने पर्यावरण के संदर्भ में क्या कहा?
उन्हें मिजोरम विश्वविद्यालय की सौर ऊर्जा पर आधारित संचालन की सराहना की और युवाओं से पर्यावरण स्थिरता को बढ़ावा देने में नेतृत्व की भूमिका निभाने का आग्रह किया।
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