विदर्भ में भीषण हीट वेव: नागपुर समेत कई जिलों में रेड-ऑरेंज अलर्ट, 42-45°C तापमान अगले 2 दिन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 मई 2025 को महाराष्ट्र के नागपुर सहित समूचे विदर्भ क्षेत्र के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए हैं, क्योंकि अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है और अगले दो से तीन दिनों तक राहत की कोई संभावना नहीं है। लगातार जारी इस हीट वेव ने दिन और रात दोनों को असहनीय बना दिया है, क्योंकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर चल रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी और अलर्ट का स्तर
मौसम विभाग के अनुसार, विदर्भ के कई जिलों में रेड अलर्ट और कई अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू है। रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में स्थिति सर्वाधिक गंभीर बताई जा रही है, जहाँ हीट वेव की तीव्रता अधिकतम स्तर पर है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले दो दिनों तक तापमान में कोई उल्लेखनीय गिरावट नहीं आएगी।
नागपुर मौसम विभाग के वैज्ञानिक प्रवीण कुमार ने बताया कि विदर्भ के अधिकांश हिस्सों में हीट वेव जैसी स्थिति लगातार बनी हुई है। उन्होंने कहा, 'खासकर पश्चिमी जिलों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है, जबकि पूर्वी जिलों में भी तापमान लगातार बढ़ा हुआ है।'
दिन और रात — दोनों में गर्मी का कहर
वैज्ञानिक प्रवीण कुमार के अनुसार, इस बार स्थिति इसलिए अधिक कठिन है क्योंकि केवल दिन का अधिकतम तापमान ही नहीं, बल्कि रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। इसका अर्थ है कि लोगों को दिन और रात — दोनों समय — गर्मी से राहत नहीं मिल रही। यह स्थिति बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मजदूरों के लिए विशेष रूप से खतरनाक मानी जाती है।
29 मई से राहत की उम्मीद, येलो अलर्ट भी जारी
मौसम विभाग ने लोगों को आंशिक राहत की उम्मीद भी दी है। वैज्ञानिक प्रवीण कुमार के मुताबिक, 29 मई से मौसम में बदलाव संभव है। 29 और 30 मई को विदर्भ के कुछ हिस्सों में तेज हवाएँ चल सकती हैं और बिजली गिरने की भी संभावना है। इसी को देखते हुए विभाग ने उन तारीखों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मध्य भारत के कई राज्यों में मानसून-पूर्व गर्मी अपने चरम पर होती है और मानसून के आगमन में अभी कुछ सप्ताह शेष रहते हैं।
आम जनता पर असर और सावधानियाँ
मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। हीट स्ट्रोक के लक्षण — जैसे चक्कर आना, अत्यधिक पसीना और भ्रम की स्थिति — दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों में 29 मई के बाद मौसम में बदलाव की संभावना है, जो विदर्भवासियों को इस लू की लहर से कुछ राहत दिला सकता है।