इलियट पार्क से हटी टिन की बाड़, CM सुवेंदु अधिकारी ने पूर्व सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के मध्य में स्थित इलियट पार्क से 6 अगस्त 2026 को 'व्यू-ब्लॉकर' टिन की बाड़ें हटा दी गईं — यह कदम पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर उठाया गया। यह वही पार्क है जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नियमित रूप से सुबह की सैर किया करती थीं। कोलकाता नगर निगम (KMC) ने गुरुवार सुबह से बाड़ हटाने का काम पूरा कर दिया, जिससे चौरंगी रोड की तरफ से पार्क का खुला नज़ारा एक बार फिर आम जनता के लिए सुलभ हो गया।
मुख्यमंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट और पूर्व सरकार पर तंज
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इलियट पार्क की 'पहले और अब' की तुलनात्मक तस्वीरें साझा कीं। एक ओर की तस्वीरों में पार्क के चारों ओर ऊँची टिन की बाड़ दिख रही थी, जबकि दूसरी ओर की तस्वीरों में बाधारहित हरा-भरा नज़ारा नज़र आया।
पोस्ट में उन्होंने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए लिखा, 'मैदान में मौजूद इलियट पार्क की प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और खूबसूरत नज़ारे अब तक आम लोगों की नज़रों से छिपे हुए थे, क्योंकि चौरंगी रोड की तरफ एक ऊँची टिन की बाड़ लगी हुई थी। ऐसा इसलिए किया गया था ताकि पिछली सरकार की एक सम्मानित हस्ती जब सुबह की सैर के लिए वहाँ जाएँ, तो आम जनता उन्हें न देख सके।'
उन्होंने आगे कहा, 'लोगों की संपत्ति लोगों के लिए खुली रहनी चाहिए।' इस कदम के लिए उन्होंने कोलकाता नगर निगम का भी आभार व्यक्त किया।
पुरानी बाड़ को लेकर क्या था विवाद
गौरतलब है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में इलियट पार्क के चारों ओर ऊँची टिन की बाड़ लगाए जाने के फैसले की उस समय भी व्यापक आलोचना हुई थी। सुबह की सैर करने वालों, नागरिक समाज के सदस्यों और आम लोगों ने आरोप लगाया था कि इस बाड़ ने पार्क के खुले और सुंदर नज़ारे को पूरी तरह बाधित कर दिया और आम जनता को हरियाली का आनंद लेने से वंचित कर दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार पूर्व प्रशासन की नीतियों की समीक्षा कर रही है और सार्वजनिक स्थलों तक जन-पहुँच बहाल करने को प्राथमिकता दे रही है।
आम जनता की प्रतिक्रिया
बाड़ हटाए जाने के फैसले का कोलकाता के नागरिकों, विशेष रूप से सुबह की सैर करने वालों ने खुले दिल से स्वागत किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षों बाद उन्हें इलियट पार्क की हरियाली और खुला आकाश बिना किसी रुकावट के देखने को मिल रहा है।
आगे क्या
पार्क में आम नागरिकों की पहुँच पूरी तरह बहाल हो गई है। यह देखना होगा कि क्या राज्य सरकार अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी इसी तरह की पहल करती है। कोलकाता नगर निगम की भूमिका इस पूरे अभियान में महत्वपूर्ण रही है और आगे भी ऐसे कदमों की उम्मीद जताई जा रही है।