ममता बनर्जी ने एलपीजी कीमतों में वृद्धि पर केंद्र को घेरा, कहा- जनता हो रही परेशान
सारांश
Key Takeaways
- एलपीजी की बढ़ती कीमतें आम जनता पर आर्थिक दबाव डाल रही हैं।
- महिलाएं काली साड़ियां पहनकर प्रदर्शन करेंगी।
- कोलकाता की सुरक्षा अन्य शहरों की तुलना में बेहतर है।
- महिलाओं के लिए कई कल्याण योजनाएं लागू की गई हैं।
- भाजपा ने मुख्यमंत्री के दावों को चुनौती दी है।
कोलकाता, ८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की हालिया मूल्यवृद्धि पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को केंद्र सरकार पर कड़ा हमला किया और कहा कि इसकी नीतियों के कारण आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी की नीतियां लोगों को राहत देने में विफल रही हैं, बल्कि उन्हें और भी परेशान कर रही हैं।
उन्होंने कहा, "हम हर स्तर पर जनता के साथ खड़े होने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, केंद्र सरकार और भाजपा का काम केवल लोगों को परेशानी में डालना है। पेट्रोल और एलपीजी की कीमतों में जिस प्रकार से बढ़ोतरी की गई है, वह निश्चित रूप से आम लोगों के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालेगी।"
सीएम ने बताया कि इन बढ़ती कीमतों के खिलाफ राज्यभर में महिलाएं प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और लड़कियां विरोध के प्रतीक के रूप में काली साड़ियां पहनकर सड़कों पर उतरेंगी।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए हर दिन महिला दिवस के समान है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा, "जिस समाज में लड़कियां समृद्ध नहीं हैं, वह कभी भी समृद्ध नहीं हो सकता। इसलिए पश्चिम बंगाल सरकार ने शुरुआत से ही कई अभूतपूर्व योजनाएं शुरू की हैं, ताकि महिलाएं जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।"
उन्होंने पिछले १५ वर्षों के दौरान टीएमसी की सरकार द्वारा शुरू की गई महिला-विशिष्ट कल्याण योजनाओं की चर्चा की।
सीएम ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं की शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए कई योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ लाखों महिलाओं को मिल रहा है।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि महिलाओं की सुरक्षा के मामले में पश्चिम बंगाल की स्थिति देश के अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यह भी स्वीकार किया है कि कोलकाता देश के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक है।
महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए, कोलकाता पुलिस ने हाल ही में "पिंक बूथ" और पूरी तरह से महिलाओं द्वारा संचालित "शाइनिंग" मोबाइल सेवाएं शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को रात के समय अधिक सुरक्षित महसूस कराना है।
हालांकि, मुख्यमंत्री के इन दावों पर भाजपा के पश्चिम बंगाल इकाई के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति मुख्यमंत्री के दावों के विपरीत है और रोजाना सामने आने वाले जघन्य बलात्कार और हत्या के मामलों से यह स्पष्ट होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में अपराधियों के तार सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों से जुड़े पाए गए हैं।