सीएम विजय का श्रीपेरंबदूर-ओरगदम इंडस्ट्रियल कॉरिडोर दौरा, सेंट-गोबेन से निसान तक लेंगे जायजा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय सोमवार, 4 अगस्त 2026 को श्रीपेरंबदूर-ओरगदम इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों का दौरा करेंगे। यह दौरा राज्य सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत तमिलनाडु को एक अग्रणी औद्योगिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने, नए निवेश आकर्षित करने और मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने पर जोर दिया जा रहा है।
दौरे का कार्यक्रम
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय अपनी यात्रा इरुंगट्टुकोट्टई स्थित सेंट-गोबेन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वर्ल्ड ग्लास कॉम्प्लेक्स से शुरू करेंगे, जो श्रीपेरंबदूर के समीप है। यह परिसर देश में कंपनी की प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में से एक है। वहाँ वे अधिकारियों से बातचीत कर कामकाज का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करेंगे।
इसके बाद मुख्यमंत्री मंबक्कम में स्टेट इंडस्ट्रीज प्रमोशन कॉरपोरेशन ऑफ तमिलनाडु (SIPCOT) के परियोजना कार्यालय का दौरा करेंगे। यहाँ वे क्षेत्र में जारी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और औद्योगिक विकास की पहलों की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों द्वारा उन्हें औद्योगिक एस्टेट में उपलब्ध सुविधाओं और संभावित निवेशकों को दिए जा रहे समर्थन के बारे में विस्तृत जानकारी दिए जाने की संभावना है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर पर विशेष ध्यान
कार्यक्रम के अगले चरण में मुख्यमंत्री ओरगदम पहुँचेंगे, जहाँ वे डेमलर बसेस इंडिया की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का निरीक्षण करेंगे। यह संयंत्र उस ऑटोमोबाइल और कमर्शियल व्हीकल इकोसिस्टम का अभिन्न हिस्सा है, जिसने श्रीपेरंबदूर-ओरगदम बेल्ट को एक बड़े औद्योगिक केंद्र में रूपांतरित किया है।
इसी दौरे के अंतर्गत विजय निसान ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का भी दौरा करेंगे। यह इस कॉरिडोर में मौजूद बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के परिचालन का आकलन करने की उनकी व्यापक कोशिश का हिस्सा है।
श्रीपेरंबदूर-ओरगदम: तमिलनाडु का औद्योगिक इंजन
श्रीपेरंबदूर-ओरगदम बेल्ट पिछले कुछ वर्षों में तमिलनाडु के सबसे बड़े औद्योगिक क्लस्टरों में से एक के रूप में उभरा है। यहाँ ऑटोमोबाइल, ऑटो-कंपोनेंट, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों की बड़ी बहुराष्ट्रीय और घरेलू कंपनियाँ कार्यरत हैं। चेन्नई, बंदरगाहों और प्रमुख राजमार्गों से निकटता ने इस इलाके को घरेलू और विदेशी निवेश का पसंदीदा ठिकाना बना दिया है, साथ ही यहाँ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी हुआ है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार इस कॉरिडोर में कनेक्टिविटी और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को उन्नत करने में सक्रिय रूप से निवेश कर रही है, ताकि नए उद्यमों के लिए जगह बनाई जा सके और मौजूदा कंपनियों को अपना विस्तार करने के लिए प्रेरित किया जा सके।
दौरे का उद्देश्य और आगे की राह
अधिकारियों के अनुसार, यह दौरा मुख्यमंत्री को बड़ी उद्योग इकाइयों की ज़रूरतों का सीधे आकलन करने और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की प्रगति की समीक्षा करने का अवसर देगा। यह दौरा उन सरकारी प्रयासों को भी बल देगा जिनसे तमिलनाडु की स्थिति एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग गंतव्य के रूप में और मजबूत होगी, और पहले से कार्यरत कंपनियों को अपना निवेश बढ़ाने तथा अतिरिक्त रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।