कांचीपुरम में ₹175 करोड़ की सेमीकंडक्टर फैसिलिटी, 5,000 रोजगार का लक्ष्य: CM विजय
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 31 अगस्त को घोषणा की कि कांचीपुरम जिले के मधुरमंगलम में ₹175 करोड़ की अनुमानित लागत से एक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी। यह परियोजना तमिलनाडु राज्य उद्योग संवर्धन निगम लिमिटेड (SIPCOT) के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी और इससे राज्य की वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में हिस्सेदारी बढ़ाने की उम्मीद है।
मुख्य परियोजना: क्या बनेगा कांचीपुरम में
मुख्यमंत्री विजय ने कहा, 'इस सेक्टर में हमारे राज्य की हिस्सेदारी को बढ़ाने के लिए, कांचीपुरम जिले के मधुरमंगलम में SIPCOT के जरिए ₹175 करोड़ की अनुमानित लागत से एक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी।' इस परियोजना के अंतर्गत उद्योगों की स्थापना को सरल बनाने के लिए विश्व-स्तरीय रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सुविधाएँ भी विकसित की जाएंगी।
सरकारी अनुमान के अनुसार, इस फैसिलिटी के माध्यम से सेक्टर में ₹2,000 करोड़ तक का निवेश आकर्षित होने की संभावना है। साथ ही, 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का लक्ष्य रखा गया है।
कोयंबटूर में डिजिटल फाइनेंस सेंटर की भी घोषणा
मुख्यमंत्री विजय ने कोयंबटूर में तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (TIDCO) के माध्यम से पब्लिक-प्राइवेट भागीदारी के तहत ₹400 करोड़ की लागत से एक 'डिजिटल फाइनेंस सेंटर' स्थापित करने की भी घोषणा की। इस केंद्र का उद्देश्य इनोवेटिव डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज विकसित करना है।
प्रस्तावित डिजिटल फाइनेंस सेंटर में ऑफिस स्पेस, कंपनियों के लिए इनक्यूबेशन सुविधाएँ, आधुनिक प्रयोगशालाएँ, प्रशिक्षण एवं कौशल-विकास केंद्र और अन्य उन्नत बुनियादी ढाँचा शामिल होगा। यह परियोजना कोयंबटूर जिले में फाइनेंशियल और फिनटेक क्षेत्र में वैश्विक निवेश को आकर्षित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
तिरुचिरापल्ली में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सेंटर की योजना
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि तिरुचिरापल्ली की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति और आसपास के जिलों में स्थापित प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को देखते हुए, TIDCO एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर तिरुचिरापल्ली क्षेत्र में एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सेंटर स्थापित किया जाएगा।
गौरतलब है कि 2026–27 के राज्य बजट में ही सरकार ने तमिलनाडु भर में प्रमुख स्थानों पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, मल्टीमॉडल टर्मिनल और ड्राई पोर्ट स्थापित करने की मंशा जाहिर की थी। तिरुचिरापल्ली की यह परियोजना उसी दिशा में एक ठोस कदम है।
आम जनता और उद्योग पर असर
ये तीनों घोषणाएँ — कांचीपुरम की सेमीकंडक्टर फैसिलिटी, कोयंबटूर का डिजिटल फाइनेंस सेंटर और तिरुचिरापल्ली का लॉजिस्टिक्स हब — मिलकर तमिलनाडु को दक्षिण भारत के प्रमुख टेक-मैन्युफैक्चरिंग गंतव्य के रूप में स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए राज्यों को प्रोत्साहित कर रही है।
आगामी महीनों में DPR और क्रियान्वयन की समयसीमा स्पष्ट होने पर इन परियोजनाओं की व्यावहारिक प्रगति का आकलन किया जा सकेगा।