तमिलनाडु के 6 मछुआरे श्रीलंकाई नौसेना की गिरफ्त में, CM विजय ने जयशंकर से तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप माँगा

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तमिलनाडु के 6 मछुआरे श्रीलंकाई नौसेना की गिरफ्त में, CM विजय ने जयशंकर से तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप माँगा

सारांश

तमिलनाडु के CM विजय ने विदेश मंत्री जयशंकर को पत्र लिखकर श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार 6 मछुआरों की तत्काल रिहाई की माँग की है। पहले से 54 मछुआरे श्रीलंका की जेलों में बंद हैं और 264 नावें जब्त हैं — यह संकट तटीय समुदायों की आजीविका पर गहरा असर डाल रहा है।

मुख्य बातें

जोसेफ विजय ने 12 मई को विदेश मंत्री एस.
जयशंकर को पत्र लिखकर तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की माँग की।
रामनाथपुरम जिले के मंडपम से 6 मछुआरे — एलेक्स, एंथनी राजन, संथाना अरोकीयास, अरुल डी'ब्रिटो, अल्बर्ट और सहाय सेल्वासानु — श्रीलंकाई नौसेना की हिरासत में हैं।
मछुआरे 10 मई को समुद्र में गए थे और 12 मई को गिरफ्तार किए गए।
वर्तमान में 54 तमिलनाडु मछुआरे श्रीलंका की जेलों में बंद हैं और 264 नावें जब्त हैं।
तमिलनाडु सरकार ने स्थायी कूटनीतिक एवं मानवीय समाधान की माँग की है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार, 12 मई को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की माँग की है, ताकि श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार किए गए राज्य के छह मछुआरों की रिहाई और उनकी जब्त नाव की वापसी सुनिश्चित हो सके। ये मछुआरे रामनाथपुरम जिले के मंडपम तटीय क्षेत्र के निवासी हैं और इन पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पार करने का आरोप लगाया गया है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

पत्र के अनुसार, ये छह मछुआरे 10 मई को मंडपम तट से एक देशी नाव में सामान्य मछली पकड़ने के लिए समुद्र में गए थे। 12 मई को श्रीलंकाई नौसेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार मछुआरों की पहचान एलेक्स, एंथनी राजन, संथाना अरोकीयास, अरुल डी'ब्रिटो, अल्बर्ट और सहाय सेल्वासानु के रूप में की गई है।

व्यापक संकट की तस्वीर

मुख्यमंत्री विजय ने अपने पत्र में बताया कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। वर्तमान में 54 तमिलनाडु मछुआरे पहले की गिरफ्तारियों के बाद श्रीलंका की जेलों में बंद हैं। इसके अतिरिक्त, श्रीलंकाई अधिकारियों ने अब तक तमिलनाडु के मछुआरों की 264 नावें जब्त की हैं। उन्होंने इसे एक गंभीर मानवीय और आजीविका संकट करार दिया, जो पॉक खाड़ी क्षेत्र पर निर्भर सैकड़ों मछुआरा परिवारों को प्रभावित कर रहा है।

सरकार की माँग और रुख

सीएम विजय ने विदेश मंत्री जयशंकर से आग्रह किया कि वे श्रीलंका सरकार से कूटनीतिक माध्यमों से बात कर मछुआरों की तत्काल रिहाई और उनकी नावों की वापसी सुनिश्चित करें। तमिलनाडु सरकार का लगातार यह रुख रहा है कि पारंपरिक मछुआरों की आजीविका के मुद्दों को संवेदनशीलता से देखा जाए और भविष्य में ऐसी गिरफ्तारियों को रोकने के लिए स्थायी कूटनीतिक एवं मानवीय समाधान निकाला जाए।

पृष्ठभूमि और कूटनीतिक संदर्भ

यह पत्र ऐसे समय में आया है जब पाक जलडमरूमध्य क्षेत्र में मछुआरों और श्रीलंकाई नौसेना के बीच तनाव की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि भारत और श्रीलंका के बीच इस दीर्घकालिक मत्स्य विवाद पर कई दौर की द्विपक्षीय वार्ता हो चुकी है, फिर भी ज़मीनी स्थिति में ठोस सुधार नहीं आया है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच समग्र संबंध सामान्यीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जो इस मुद्दे के कूटनीतिक समाधान को और अधिक अनिवार्य बनाता है।

आगे की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सीमा पर मछली पकड़ने के अधिकारों को लेकर कोई स्थायी द्विपक्षीय ढाँचा नहीं बनता, तब तक इस तरह की गिरफ्तारियाँ जारी रहेंगी। तमिलनाडु के तटीय समुदायों की नज़रें अब केंद्र सरकार की कूटनीतिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर हर बार पत्र लिखे जाते हैं, बयान आते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नदारद रहता है। 54 मछुआरे पहले से जेल में और 264 नावें जब्त — ये आँकड़े बताते हैं कि कूटनीतिक प्रयास अब तक केवल सतही रहे हैं। असली सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार इस बार श्रीलंका के साथ किसी बाध्यकारी द्विपक्षीय ढाँचे की दिशा में कदम उठाएगी, या फिर यह भी महज़ एक और पत्र-व्यवहार बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के कितने मछुआरों को गिरफ्तार किया है?
12 मई को रामनाथपुरम जिले के मंडपम से 6 मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने हिरासत में लिया। इसके अलावा, पहले की गिरफ्तारियों के बाद 54 तमिलनाडु मछुआरे पहले से श्रीलंका की जेलों में बंद हैं।
CM विजय ने जयशंकर को पत्र क्यों लिखा?
CM विजय ने विदेश मंत्री जयशंकर से तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की माँग करते हुए गिरफ्तार 6 मछुआरों की रिहाई और जब्त नाव की वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने इसे एक गंभीर मानवीय और आजीविका संकट बताया जो पॉक खाड़ी क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों को प्रभावित कर रहा है।
तमिलनाडु के कितने मछुआरों की नावें श्रीलंका ने जब्त की हैं?
CM विजय के पत्र के अनुसार, श्रीलंकाई अधिकारियों ने अब तक तमिलनाडु के मछुआरों की 264 नावें जब्त की हैं। यह आँकड़ा तटीय समुदायों की आजीविका पर संकट की गहराई को दर्शाता है।
पाक जलडमरूमध्य मत्स्य विवाद क्या है?
पाक जलडमरूमध्य भारत और श्रीलंका के बीच की समुद्री सीमा है, जहाँ दोनों देशों के मछुआरे पारंपरिक रूप से मछली पकड़ते आए हैं। भारतीय मछुआरों पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पार करने के आरोप में श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तारी एक दीर्घकालिक विवाद है, जिस पर कई दौर की द्विपक्षीय वार्ता हो चुकी है।
गिरफ्तार मछुआरों के नाम क्या हैं?
गिरफ्तार छह मछुआरों की पहचान एलेक्स, एंथनी राजन, संथाना अरोकीयास, अरुल डी'ब्रिटो, अल्बर्ट और सहाय सेल्वासानु के रूप में की गई है। ये सभी रामनाथपुरम जिले के मंडपम तटीय क्षेत्र के निवासी हैं।
राष्ट्र प्रेस