12 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ECI विवाद पर विश्वास सारंग का तीखा सवाल: 'खामी थी तो राहुल-प्रियंका संसद कैसे पहुँचे?'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ECI विवाद पर विश्वास सारंग का तीखा सवाल: 'खामी थी तो राहुल-प्रियंका संसद कैसे पहुँचे?'

सारांश

ECI के SIR विवाद पर इंडिया ब्लॉक के मार्च के बीच MP मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस को घेरा — सवाल किया कि अगर चुनाव आयोग में खामी थी, तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी संसद तक कैसे पहुँचे? विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने 12 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस पर अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया।
सारंग ने सवाल किया कि ECI में खामी थी तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा संसद कैसे पहुँचे।
इंडिया ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की माँग की और सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार किया; कानूनी प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा विपक्ष सुप्रीम कोर्ट को ज्ञापन सौंपेगा।

मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस पर देश में अव्यवस्था और भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए तीखा पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) सही तरीके से कार्य नहीं कर रहा था, तो लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा संसद तक कैसे पहुँचे।

विवाद की पृष्ठभूमि

सारंग की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक गठबंधन के उस मार्च के बीच आई, जिसमें विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विवाद को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की माँग की है। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए चुनावी सूचियों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का समय भी माँगा था। हालाँकि, मुख्य न्यायाधीश ने उनका अनुरोध अस्वीकार करते हुए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत याचिका दायर कर अदालत का दरवाज़ा खटखटाने की सलाह दी।

सारंग का पलटवार

मंत्री सारंग ने अपने बयान में कहा, 'अराजकता फैलाना राहुल गांधी की आदत बन चुका है। यदि चुनाव आयोग में खामी थी, तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी लोकसभा तक कैसे पहुँचे? हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और केरल में आपकी सरकारें कैसे बनीं? भ्रम और अव्यवस्था फैलाना राहुल गांधी की आदत है और वह लगातार देश में विभाजनकारी राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं।' भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ECI की पुनरीक्षण प्रक्रिया का बचाव करते हुए कांग्रेस पर मुद्दे के राजनीतिकरण का आरोप लगाया है।

विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट मार्च

राहुल गांधी ने घोषणा की कि विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करेंगे और कानूनी प्रक्रिया शुरू करेंगे। उन्होंने संविधान और लोकतंत्र के समर्थन में आम नागरिकों से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के अन्य नेताओं को लेकर एक बस कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया से सुप्रीम कोर्ट के लिए रवाना हुई।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पत्रकारों से कहा, 'हम सुप्रीम कोर्ट को एक ज्ञापन सौंपना चाहते हैं। इसलिए पूरा विपक्ष सामूहिक रूप से बाराखंभा रोड की ओर जा रहा है।'

कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि BJP सत्ता खोने के डर से घबराई हुई है। उन्होंने कहा, 'भाजपा डरी हुई है। उन्हें पता है कि सत्ता उनके पास ज़्यादा समय तक नहीं रहने वाली है।' गौरतलब है कि SIR विवाद पर यह टकराव ऐसे समय में तेज़ हुआ है जब कई राज्यों में चुनावी सरगर्मियाँ बढ़ रही हैं।

आगे क्या

ECI की पुनरीक्षण प्रक्रिया और इंडिया ब्लॉक की कानूनी याचिका का भविष्य अब सुप्रीम कोर्ट के रुख पर निर्भर करेगा। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह विवाद आगामी चुनावों से पहले विपक्ष के लिए एक केंद्रीय मुद्दा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ECI के SIR विवाद की मूल गंभीरता को टाल देता है — मुद्दा व्यक्तिगत जीत-हार का नहीं, बल्कि प्रणालीगत पारदर्शिता का है। गौरतलब है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण पर उठ रहे सवाल सिर्फ विपक्ष के नहीं, स्वतंत्र चुनाव विश्लेषकों के भी हैं। मुख्य न्यायाधीश का इनकार विपक्ष के लिए झटका ज़रूर है, लेकिन यह मुद्दे की वैधता पर निर्णय नहीं है। असली परीक्षा यह है कि सुप्रीम कोर्ट SIR प्रक्रिया की न्यायिक समीक्षा पर क्या रुख अपनाता है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ECI का SIR विवाद क्या है?
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा आयोजित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक मतदाता सूची अद्यतन प्रक्रिया है, जिस पर विपक्षी दलों ने गड़बड़ियों और मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है। इस विवाद के कारण इंडिया ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की है।
विश्वास सारंग ने राहुल गांधी पर क्या सवाल उठाया?
मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने 12 अक्टूबर 2026 को कहा कि अगर ECI में खामी थी, तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा लोकसभा तक कैसे पहुँचे और हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक व केरल में कांग्रेस की सरकारें कैसे बनीं। उनका तर्क था कि कांग्रेस अव्यवस्था और राजनीतिक भ्रम फैला रही है।
इंडिया ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट मार्च क्यों किया?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा मुलाकात का अनुरोध अस्वीकार किए जाने के बाद, राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेता कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया से बस में सवार होकर सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। उनका उद्देश्य SIR विवाद को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में ज्ञापन सौंपना और कानूनी प्रक्रिया शुरू करना था।
मुख्य न्यायाधीश ने विपक्षी नेताओं से मिलने से क्यों मना किया?
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इंडिया ब्लॉक नेताओं का मुलाकात अनुरोध अस्वीकार कर दिया और उन्हें निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत याचिका दायर करने की सलाह दी। यह न्यायपालिका की स्वतंत्र प्रक्रिया के अनुरूप सामान्य प्रोटोकॉल है।
ECI विवाद पर BJP का क्या रुख है?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ECI की SIR प्रक्रिया का पूर्ण समर्थन किया है और कांग्रेस पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। BJP के अनुसार, कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक भ्रम और अशांति फैला रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 6 दिन पहले
  5. 6 दिन पहले
  6. 6 दिन पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 1 साल पहले