उधमपुर में सौतेले बेटे ने सुषमा देवी पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, 70% जली महिला की मौत
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में 42 वर्षीय सुषमा देवी की मौत हो गई, जब उनके सौतेले बेटे ने कथित तौर पर उन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। बुधवार शाम हाउसिंग कॉलोनी इलाके में घटी इस घटना के बाद महिला के शरीर का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा जल गया था। इलाज के दौरान गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जम्मू में उनकी मृत्यु हो गई।
घटनाक्रम
पुलिस के बयान के अनुसार, बुधवार शाम उधमपुर के हाउसिंग कॉलोनी इलाके में स्थित आरोपी के घर के भीतर यह वारदात हुई। आरोपी की पहचान मोक्ष वर्मा के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर अपनी सौतेली माँ सुषमा देवी पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाई।
पड़ोसियों और परिजनों ने सुषमा देवी को तत्काल उधमपुर के जिला अस्पताल पहुँचाया। जलने की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जम्मू रेफर कर दिया, जहाँ बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
गिरफ्तारी और जाँच
पुलिस ने मोक्ष वर्मा को घटना के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस हमले से जुड़ी सभी परिस्थितियों की विस्तृत जाँच शुरू कर दी गई है। हमले के पीछे की वजह अभी तक आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है।
जम्मू-कश्मीर में किशोर अपराध का संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में किशोरों द्वारा कानून तोड़ने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2020 में ऐसे 171 मामले थे, जो 2021 में 323 और 2022 में 361 तक पहुँच गए।
2024 में इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज-कश्मीर द्वारा किशोर अपराधियों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि इनके विरुद्ध मुख्य रूप से यूएपीए, आर्म्स एक्ट और पोक्सो एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए थे।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
केंद्रशासित प्रदेश के कानूनी और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि न्याय प्रणाली में आने वाले किशोरों में से एक बड़ा हिस्सा पहली बार अपराध करने वाला होता है। इसके पीछे मुख्य कारण पारिवारिक कलह, गंभीर आर्थिक तंगी और माता-पिता के मार्गदर्शन की कमी बताए गए हैं, न कि कोई आदतन आपराधिक प्रवृत्ति।
पुलिस ने मामले की जाँच जारी रखी है और आगे की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।