वजीरपुर कारखाने में 47 वर्षीय विवाहित व्यक्ति ने खुद को आग लगाई, शादी का प्रस्ताव ठुकराने पर हुई मौत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर-पश्चिम दिल्ली के वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक बर्तन कारखाने में 7 नवंबर 2026 को 47 वर्षीय एक विवाहित व्यक्ति ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मृतक ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें उसके दोस्त की 20 वर्षीय बेटी द्वारा शादी का प्रस्ताव ठुकराने और कथित 'दोस्ती' के टूटने को आत्महत्या का कारण बताया गया है।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि
मृतक की पहचान संदीप के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले का निवासी था। संदीप अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ वहीं रहता था और वजीरपुर के बर्तन कारखाने में काम करता था। पुलिस के अनुसार, वह अक्सर अपने एक दोस्त के घर जाता था, जहाँ उसकी दोस्त की बेटी से उसकी जान-पहचान हुई।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक, वह युवती भी उसी बर्तन कारखाने में कार्यरत है और दिल्ली में अकेली रहती है। संदीप नियमित रूप से फोन पर उससे संपर्क में रहता था, लेकिन कुछ समय से युवती ने उससे बात करना बंद कर दिया था। इससे व्यथित होकर वह गुरुवार को दिल्ली पहुँचा।
शुक्रवार को संदीप पेट्रोल की दो बोतलें लेकर कारखाने पहुँचा और युवती के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। पुलिस के अनुसार, जब युवती ने प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया, तो उसने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली।
कारखाने के कर्मचारियों ने चीखें सुनकर तत्काल आग बुझाई और संदीप को दीप चंद बंधु अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सुसाइड नोट और पुलिस जाँच
जाँच के दौरान पुलिस को एक आत्महत्या पत्र मिला जिसमें संदीप ने अपनी 'दोस्ती' के टूटने के लिए उस युवती को जिम्मेदार ठहराया है। हालाँकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवती ने संदीप के साथ किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मृतक के परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है।
गौरतलब है कि नोट में लगाए गए आरोपों को एकपक्षीय माना जा रहा है क्योंकि युवती ने किसी भी संबंध से इनकार किया है। पुलिस ने मामले की आगे की जाँच जारी रखी है।
एक अन्य संबंधित घटना
इसी सप्ताह कानपुर में भी इसी प्रकार की एक घटना सामने आई। मंगलवार को एक 25 वर्षीय युवक ने अपनी विवाहित परिचिता के घर जाकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि जब उसके वहाँ होने का पता चलने का खतरा उत्पन्न हुआ, तो उसने हताशा में यह कदम उठाया। ये दोनों घटनाएँ एकतरफा आसक्ति से उत्पन्न मानसिक संकट की गंभीरता को उजागर करती हैं।
आगे की स्थिति
दिल्ली पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जाँच कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और समय पर परामर्श की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मृतक के परिवार को सूचित किए जाने के बाद अब पुलिस की जाँच पोस्टमार्टम रिपोर्ट और युवती के बयान के आधार पर आगे बढ़ेगी।