बंगाल-असम-पुडुचेरी जीत पर झारखंड BJP का जश्न, मरांडी बोले — 'TMC के गुंडा राज का अंत'
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 4 मई, सोमवार की शाम रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत का उत्साहपूर्वक जश्न मनाया। नेताओं ने मिठाइयाँ बाँटीं, एक-दूसरे को गुलाल लगाया और इस जीत को राष्ट्रवाद तथा विकास की विजय करार दिया। वरिष्ठ नेताओं ने एकमत होकर इसे लोकतंत्र में जनता के विश्वास की अभिव्यक्ति बताया।
मरांडी का बयान — 'TMC के गुंडा राज के खिलाफ जनादेश'
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बंगाल की जनता को बधाई देते हुए कहा कि यह जनादेश तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कथित 'गुंडा राज', सिंडिकेट सिस्टम, महिला असुरक्षा और घुसपैठ की समस्याओं के विरुद्ध है। मरांडी ने कहा कि बंगाल अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ नई ऊँचाइयाँ छूने के लिए तैयार है। उन्होंने असम की जीत पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को भी बधाई दी और कहा कि वहाँ की जनता ने शांति, सुरक्षा और सतत विकास के पक्ष में मतदान किया है।
अर्जुन मुंडा ने बताया — 'राष्ट्रभक्ति और संघर्ष का प्रतीक'
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने बंगाल की जीत को वर्षों के संघर्ष और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 2021 के विधानसभा चुनाव से शुरू हुआ कार्यकर्ताओं का साहस आज इस बड़े परिवर्तन की नींव बना है। मुंडा ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के परिश्रम को दिया। उन्होंने यह भी कहा कि असम और पुडुचेरी में BJP को मिला दोबारा जनादेश विकास की राजनीति पर जनता की मुहर है।
रघुवर दास ने जोड़ा ऐतिहासिक संदर्भ
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बंगाल की जीत को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों और अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों की सार्थकता बताया। उन्होंने विशेष रूप से बंगाल की 'मातृशक्ति' का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने साहस के साथ इस परिवर्तन का समर्थन किया। दास ने कहा कि यह जीत केवल राजनीतिक विजय नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और बदलाव की आकांक्षा की जीत है। उन्होंने असम और पुडुचेरी की जनता के प्रति भी शानदार जीत के लिए आभार प्रकट किया।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में BJP विपक्ष की भूमिका में है और राज्य में अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि तीन राज्यों में मिली यह जीत पार्टी के लिए न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि झारखंड जैसे राज्यों में भी मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है। पार्टी नेताओं के अनुसार, यह परिणाम आगामी चुनावी रणनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।