योगी ने गोरखपुर में 9.18 लाख किसानों को ₹493 करोड़ हस्तांतरित किए, सपा पर हुदहुद राहत घोटाले का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित 9,18,091 किसानों के खातों में ₹493 करोड़ का कृषि निवेश अनुदान सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किया। इस अवसर पर उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर 2014 के हुदहुद चक्रवात राहत में ₹3,200 करोड़ में से केवल ₹800 करोड़ किसानों तक पहुँचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों का पैसा हजम करने वालों को उन्हीं का श्राप ले डूबा।
मुख्य घटनाक्रम
योगी ने कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि डबल इंजन सरकार ने महज आठ से दस दिन में किसानों को आपदा मुआवजा उपलब्ध कराया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बरसात के मौसम में आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को करीब ₹1,000 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है। इससे पूर्व 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए ₹78 करोड़ तथा जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में ₹225.93 करोड़ वितरित किए गए थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन जिलों में अतिवृष्टि हुई है, वहाँ 15 अक्टूबर से धान, ज्वार, बाजरा और मक्का के क्रय केंद्र खोले जाएँगे, जबकि अन्य जिलों में खरीद सोमवार से ही शुरू हो गई है। किसानों की उपज खरीदने की कोई सीमा नहीं होगी और भुगतान सीधे खाते में पहुँचेगा।
सपा और कांग्रेस पर आरोप
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2014 में हुदहुद चक्रवात के समय केंद्र सरकार ने ₹3,200 करोड़ भेजे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार केवल ₹800 करोड़ ही किसानों तक पहुँचा सकी। शेष ₹2,400 करोड़ का हिसाब नहीं मिला। 2017 में सत्ता में आने के बाद उन्होंने इस मामले की जाँच कराई और अलग से धनराशि की व्यवस्था कर किसानों को बकाया मुआवजा दिलाया।
उन्होंने कांग्रेस शासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले ₹100 भेजे जाते थे तो लाभार्थी तक केवल ₹15 पहुँचते थे — एक बात जो स्वयं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी स्वीकार की थी। उन्होंने जोड़ा कि अब जिस किसान को ₹25,000 स्वीकृत होते हैं, उसके खाते में पूरे ₹25,000 पहुँचते हैं — न बिचौलिया, न कटौती।
आपदा राहत की विस्तृत योजना
योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से कटान रोकने के कार्य तत्काल शुरू किए जाएँ। पीडब्ल्यूडी, नगर विकास विभाग और विकास प्राधिकरण को मौसम साफ होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा राहत और आवागमन बहाल करने के लिए जितनी भी धनराशि चाहिए, सरकार उपलब्ध कराएगी।
आपदा में जनहानि होने पर परिवार को 24 घंटे के भीतर ₹4 लाख उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। आकाशीय बिजली समेत दुर्घटनाओं में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत ₹5 लाख की सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त आवासों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना से ₹1.20 लाख अलग से दिए जा रहे हैं। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम और रेन गेज भी लगाए गए हैं।
किसान कल्याण के दीर्घकालिक दावे
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार 86 लाख किसानों का ₹36,000 करोड़ कर्ज माफ कर चुकी है। 16 लाख निजी नलकूपों की बिजली निःशुल्क की गई है और 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि योगी सरकार ने कृषि क्षेत्र में अब तक ₹69,163 करोड़ खर्च किए हैं। गन्ने का मूल्य ₹280 से बढ़ाकर ₹400 प्रति क्विंटल किया गया है और गन्ना किसानों को कुल ₹3.25 लाख करोड़ का भुगतान हुआ है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से नौ वर्षों में ₹6,125 करोड़ की क्षतिपूर्ति दी गई है।
अन्य कार्यक्रम
सांसद रवि किशन ने कहा कि पिछली सरकारों में किसान कर्ज और आर्थिक संकट से परेशान रहते थे, जबकि अब संकट आने पर सरकार उनके साथ खड़ी रहती है। कार्यक्रम में सदर क्षेत्र की रेशमा देवी, चंदन कुमार पासवान, इंद्रावती, सविता देवी, चुन्नी देवी, सीमा देवी और कैंपियरगंज के बहराइची, बेचन प्रसाद, जोकखन, संपत, परमहंस सहित गोला क्षेत्र के गिरजापति त्रिपाठी, कमलेश, रामदरश, जनार्दन प्रसाद और राणा प्रताप सिंह को प्रतीकात्मक चेक सौंपे गए।
मुख्यमंत्री योगी ने मिशन शक्ति के छठे चरण के अंतर्गत जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के स्टॉलों का अवलोकन भी किया। सरकार के तेज और पारदर्शी वितरण के दावों की परीक्षा अब क्षेत्रीय स्तर पर क्रय केंद्रों के संचालन से होगी।