10 अक्टूबर 2026
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यूपी में किसानों को बीज से बाजार तक सुविधा: सीएम योगी का दावा, 2017 से ₹1,03,833 करोड़ का सीधा भुगतान

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यूपी में किसानों को बीज से बाजार तक सुविधा: सीएम योगी का दावा, 2017 से ₹1,03,833 करोड़ का सीधा भुगतान

सारांश

सीएम योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि 2017 से अब तक 80 लाख से अधिक किसानों को ₹1,03,833 करोड़ का सीधा भुगतान हुआ और कृषि विकास दर 8% से 18% पहुँची। धान एमएसपी में ₹71/क्विंटल की बढ़ोतरी के साथ यूपी सरकार 'बीज से बाजार तक' के नैरेटिव को मज़बूत कर रही है।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 10 अक्टूबर 2026 को एक्स पोस्ट के ज़रिए यूपी में किसान कल्याण की उपलब्धियाँ गिनाईं।
2017 से मार्च 2026 के बीच 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद और ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का सीधा भुगतान।
राज्य की कृषि विकास दर 8% से बढ़कर 18% होने का दावा; खाद्यान्न उत्पादन में 21% राष्ट्रीय योगदान।
दूध, गन्ना और गेहूं उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर।
इस सीजन धान के एमएसपी में ₹71 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 अक्टूबर 2026 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य की डबल इंजन सरकार अन्नदाता किसानों को बीज से लेकर बाजार तक हर स्तर पर सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह बात कही और 2017 से अब तक की कृषि उपलब्धियों का विस्तार से ब्यौरा दिया।

मुख्यमंत्री का बयान और दावे

सीएम योगी ने एक्स पर लिखा, 'वर्ष 2017 से पहले जो अन्नदाता किसान कर्ज, बदहाली और लाचारी में डूबा रहता था, बिचौलियों के चक्कर लगाने को मजबूर था, आज वही अन्नदाता किसान कर्ज से मुक्त होकर उन्नत बीज, सिंचाई, और डीबीटी के माध्यम से एमएसपी और पीएम सम्मान निधि का लाभ ले रहा है।' उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार हैं, इसलिए उनके अधिकारों की रक्षा और खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कृषि क्षेत्र में दावा किए गए आँकड़े

मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश अब देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। साथ ही, दूध, गन्ना और गेहूं उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।

गौरतलब है कि दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का भी दावा किया गया है, जो राज्य के कृषि बुनियादी ढाँचे के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

धान खरीद और किसानों को भुगतान

2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की सरकारी खरीद की गई। इस दौरान किसानों को ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का सीधा भुगतान (डीबीटी के माध्यम से) किया गया। यह आँकड़ा राज्य सरकार के दावों के अनुसार है।

इसके अतिरिक्त, इस सीजन में धान के समर्थन मूल्य (एमएसपी) में ₹71 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, जिसे सीएम योगी ने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

डबल इंजन सरकार की अवधारणा

यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ दूरगामी रूप से शुरू हो रही हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) का 'डबल इंजन सरकार' का कथानक — यानी केंद्र और राज्य दोनों में एक ही पार्टी की सरकार से विकास की गति बढ़ना — राज्य में एक महत्वपूर्ण चुनावी नैरेटिव रहा है।

आलोचकों का कहना है कि कृषि विकास दर और किसानों की आय के आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना आवश्यक है। विपक्षी दलों ने समय-समय पर सरकारी आँकड़ों को चुनौती दी है, विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों की स्थिति को लेकर।

आगे की दिशा

राज्य सरकार की घोषणाओं के अनुसार, धान खरीद का यह सिलसिला आगामी रबी सीजन में भी जारी रहेगा। उन्नत बीज वितरण, सिंचाई विस्तार और डीबीटी-आधारित भुगतान प्रणाली को और मज़बूत करने की दिशा में काम होने की बात कही जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन दावों का ज़मीनी असर किसानों तक किस हद तक पहुँचता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी विश्वसनीयता के लिए स्वतंत्र सत्यापन ज़रूरी है। कृषि विकास दर का 8% से 18% तक पहुँचना प्रभावशाली आँकड़ा है, पर सवाल यह है कि यह वृद्धि छोटे और सीमांत किसानों तक कितनी पहुँची — क्योंकि राज्य में किसान आत्महत्याओं और कर्ज़ की समस्या अभी भी चर्चा में रहती है। ₹1,03,833 करोड़ के भुगतान का दावा मज़बूत है, लेकिन 'डबल इंजन' नैरेटिव और चुनावी संदर्भ इसे राजनीतिक वक्तव्य का रंग भी देते हैं — जिसे मीडिया को तथ्य-जाँच की कसौटी पर परखना चाहिए।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने यूपी के किसानों के लिए क्या दावे किए हैं?
सीएम योगी ने दावा किया कि 2017 से मार्च 2026 के बीच 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई और उन्हें ₹1,03,833 करोड़ का सीधा भुगतान किया गया। साथ ही, कृषि विकास दर 8% से बढ़कर 18% होने और धान एमएसपी में ₹71 प्रति क्विंटल वृद्धि का भी उल्लेख किया।
यूपी में धान के एमएसपी में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
इस सीजन उत्तर प्रदेश में धान के समर्थन मूल्य (एमएसपी) में ₹71 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि सरकार की किसानों को उचित मूल्य दिलाने की प्रतिबद्धता के तहत बताई गई है।
डबल इंजन सरकार का किसानों के लिए क्या मतलब है?
डबल इंजन सरकार की अवधारणा का अर्थ है कि केंद्र और राज्य दोनों में एक ही पार्टी (BJP) की सरकार होने से नीतियों का समन्वय बेहतर होता है और केंद्रीय योजनाओं का लाभ तेज़ी से किसानों तक पहुँचता है। सीएम योगी के अनुसार, पीएम किसान सम्मान निधि और एमएसपी का लाभ इसी समन्वय से संभव हुआ है।
यूपी खाद्यान्न उत्पादन में देश में कितने प्रतिशत योगदान देता है?
सीएम योगी के बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान देता है। दूध, गन्ना और गेहूं उत्पादन में राज्य देश में प्रथम स्थान पर बताया गया है।
2017 से पहले और बाद में यूपी के किसानों की स्थिति में क्या फर्क आया?
सीएम योगी के अनुसार, 2017 से पहले किसान कर्ज और बिचौलियों से परेशान थे, जबकि अब उन्नत बीज, सिंचाई, डीबीटी-आधारित एमएसपी भुगतान और पीएम सम्मान निधि का सीधा लाभ मिल रहा है। हालाँकि, ये सरकारी दावे हैं और विपक्षी दलों ने इनकी स्वतंत्र जाँच की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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