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उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से धान खरीद शुरू, MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल; 65 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य

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उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से धान खरीद शुरू, MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल; 65 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य

सारांश

उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से धान खरीद का बड़ा अभियान — 4,500 क्रय केंद्र, MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल, 48 घंटे में डीबीटी भुगतान और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन। लक्ष्य है पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 65 लाख मीट्रिक टन खरीद।

मुख्य बातें

1 नवंबर 2026 से पूर्वी उत्तर प्रदेश के 10 संभागों और लखनऊ संभाग के 3 जिलों में धान खरीद शुरू होगी, जो 28 फरवरी 2027 तक चलेगी।
धान (ग्रेड ए) का MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल और कॉमन का ₹2,441 प्रति क्विंटल तय।
इस वर्ष 65 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य — पिछले वर्ष के 62 लाख मीट्रिक टन रिकॉर्ड से अधिक।
8 क्रय एजेंसियों के तहत 4,500 क्रय केंद्र ; 4,195 केंद्र पहले ही खुल चुके हैं।
किसानों को 48 घंटे में डीबीटी भुगतान; उतराई-सफाई के लिए ₹20 प्रति क्विंटल अतिरिक्त।
अब तक 38 हजार से अधिक किसान पंजीकरण करा चुके हैं; शेष fcs.up.gov.in पर कर सकते हैं।

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख संभागों तथा लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जिलों में 1 नवंबर 2026 से धान की सरकारी खरीद आरंभ होगी, जो 28 फरवरी 2027 तक जारी रहेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए समस्त सुविधाएँ समय से सुनिश्चित कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

न्यूनतम समर्थन मूल्य और खरीद लक्ष्य

केंद्र सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की है। धान (कॉमन) का MSP ₹2,441 प्रति क्विंटल और धान (ग्रेड ए) का MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार ने इस बार 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है, जो पिछले वर्ष के 62 लाख मीट्रिक टन के रिकॉर्ड से अधिक है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश ने पिछले खरीफ सीजन में देश में सर्वाधिक धान खरीद की थी। इस बार 8 क्रय एजेंसियों के माध्यम से 4,500 क्रय केंद्र संचालित किए जाएँगे, जिनमें से 4,195 केंद्र शुक्रवार तक खोले जा चुके थे।

मुख्यमंत्री के निर्देश और किसान सुविधाएँ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों को किसी भी परिस्थिति में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। मौसम को देखते हुए उनके लिए छाया, पानी और बैठने की व्यवस्था समय पर पूरी कराई जाए।

धान की उतराई, छनाई और सफाई के लिए किसानों को अलग से ₹20 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा, भुगतान 48 घंटों के भीतर डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में किया जाएगा।

बिचौलियों पर अंकुश, पूरा तंत्र ऑनलाइन

बिचौलियों के हस्तक्षेप को रोकने के लिए पूरी खरीद प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब किसान संगठन लंबे समय से बिचौलियों की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं। डिजिटल प्रणाली से पारदर्शिता सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

किन संभागों में होगी खरीद

पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर और प्रयागराज संभागों में खरीद की जाएगी। साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में भी 1 नवंबर से खरीद शुरू होगी।

अब तक 38 हजार से अधिक किसान धान बिक्री के लिए पंजीकरण करा चुके हैं, जो सरकार की क्रय नीति में किसानों के विश्वास का संकेत है।

पंजीकरण और शिकायत प्रक्रिया

जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण या नवीनीकरण नहीं कराया है, वे fcs.up.gov.in या यूपी किसान मित्र पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। धान बिक्री के दौरान किसी भी समस्या की स्थिति में टोल फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क किया जा सकता है, जिसका निराकरण संबंधित अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित कराया जाएगा।

खरीफ सीजन की इस बड़े पैमाने पर शुरुआत के साथ, यह देखना अहम होगा कि क्या ऑनलाइन प्रणाली और 48 घंटे के भुगतान का वादा ज़मीनी स्तर पर वास्तव में लागू हो पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऑनलाइन पोर्टल और 48 घंटे के भुगतान का वादा — लेकिन असली कसौटी ज़मीनी क्रियान्वयन की है। पिछले सीजन में भी क्रय केंद्रों पर भीड़ और भुगतान में देरी की शिकायतें आई थीं। डिजिटल प्रणाली बिचौलियों पर अंकुश का सही कदम है, पर यह तभी कारगर होगा जब ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और डिजिटल साक्षरता की पहुँच सुनिश्चित हो। 4,195 में से 4,500 केंद्र खुलने का इंतज़ार और 38 हजार पंजीकरण बनाम लाखों किसानों का अनुपात दर्शाता है कि आउटरीच में अभी भी खाई है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में धान खरीद 2026-27 कब से शुरू होगी?
पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों और लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव जिलों में 1 नवंबर 2026 से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद 28 फरवरी 2027 तक जारी रहेगी।
धान का MSP 2026-27 में क्या है?
केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित MSP के अनुसार धान (कॉमन) का मूल्य ₹2,441 प्रति क्विंटल और धान (ग्रेड ए) का मूल्य ₹2,461 प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके अतिरिक्त उतराई, छनाई और सफाई के लिए ₹20 प्रति क्विंटल अलग से दिए जाएँगे।
यूपी में धान बिक्री के लिए पंजीकरण कैसे कराएँ?
किसान fcs.up.gov.in या यूपी किसान मित्र पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण या नवीनीकरण करा सकते हैं। किसी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क किया जा सकता है।
किसानों को भुगतान कितने समय में मिलेगा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के अनुसार धान बिक्री के 48 घंटे के भीतर डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा। बिचौलियों से बचाने के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है।
इस वर्ष यूपी में कितनी धान खरीद का लक्ष्य है?
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश सरकार ने 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है। यह पिछले वर्ष के 62 लाख मीट्रिक टन के रिकॉर्ड से अधिक है और 8 क्रय एजेंसियों के माध्यम से 4,500 क्रय केंद्रों पर पूरा किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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