दिनेश शर्मा: योगी आदित्यनाथ के शासन में यूपी में नहीं हुआ कोई सांप्रदायिक दंगा
सारांश
Key Takeaways
- योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ।
- भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने पूर्व की सरकारों की तुलना में वर्तमान सरकार की उपलब्धियों पर जोर दिया।
- भारत ने जी 20 में एक मजबूत कूटनीतिक रुख अपनाया है।
- पीएम मोदी को वैश्विक नेता के रूप में पहचान मिली है।
- सरकार ने अपराध और जातिवाद पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में पिछले 9 वर्षों में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। पूर्व की सरकारों का कार्यकाल किस तरह का था, यह किसी से छिपा नहीं है।
नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भाजपा सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार के आने के बाद अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए और जातिगत और सांप्रदायिक हिंसा पर नियंत्रण पाया गया। यदि हम योगी आदित्यनाथ के नौ वर्षों के कार्यकाल पर नजर डालें, तो उत्तर प्रदेश में कोई भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि मैं यह स्पष्ट कर सकता हूं कि पिछली सरकारें अपराध, जातिवाद और सांप्रदायिकता के लिए जानी जाती थीं।
मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच भारत सरकार द्वारा आयोजित सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान पर भाजपा सांसद ने कहा कि पाकिस्तान एक दलाल की तरह कार्य करता है, लेकिन भारत को इस पर कोई पछतावा नहीं है। भारत एक जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में उभरा है। जी 20 में पीएम मोदी के नेतृत्व में, भारत ने एक मजबूत कूटनीतिक रुख अपनाया है। आज ईरान के मुद्दे पर भी दुनिया भारत की ओर देख रही है और अमेरिका तथा इजरायल भी भारत की स्थिति पर ध्यान दे रहे हैं। रूस और यूक्रेन दुश्मन हैं, फिर भी वे पीएम मोदी को एक मित्र के रूप में मानते हैं। पीएम मोदी का वैश्विक नेता के रूप में उभरना भारत की शक्ति को दर्शाता है। उन्हें चार दर्जन से अधिक देशों ने अपना सर्वोच्च सम्मान दिया है। भारत विपरीत परिस्थितियों में भी अपने नागरिकों के अमन-चैन के लिए कार्य करता है।
दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता पीएम मोदी बनने पर भाजपा सांसद ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी ताकत तब होती है, जब कोई नेता सचमुच लोगों की भलाई के लिए काम करता है, इसे सुशासन कहा जाता है। इसी तरह एक सही नेता नागरिकों का विश्वास जीतता है। जहां तक प्रधानमंत्री मोदी की बात है, तो एक जनसेवक के रूप में उनका कार्यकाल अद्वितीय रहा है, जिसमें उन्होंने एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली, और पूरी तरह से जन समस्याओं का समाधान करने के लिए समर्पित रहे हैं। यह भारत की नेतृत्व क्षमता के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।