योगी का अखिलेश को अयोध्या चुनौती: 'आमने-सामने लड़ें, चेलों से क्यों लड़ाई?'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 अक्टूबर को बलरामपुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव को सीधी चुनौती दी कि वे अयोध्या से विधानसभा चुनाव का नामांकन भरें — और कहा कि वे स्वयं भी वहीं से मैदान में उतरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'लड़ाई चेलों से क्यों? लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए।' यह बयान 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीतिक तपिश को एक नए स्तर पर ले जाता है।
कार्यक्रम का संदर्भ
मुख्यमंत्री योगी बलरामपुर जिले के रेहरा बाजार विकासखंड के बिलरिया गाँव में ₹803 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसी मंच से उन्होंने सपा और कांग्रेस पर एक के बाद एक हमले किए। उन्होंने पिछले दस वर्षों में बलरामपुर के लिए ₹10,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की धनराशि भेजे जाने का दावा किया।
अखिलेश यादव पर तीखे प्रहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सपा के बबुआ अभी से बौखला गए हैं — अभी तो विकास की शुरुआत हुई है, आगे बहुत कुछ होना बाकी है।' उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान अयोध्या में मात्र तीन-चार घंटे बिजली मिलती थी और विकास कार्यों में जानबूझकर बाधाएँ खड़ी की जाती थीं। उन्होंने सपा के 'पीडीए' (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' और 'प्रदेश डुबाऊ अलायंस' बताते हुए उस पर तंज कसा। राज्यसभा प्रत्याशी चयन पर भी उन्होंने आरोप लगाया कि एक सीट परिवार के सदस्य को दी गई और दूसरी धनबल के आधार पर बाँटी गई।
कानून-व्यवस्था और विकास के दावे
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, 'बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा तीसरा रास्ता नहीं है।' सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी और अवैध गतिविधियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी 'छांगुर' जैसे व्यक्ति को पनपने नहीं दिया जाएगा और डेमोग्राफी बदलने की किसी को छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
चुनावी दावे और जनकल्याण योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 80 प्रतिशत सीटें जीतेगा और विपक्ष को अधिकतम 20 प्रतिशत सीटें मिलेंगी। उन्होंने आपदा में जनहानि होने पर 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने और मानव-वन्यजीव संघर्ष में भी उतनी ही तेज़ी से राहत उपलब्ध कराने की घोषणा की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लाभार्थियों को लैपटॉप, कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए ₹4-4 लाख की सहायता, युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत ₹5-5 लाख के चेक और आजीविका मिशन के तहत ₹45 लाख का चेक वितरित किया गया।
बलरामपुर में विकास परियोजनाएँ
मुख्यमंत्री ने मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का सत्र शुरू होने की जानकारी दी और कहा कि भवन तैयार होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज, रिंग रोड, चीनी मिल विस्तार, थारू संग्रहालय और मथुरा घाट पुल जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया गया। बलरामपुर विधायक पल्टूराम और उतरौला विधायक रामप्रताप वर्मा ने भी योगी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं और 2027 में सभी 403 विधानसभा सीटों पर BJP की जीत का दावा किया। यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मी लगातार बढ़ रही है और दोनों प्रमुख दल जनाधार मज़बूत करने में जुटे हैं।