ज़ुबीन गर्ग मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट नवंबर में सुनेगा मुख्य आरोपी श्यामकानू महंता की जमानत याचिका
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को असम के प्रख्यात गायक और सांस्कृतिक हस्ती ज़ुबीन गर्ग की सिंगापुर में हुई मौत से जुड़े मामले के मुख्य आरोपी श्यामकानू महंता की जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी और इसे नवंबर के पहले सप्ताह में पुनः सूचीबद्ध किया। असम सरकार ने अदालत को बताया कि मुकदमे में गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया अभी जारी है और सिंगापुर में मौजूद कई अहम गवाहों से पूछताछ बाकी है।
मामले की पृष्ठभूमि
ज़ुबीन गर्ग की मौत सितंबर 2025 में सिंगापुर में समुद्र में हुई एक घटना के बाद हुई थी। असम के सबसे लोकप्रिय और सम्मानित संगीतकारों में से एक गर्ग की अचानक मौत ने पूरे असम को शोक में डुबो दिया था और घटना से जुड़े हालात पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
इसके बाद असम सरकार ने मौत के कारणों की आपराधिक जाँच के आदेश दिए। जाँच के दौरान कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। श्यामकानू महंता को अक्टूबर 2025 में — गर्ग की मौत के करीब एक महीने बाद — गिरफ्तार किया गया था। महंता सिंगापुर में आयोजित नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजन से जुड़े थे।
मुकदमे की वर्तमान स्थिति
असम सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि 14 अगस्त तक कुल 394 गवाहों में से 94 के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सिंगापुर में मौजूद कई महत्वपूर्ण गवाहों से अभी पूछताछ होनी बाकी है और जल्द ही उनके बयान दर्ज किए जाने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय पहले राज्य अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दे चुका है कि मुकदमा तेज़ गति से और बिना किसी अनावश्यक देरी के आगे बढ़े। जमानत याचिका पर विचार के दौरान मुकदमे में हुई प्रगति को भी आधार बनाया जा रहा है।
आरोपियों की स्थिति
असम की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस मामले में श्यामकानू महंता समेत चार आरोपियों पर हत्या के आरोप तय किए हैं। इसके अलावा छह अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनमें गर्ग के बैंड के साथी शेखर ज्योति गोस्वामी भी शामिल हैं।
फिलहाल महंता समेत पाँच आरोपी बक्सा जेल में बंद हैं। इन सभी के खिलाफ जाँच और कानूनी कार्यवाही जारी है।
सर्वोच्च न्यायालय का रुख
सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई टालते हुए मामले को नवंबर के पहले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध किया है। अदालत ने मुकदमे की प्रगति रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए यह स्पष्ट किया कि महंता की जमानत याचिका पर निर्णय लेने से पहले अभियोजन पक्ष की साक्ष्य प्रस्तुति की स्थिति पर ध्यान देना ज़रूरी है।
आगे क्या होगा
सिंगापुर में मौजूद गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद मुकदमे की गति और तेज़ होने की संभावना है। नवंबर के पहले सप्ताह में सर्वोच्च न्यायालय महंता की जमानत याचिका पर पुनः विचार करेगा, जिसमें तब तक की मुकदमे की प्रगति का भी आकलन किया जाएगा। यह मामला असम में न्यायिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर गहरी रुचि का विषय बना हुआ है।