5 अक्टूबर 2026
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ज़ुबीन गर्ग मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट नवंबर में सुनेगा मुख्य आरोपी श्यामकानू महंता की जमानत याचिका

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ज़ुबीन गर्ग मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट नवंबर में सुनेगा मुख्य आरोपी श्यामकानू महंता की जमानत याचिका

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने ज़ुबीन गर्ग मौत मामले के मुख्य आरोपी श्यामकानू महंता की जमानत याचिका नवंबर तक टाल दी। असम सरकार ने बताया कि 394 में से 94 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और सिंगापुर के अहम गवाह अभी बाकी हैं। मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट चार आरोपियों पर हत्या के आरोप तय कर चुकी है।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने श्यामकानू महंता की जमानत याचिका नवंबर के पहले सप्ताह तक के लिए स्थगित की।
14 अगस्त तक 394 में से 94 गवाहों के बयान दर्ज; सिंगापुर के अहम गवाहों से पूछताछ बाकी।
असम की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महंता समेत चार आरोपियों पर हत्या के आरोप तय किए हैं।
महंता समेत पाँच आरोपी अभी बक्सा जेल में बंद; शेखर ज्योति गोस्वामी सहित कुल छह अन्य भी गिरफ्तार।
ज़ुबीन गर्ग की मौत सितंबर 2025 में सिंगापुर में समुद्र में हुई घटना के बाद हुई थी।

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को असम के प्रख्यात गायक और सांस्कृतिक हस्ती ज़ुबीन गर्ग की सिंगापुर में हुई मौत से जुड़े मामले के मुख्य आरोपी श्यामकानू महंता की जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी और इसे नवंबर के पहले सप्ताह में पुनः सूचीबद्ध किया। असम सरकार ने अदालत को बताया कि मुकदमे में गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया अभी जारी है और सिंगापुर में मौजूद कई अहम गवाहों से पूछताछ बाकी है।

मामले की पृष्ठभूमि

ज़ुबीन गर्ग की मौत सितंबर 2025 में सिंगापुर में समुद्र में हुई एक घटना के बाद हुई थी। असम के सबसे लोकप्रिय और सम्मानित संगीतकारों में से एक गर्ग की अचानक मौत ने पूरे असम को शोक में डुबो दिया था और घटना से जुड़े हालात पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

इसके बाद असम सरकार ने मौत के कारणों की आपराधिक जाँच के आदेश दिए। जाँच के दौरान कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। श्यामकानू महंता को अक्टूबर 2025 में — गर्ग की मौत के करीब एक महीने बाद — गिरफ्तार किया गया था। महंता सिंगापुर में आयोजित नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजन से जुड़े थे।

मुकदमे की वर्तमान स्थिति

असम सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि 14 अगस्त तक कुल 394 गवाहों में से 94 के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सिंगापुर में मौजूद कई महत्वपूर्ण गवाहों से अभी पूछताछ होनी बाकी है और जल्द ही उनके बयान दर्ज किए जाने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय पहले राज्य अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दे चुका है कि मुकदमा तेज़ गति से और बिना किसी अनावश्यक देरी के आगे बढ़े। जमानत याचिका पर विचार के दौरान मुकदमे में हुई प्रगति को भी आधार बनाया जा रहा है।

आरोपियों की स्थिति

असम की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस मामले में श्यामकानू महंता समेत चार आरोपियों पर हत्या के आरोप तय किए हैं। इसके अलावा छह अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनमें गर्ग के बैंड के साथी शेखर ज्योति गोस्वामी भी शामिल हैं।

फिलहाल महंता समेत पाँच आरोपी बक्सा जेल में बंद हैं। इन सभी के खिलाफ जाँच और कानूनी कार्यवाही जारी है।

सर्वोच्च न्यायालय का रुख

सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई टालते हुए मामले को नवंबर के पहले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध किया है। अदालत ने मुकदमे की प्रगति रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए यह स्पष्ट किया कि महंता की जमानत याचिका पर निर्णय लेने से पहले अभियोजन पक्ष की साक्ष्य प्रस्तुति की स्थिति पर ध्यान देना ज़रूरी है।

आगे क्या होगा

सिंगापुर में मौजूद गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद मुकदमे की गति और तेज़ होने की संभावना है। नवंबर के पहले सप्ताह में सर्वोच्च न्यायालय महंता की जमानत याचिका पर पुनः विचार करेगा, जिसमें तब तक की मुकदमे की प्रगति का भी आकलन किया जाएगा। यह मामला असम में न्यायिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर गहरी रुचि का विषय बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

गिरफ्तारियाँ अक्टूबर 2025 में हुईं, और एक साल बाद भी 394 में से केवल 94 गवाहों के बयान दर्ज हो पाए हैं — यह रफ्तार उस न्यायिक निर्देश से मेल नहीं खाती जो सर्वोच्च न्यायालय पहले दे चुका है। अंतर्राष्ट्रीय गवाहों की उपस्थिति — विशेषकर सिंगापुर में — मामले की जटिलता बढ़ाती है और अभियोजन की तैयारी की असली परीक्षा वहीं होगी। जब तक साक्ष्य संग्रह पूरा नहीं होता, जमानत पर फैसला आरोपियों और पीड़ित परिवार दोनों के लिए अधर में ही लटका रहेगा।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ज़ुबीन गर्ग मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्य आरोपी श्यामकानू महंता की जमानत याचिका पर सुनवाई नवंबर के पहले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी है। अदालत ने मुकदमे की प्रगति रिपोर्ट को आधार बनाते हुए यह निर्णय लिया।
ज़ुबीन गर्ग की मौत कैसे और कब हुई थी?
असम के प्रख्यात गायक ज़ुबीन गर्ग की मौत सितंबर 2025 में सिंगापुर में समुद्र में हुई एक घटना के बाद हुई थी। उनकी मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठने के बाद असम सरकार ने आपराधिक जाँच के आदेश दिए।
श्यामकानू महंता कौन हैं और उनकी भूमिका क्या है?
श्यामकानू महंता सिंगापुर में आयोजित नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजन से जुड़े थे। उन्हें अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था और असम की फास्ट ट्रैक कोर्ट उन पर हत्या के आरोप तय कर चुकी है।
इस मामले में मुकदमे की अब तक क्या प्रगति हुई है?
असम सरकार के अनुसार, 14 अगस्त तक कुल 394 गवाहों में से 94 के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सिंगापुर में मौजूद कई अहम गवाहों से पूछताछ अभी बाकी है, जिन्हें जल्द दर्ज करने की उम्मीद जताई गई है।
इस मामले में अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
इस मामले में श्यामकानू महंता समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें गर्ग के बैंड के साथी शेखर ज्योति गोस्वामी भी शामिल हैं। फिलहाल पाँच आरोपी बक्सा जेल में बंद हैं।
राष्ट्र प्रेस
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