जुबीन गर्ग मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट ने श्यामकानु महंत की जमानत याचिका पर असम सरकार से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार, 23 जून 2026 को असमिया गायक जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में आरोपी श्यामकानु महंत की जमानत याचिका पर असम सरकार को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। न्यायालय की यह कार्रवाई उस विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई के दौरान हुई, जिसमें महंत ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के जमानत-अस्वीकृति आदेश को चुनौती दी है। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होने की संभावना है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का ब्यौरा
न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने श्यामकानु महंत की एसएलपी पर सुनवाई करते हुए असम सरकार को नोटिस जारी किया। महंत के वकील अनसूया चौधरी ने कहा कि उनके मुवक्किल जेल में हैं और शुरू से ही जाँच में सहयोग कर रहे हैं। अदालत की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अगली सुनवाई 10 अगस्त को निर्धारित है।
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने क्यों खारिज की थी जमानत
पिछले महीने न्यायमूर्ति मिताली ठाकुरिया की एकल पीठ ने महंत की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि उनके विरुद्ध आरोप गंभीर हैं। अदालत ने कहा था कि जाँच में जुटाए गए साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि यॉट पार्टी श्यामकानु महंत की सलाह पर आयोजित की गई थी और उन्होंने कथित साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई थी। हाई कोर्ट ने कहा, 'पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता और अन्य सह-आरोपियों के बीच साजिश थी।'
अभियोजन पक्ष के अनुसार, गायक को उनकी स्वास्थ्य संबंधी पाबंदियों के बावजूद पूरी रात शराब उपलब्ध कराई गई और बिना किसी चिकित्सीय सहायता के यॉट यात्रा पर ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें शराब सेवन और जल-क्रीड़ाओं से दूर रहने की सलाह दी थी। हाई कोर्ट ने यह भी चिंता जताई कि जमानत मिलने पर महंत फरार हो सकते हैं, यह देखते हुए कि घटना के बाद वह मलेशिया चले गए थे और लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद दिल्ली हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किए गए थे।
न्यायमूर्ति ठाकुरिया ने यह भी रेखांकित किया कि अभियोजन पक्ष ने बड़ी संख्या में गवाहों को सूचीबद्ध किया है, इसलिए इस चरण में गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने माना कि महंत की हिरासत की अवधि को अत्यधिक लंबी कैद नहीं कहा जा सकता और मामले की रोज़ाना सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत का गठन भी किया जा चुका है।
जुबीन गर्ग की मौत: पृष्ठभूमि
यह मामला प्रसिद्ध असमिया गायक जुबीन गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर के लाजारस द्वीप के पास तैराकी के दौरान हुई मौत से जुड़ा है। वह अगले दिन नॉर्थईस्ट इंटरनेशनल फेस्टिवल (NEIF) में प्रस्तुति देने वाले थे।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने विधानसभा में इस मामले को 'सीधी और साफ हत्या' बताया था। दूसरी ओर, सिंगापुर पुलिस बल की जाँच में मौत में किसी साजिश या आपराधिक कृत्य के सबूत नहीं मिले। हालाँकि, असम सरकार का कहना है कि सिंगापुर जाँच के निष्कर्षों का राज्य में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
आगे क्या होगा
सर्वोच्च न्यायालय के नोटिस के बाद असम सरकार को अपना जवाब दाखिल करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होने की संभावना है, जब न्यायालय दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगा। यह मामला न केवल न्यायिक, बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से भी संवेदनशील बना हुआ है, क्योंकि भारत और सिंगापुर की जाँच के निष्कर्ष परस्पर विरोधी हैं।