जुबीन गर्ग मृत्यु मामला: आरोपी श्यामकानू महंता की जमानत याचिका पर गुवाहाटी हाईकोर्ट में आज दूसरी सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी हाईकोर्ट में शुक्रवार, 22 मई को असमिया संगीत के दिग्गज जुबीन गर्ग की मृत्यु से जुड़े मामले में आरोपी श्यामकानू महंता की जमानत याचिका पर दूसरी सुनवाई होनी है। यह सुनवाई जस्टिस मिताली ठकुरिया की पीठ के समक्ष होगी, जिसमें अदालत अतिरिक्त दस्तावेजों और प्रस्तुतियों की जाँच करेगी।
मामले की पृष्ठभूमि
पूर्वोत्तर भारत के जाने-माने फेस्टिवल आयोजक श्यामकानू महंता पिछले कई महीनों से न्यायिक हिरासत में हैं। उनका नाम जुबीन गर्ग की मृत्यु की जाँच से जुड़े आरोपियों में शामिल किया गया है। 19 सितंबर को लजारस आईलैंड के निकट तैराकी के दौरान गायक की मृत्यु हुई थी — यह घटना उस कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले हुई जिसमें वे NEIF बैनर तले प्रस्तुति देने वाले थे।
मुख्य घटनाक्रम
15 मई को हुई पहली सुनवाई में जस्टिस ठकुरिया की पीठ ने सभी पक्षों को 18 मई तक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। कानूनी सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार की सुनवाई में उन्हीं दस्तावेजों की समीक्षा के बाद जमानत पर निर्णय लिया जा सकता है।
आरोपत्र और जाँच
घटना के बाद असम पुलिस द्वारा गठित विशेष जाँच दल (SIT) ने विस्तृत जाँच की और दिसंबर में आरोपत्र दाखिल किया। आरोपत्र में महंता सहित सात लोगों को नामज़द किया गया है, जिनमें से चार पर हत्या का आरोप लगाया गया है।
दो जाँच एजेंसियों के परस्पर विरोधी निष्कर्ष
इस मामले की एक उल्लेखनीय पेचीदगी यह है कि सिंगापुर पुलिस द्वारा की गई समानांतर जाँच में अलग निष्कर्ष सामने आए — जाँच एजेंसी ने कहा कि मृत्यु में किसी साजिश या आपराधिक गतिविधि के साक्ष्य नहीं मिले। इसके बावजूद असम की एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि विदेशी जाँच के निष्कर्ष राज्य में चल रहे मुकदमे को प्रभावित नहीं करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब तत्कालीन मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा राज्य विधानसभा में इस मामले को 'सीधा और साफ हत्या का मामला' बता चुके हैं।
आगे क्या होगा
शुक्रवार की सुनवाई को कानूनी प्रक्रिया का अहम पड़ाव माना जा रहा है। यह मामला लगातार जनसामान्य और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, और जमानत पर अदालत का फैसला आगे की कानूनी दिशा तय करेगा।