8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जुबीन गर्ग मृत्यु मामला: आरोपी श्यामकानू महंता की जमानत याचिका पर गुवाहाटी हाईकोर्ट में आज दूसरी सुनवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जुबीन गर्ग मृत्यु मामला: आरोपी श्यामकानू महंता की जमानत याचिका पर गुवाहाटी हाईकोर्ट में आज दूसरी सुनवाई

सारांश

जुबीन गर्ग की मृत्यु का मामला अब हाईकोर्ट में निर्णायक मोड़ पर है। आरोपी फेस्टिवल आयोजक श्यामकानू महंता की जमानत याचिका पर दूसरी सुनवाई आज होगी — जबकि असम SIT और सिंगापुर पुलिस के परस्पर विरोधी निष्कर्ष मामले को और जटिल बनाते हैं।

मुख्य बातें

गुवाहाटी हाईकोर्ट में 22 मई को श्यामकानू महंता की जमानत याचिका पर जस्टिस मिताली ठकुरिया की पीठ के समक्ष दूसरी सुनवाई होगी।
जुबीन गर्ग की मृत्यु 19 सितंबर को लजारस आईलैंड के पास तैराकी के दौरान हुई थी।
असम SIT के आरोपत्र में 7 आरोपी हैं, जिनमें से 4 पर हत्या का आरोप है।
सिंगापुर पुलिस की जाँच में आपराधिक साजिश के कोई साक्ष्य नहीं मिले — असम एजेंसियों ने इसे अपनी जाँच से अलग बताया।
तत्कालीन मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने विधानसभा में इसे 'सीधा और साफ हत्या का मामला' बताया था।

गुवाहाटी हाईकोर्ट में शुक्रवार, 22 मई को असमिया संगीत के दिग्गज जुबीन गर्ग की मृत्यु से जुड़े मामले में आरोपी श्यामकानू महंता की जमानत याचिका पर दूसरी सुनवाई होनी है। यह सुनवाई जस्टिस मिताली ठकुरिया की पीठ के समक्ष होगी, जिसमें अदालत अतिरिक्त दस्तावेजों और प्रस्तुतियों की जाँच करेगी।

मामले की पृष्ठभूमि

पूर्वोत्तर भारत के जाने-माने फेस्टिवल आयोजक श्यामकानू महंता पिछले कई महीनों से न्यायिक हिरासत में हैं। उनका नाम जुबीन गर्ग की मृत्यु की जाँच से जुड़े आरोपियों में शामिल किया गया है। 19 सितंबर को लजारस आईलैंड के निकट तैराकी के दौरान गायक की मृत्यु हुई थी — यह घटना उस कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले हुई जिसमें वे NEIF बैनर तले प्रस्तुति देने वाले थे।

मुख्य घटनाक्रम

15 मई को हुई पहली सुनवाई में जस्टिस ठकुरिया की पीठ ने सभी पक्षों को 18 मई तक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। कानूनी सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार की सुनवाई में उन्हीं दस्तावेजों की समीक्षा के बाद जमानत पर निर्णय लिया जा सकता है।

आरोपत्र और जाँच

घटना के बाद असम पुलिस द्वारा गठित विशेष जाँच दल (SIT) ने विस्तृत जाँच की और दिसंबर में आरोपत्र दाखिल किया। आरोपत्र में महंता सहित सात लोगों को नामज़द किया गया है, जिनमें से चार पर हत्या का आरोप लगाया गया है।

दो जाँच एजेंसियों के परस्पर विरोधी निष्कर्ष

इस मामले की एक उल्लेखनीय पेचीदगी यह है कि सिंगापुर पुलिस द्वारा की गई समानांतर जाँच में अलग निष्कर्ष सामने आए — जाँच एजेंसी ने कहा कि मृत्यु में किसी साजिश या आपराधिक गतिविधि के साक्ष्य नहीं मिले। इसके बावजूद असम की एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि विदेशी जाँच के निष्कर्ष राज्य में चल रहे मुकदमे को प्रभावित नहीं करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब तत्कालीन मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा राज्य विधानसभा में इस मामले को 'सीधा और साफ हत्या का मामला' बता चुके हैं।

आगे क्या होगा

शुक्रवार की सुनवाई को कानूनी प्रक्रिया का अहम पड़ाव माना जा रहा है। यह मामला लगातार जनसामान्य और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, और जमानत पर अदालत का फैसला आगे की कानूनी दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि सिंगापुर पुलिस ने आपराधिक गतिविधि से इनकार किया है। मुख्यमंत्री स्तर पर विधानसभा में दिए गए बयान ने जाँच की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े किए हैं, जो न्यायिक प्रक्रिया पर राजनीतिक प्रभाव की आशंका को जन्म देता है। जमानत पर अदालत का रुख यह भी बताएगा कि क्या साक्ष्य वाकई हत्या के आरोप को टिकाऊ बनाते हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जुबीन गर्ग की मृत्यु कैसे हुई थी?
जुबीन गर्ग की मृत्यु 19 सितंबर को सिंगापुर के लजारस आईलैंड के पास तैराकी के दौरान हुई थी। यह घटना NEIF बैनर तले आयोजित एक कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले हुई जिसमें वे प्रस्तुति देने वाले थे।
श्यामकानू महंता कौन हैं और उन पर क्या आरोप है?
श्यामकानू महंता पूर्वोत्तर भारत के जाने-माने फेस्टिवल आयोजक हैं। असम SIT के आरोपत्र में उन्हें जुबीन गर्ग की मृत्यु से जुड़े सात आरोपियों में शामिल किया गया है, और उन पर हत्या का आरोप लगाया गया है।
गुवाहाटी हाईकोर्ट में आज की सुनवाई में क्या होगा?
जस्टिस मिताली ठकुरिया की पीठ 15 मई की पहली सुनवाई के बाद दाखिल किए गए अतिरिक्त हलफनामों और दस्तावेजों की समीक्षा करेगी। कानूनी सूत्रों के अनुसार, इस सुनवाई के बाद जमानत याचिका पर फैसला लिया जा सकता है।
सिंगापुर पुलिस और असम SIT के निष्कर्षों में क्या अंतर है?
सिंगापुर पुलिस की जाँच में जुबीन गर्ग की मृत्यु में किसी साजिश या आपराधिक गतिविधि के साक्ष्य नहीं मिले। इसके विपरीत असम SIT ने हत्या का आरोपत्र दाखिल किया है और असम की एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि विदेशी जाँच के निष्कर्ष राज्य के मुकदमे को प्रभावित नहीं करेंगे।
असम सरकार का इस मामले पर क्या रुख है?
तत्कालीन मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य विधानसभा में इस मामले को 'सीधा और साफ हत्या का मामला' बताया था। असम की जाँच एजेंसियों ने दिसंबर में सात आरोपियों के खिलाफ आरोपत्र दाखिल किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले