16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बड़ा फैसला: 41 बायोगैस सिलेंडर फिलिंग और स्टोरेज प्लांट्स को मंजूरी, 14 को लाइसेंस जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बड़ा फैसला: 41 बायोगैस सिलेंडर फिलिंग और स्टोरेज प्लांट्स को मंजूरी, 14 को लाइसेंस जारी

सारांश

पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने 41 बायोगैस फिलिंग व स्टोरेज प्लांट्स को मंजूरी दी और 14 को लाइसेंस जारी किया। पीईएसओ ने 467 आवेदनों का तेज़ी से निपटारा किया। अमोनियम नाइट्रेट निर्यात पर रोक और एलएनजी नीति में बदलाव से ऊर्जा आपूर्ति मजबूत करने की कोशिश।

मुख्य बातें

41 बायोगैस सिलेंडर फिलिंग और स्टोरेज प्लांट्स को केंद्र सरकार की मंजूरी मिली, 14 को लाइसेंस जारी।
पीईएसओ ने 25 मार्च से 21 अप्रैल के बीच 467 सीएनजी/सीबीजी आवेदनों का निपटारा किया।
157 आवेदनों को अंतिम लाइसेंस और 38 को नए स्टेशन निर्माण की पूर्व मंजूरी मिली।
18 मार्च से अमोनियम नाइट्रेट के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लागू।
एसकेओ भंडारण में विशेष छूट — 2,500 लीटर नियमित और 5,000 लीटर एकमुश्त — पीडीएस आपूर्ति के लिए।
सीएनजी/सीबीजी कंप्रेसर मंजूरी में 6 महीने की अस्थायी छूट और आवेदन निपटान की 10 दिन की समयसीमा तय।

नई दिल्ली, 22 अप्रैल। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि 41 बायोगैस सिलेंडर फिलिंग और स्टोरेज प्लांट्स को सरकारी मंजूरी प्रदान की गई है, जिनमें से 14 प्लांट्स को औपचारिक लाइसेंस भी जारी कर दिया गया है। यह कदम पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।

467 आवेदनों का प्राथमिकता से निपटारा

पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) को कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) स्टेशनों के लिए कुल 467 आवेदन प्राप्त हुए थे। इन सभी आवेदनों को 25 मार्च से 21 अप्रैल के बीच प्राथमिकता के आधार पर निपटाया गया।

इनमें से 157 मामलों को अंतिम लाइसेंस प्रदान किया गया, जबकि 38 मामलों में नए सीएनजी/सीबीजी स्टेशनों के निर्माण के लिए पूर्व स्वीकृति दी गई। यह प्रक्रिया असाधारण तेज़ी से पूरी की गई, जो सामान्य प्रशासनिक समयसीमा से काफी कम है।

ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष उपाय

पीईएसओ ने मौजूदा भू-राजनीतिक संकट के दौरान ईंधन और गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। सुपीरियर केरोसीन ऑयल (एसकेओ) के अस्थायी भंडारण में विशेष छूट दी गई है, जिसके तहत 2,500 लीटर तक नियमित स्टोरेज और एकमुश्त 5,000 लीटर तक की अनुमति मिली है।

यह छूट इसलिए दी गई है ताकि पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (पीडीएस) के अंतर्गत अंतिम उपभोक्ताओं तक केरोसीन की आपूर्ति बाधित न हो। गौरतलब है कि देश के ग्रामीण और वंचित वर्ग के करोड़ों परिवार अभी भी पीडीएस केरोसीन पर निर्भर हैं।

अमोनियम नाइट्रेट निर्यात पर रोक और एलएनजी नीति

घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 18 मार्च को अमोनियम नाइट्रेट के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। यह निर्णय रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग कृषि उर्वरकों और औद्योगिक विस्फोटकों दोनों में होता है।

इसके साथ ही एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) को क्रायोजेनिक सिलेंडरों में भरने की अनुमति देने के दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिससे ईंधन वितरण प्रणाली को अधिक लचीला और विकेंद्रीकृत बनाया जा सके। 14 मार्च को पोरबंदर जेट्टी पर एलपीजी उतारने की अनुमति भी दी गई, जिससे तटीय मार्ग से ईंधन आपूर्ति सुगम हुई।

पारदर्शिता और त्वरित मंजूरी की नई व्यवस्था

पीईएसओ ने 20 मार्च को निर्देश जारी किए कि सीएनजी स्टेशनों और डिकंप्रेशन यूनिट्स से जुड़े आवेदनों को 10 दिनों के भीतर निपटाया जाए। इससे ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विकास में तेज़ी आएगी।

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 1 अप्रैल 2026 को पीईएसओ की आधिकारिक वेबसाइट पर पीडीएस केरोसीन और डीजल आपूर्ति के लिए अनुमोदित कंटेनर निर्माताओं और उनकी क्षमता की सूची सार्वजनिक की गई। इसी दिन सीएनजी/सीबीजी कंप्रेसर के लिए मंजूरी प्रक्रिया में 6 महीने की अस्थायी छूट भी दी गई।

डीपीआईआईटी का औद्योगिक सहयोग

उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) भी इस दिशा में सक्रिय है। विभाग औद्योगिक गतिविधियों को निरंतर बनाए रखने, सप्लाई चेन को स्थिर रखने और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को आवश्यक सहयोग देने के लिए समन्वित प्रयास कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया संकट के लंबा खिंचने की स्थिति में ये उपाय भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की परीक्षा लेंगे। कंप्रेस्ड बायोगैस को बढ़ावा देना न केवल ऊर्जा सुरक्षा बल्कि कृषि अपशिष्ट प्रबंधन और ग्रामीण रोजगार के लिहाज से भी दीर्घकालिक महत्व रखता है।

आने वाले हफ्तों में सरकार और अधिक सीएनजी/सीबीजी स्टेशनों को चालू करने की दिशा में काम करेगी, और पीईएसओ की त्वरित मंजूरी प्रक्रिया इस लक्ष्य को पूरा करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना होगा। कंप्रेस्ड बायोगैस को बढ़ावा देना दीर्घकालिक ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में सही कदम है, लेकिन जब तक यह नेटवर्क पर्याप्त पैमाने पर नहीं फैलता, आयातित ईंधन पर निर्भरता बनी रहेगी। संकट प्रबंधन और दीर्घकालिक नीति — दोनों को एक साथ साधना ही असली चुनौती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरकार ने कितने बायोगैस प्लांट्स को मंजूरी दी है?
केंद्र सरकार ने 41 बायोगैस सिलेंडर फिलिंग और स्टोरेज प्लांट्स को मंजूरी दी है। इनमें से 14 प्लांट्स को औपचारिक लाइसेंस भी जारी कर दिया गया है।
पीईएसओ ने सीएनजी/सीबीजी आवेदनों को कितने समय में निपटाया?
पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) ने 467 आवेदनों को 25 मार्च से 21 अप्रैल के बीच प्राथमिकता से निपटाया। इनमें 157 को अंतिम लाइसेंस और 38 को पूर्व मंजूरी दी गई।
अमोनियम नाइट्रेट के निर्यात पर रोक क्यों लगाई गई?
घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 18 मार्च को अमोनियम नाइट्रेट के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। यह पश्चिम एशिया संकट के बीच देश की आंतरिक ज़रूरतों को प्राथमिकता देने का हिस्सा है।
पीडीएस केरोसीन की आपूर्ति पर क्या असर पड़ेगा?
एसकेओ के अस्थायी भंडारण में 2,500 लीटर तक और एकमुश्त 5,000 लीटर तक की विशेष छूट दी गई है। इससे पीडीएस के तहत गरीब और ग्रामीण उपभोक्ताओं तक केरोसीन की आपूर्ति निर्बाध रहेगी।
कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) क्यों महत्वपूर्ण है?
कंप्रेस्ड बायोगैस कृषि अपशिष्ट से बनाई जाती है और यह आयातित ईंधन का घरेलू विकल्प है। यह ऊर्जा सुरक्षा, ग्रामीण रोजगार और पर्यावरण संरक्षण तीनों लक्ष्यों को एक साथ साधती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले