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क्या पिछले छह वर्षों में साइबर धोखाधड़ी से भारतीयों को 52 हजार करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ?

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क्या पिछले छह वर्षों में साइबर धोखाधड़ी से भारतीयों को 52 हजार करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ?

सारांश

क्या साइबर धोखाधड़ी भारतीयों के लिए एक गंभीर खतरा बन चुकी है? पिछले छह वर्षों में हुए 52,976 करोड़ रुपए के नुकसान और इससे जुड़े मामलों की बढ़ती संख्या को जानें। रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। जानिए इस मुद्दे की गहराई में क्या है।

मुख्य बातें

52,976 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
महाराष्ट्र में सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
ऑनलाइन लेनदेन में बढ़ोतरी से धोखाधड़ी के मामले बढ़े।
77% नुकसान निवेश योजनाओं के नाम पर हुआ।
हम सभी को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पिछले छह वर्षों में विभिन्न धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों में भारतीयों को 52,976 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है, जिसमें महाराष्ट्र में सबसे अधिक वित्तीय नुकसान दर्ज किया गया है। शनिवार को एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर द्वारा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से संकलित आंकड़ों के अनुसार, 2025 में लगभग 19,813 करोड़ रुपए का नुकसान और धोखाधड़ी से संबंधित 2,177,524 शिकायतें दर्ज की गईं।

2024 में दर्ज नुकसान 22,849.49 करोड़ रुपए था और 1,918,852 शिकायतें दर्ज की गईं। इससे पहले के वर्षों में कम राशि दर्ज की गई थी, जो फाइनेंशियल क्राइम्स, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन स्कैम और बैंकिंग फ्रॉड जैसे वित्तीय अपराधों में चिंताजनक वृद्धि की ओर इशारा करती है।

विश्लेषकों ने इस तीव्र वृद्धि का कारण तेजी से डिजिटलीकरण और ऑनलाइन लेनदेन में वृद्धि को बताया है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, आंकड़ों से पता चला है कि पिछले साल धोखाधड़ी के मामलों में महाराष्ट्र को सबसे अधिक आर्थिक नुकसान हुआ, जो 3,203 करोड़ रुपए था, और इसके लिए 2,833,20 शिकायतें दर्ज की गईं। इसके बाद कर्नाटक का स्थान रहा, जहां 2,413 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और 2,132,28 शिकायतें दर्ज की गईं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि तमिलनाडु में 1,897 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और 123,290 शिकायतें दर्ज की गईं। उत्तर प्रदेश में 1,443 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और 275,264 शिकायतें दर्ज की गईं और तेलंगाना में 1,372 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और 95,000 शिकायतें दर्ज की गईं। ये शीर्ष पांच राज्य राष्ट्रीय कुल नुकसान के आधे से अधिक के लिए जिम्मेदार हैं।

आंकड़ों से पता चला है कि 19,812 करोड़ रुपए में से 77 प्रतिशत निवेश योजनाओं के नाम पर, 8 प्रतिशत डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से, 7 प्रतिशत क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी से, 4 प्रतिशत सेक्सटॉर्शन से, 3 प्रतिशत ई-कॉमर्स धोखाधड़ी से और 1 प्रतिशत ऐप/मैलवेयर आधारित धोखाधड़ी से हुआ।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि आज के डिजिटल युग में साइबर धोखाधड़ी अब केवल एक समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय संकट बन चुका है। हमें इसके प्रति जागरूक रहना होगा और सही उपायों को अपनाना होगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साइबर धोखाधड़ी से सबसे अधिक नुकसान किस राज्य में हुआ?
साइबर धोखाधड़ी से सबसे अधिक नुकसान महाराष्ट्र में हुआ, जिसमें 3,203 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
कितनी शिकायतें दर्ज की गईं?
पिछले वर्ष में 2,833,20 शिकायतें दर्ज की गईं।
धोखाधड़ी के मामलों का मुख्य कारण क्या है?
विश्लेषकों के अनुसार, इसका मुख्य कारण तेजी से डिजिटलीकरण और ऑनलाइन लेनदेन में वृद्धि है।
राष्ट्र प्रेस
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