ईएसए के सोलर ऑर्बिटर ने कैद किए सूर्य के चार अद्भुत रूप — सौर विस्फोट से ध्रुवीय बदलाव तक
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने सूर्य की चार असाधारण तस्वीरें सार्वजनिक की हैं, जिनमें सौर विस्फोट, विशाल चुंबकीय लूप, सौर हवाएँ और ध्रुवीय चुंबकीय बदलाव जैसी दुर्लभ घटनाएँ दर्ज हैं। ये तस्वीरें सोलर ऑर्बिटर मिशन और लास्को कोरोनोग्राफ द्वारा ली गई हैं और सूर्य की आंतरिक कार्यप्रणाली को समझने में वैज्ञानिकों के लिए नई दृष्टि प्रदान करती हैं।
मुख्य घटनाक्रम: चार तस्वीरें, चार रहस्य
पहली तस्वीर अक्टूबर 2025 में सोलर ऑर्बिटर द्वारा ली गई थी, जिसमें सूर्य के पश्चिमी किनारे पर एक सक्रिय क्षेत्र को कैद किया गया है। इसमें विशाल चुंबकीय लूप स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। ईएसए के अनुसार, सूर्य के भीतर उत्पन्न होने वाली ध्वनि तरंगें सतह तक पहुँचकर सनस्पॉट्स के माध्यम से कोरोना तक ऊर्जा पहुँचाती हैं, जिससे ये लूप धड़कते हुए प्रतीत होते हैं।
दूसरी तस्वीर जनवरी 2024 में हुए दो बड़े सौर विस्फोटों को दर्शाती है, जिन्हें सोलर ऑर्बिटर और लास्को कोरोनोग्राफ ने मिलकर रिकॉर्ड किया। इनमें दूसरा विस्फोट विशेष रूप से शक्तिशाली था। विस्फोट के बाद बने चमकदार चुंबकीय लूप यह दर्शाते हैं कि सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र में किस विशाल मात्रा में ऊर्जा संचित और मुक्त होती है।
सूर्य के चार स्वरूप एक फ्रेम में
तीसरी तस्वीर अप्रैल 2025 की है, जिसमें सूर्य के चार भिन्न स्वरूप एक ही फ्रेम में दिखाई देते हैं — अत्यधिक सक्रिय क्षेत्र, अपेक्षाकृत शांत हिस्से और कोरोना के विशाल छिद्र एक-दूसरे के निकट मौजूद हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन क्षेत्रों के बीच की सीमाएँ सौर हवा (सोलर विंड) के निर्माण की प्रमुख स्थलों में से हो सकती हैं।
ध्रुवीय बदलाव: हर 11 साल में होती है उलट-पलट
चौथी तस्वीर सूर्य के चुंबकीय ध्रुवों में होने वाले बदलाव से संबंधित है। वैज्ञानिकों के अनुसार, लगभग हर 11 साल में सूर्य के उत्तरी और दक्षिणी चुंबकीय ध्रुव अपनी स्थिति बदल लेते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सूर्य अपने सौर चक्र 25 के चरम की ओर बढ़ रहा है। हालाँकि इस प्रक्रिया की सामान्य समझ मौजूद है, इसका पूर्ण वैज्ञानिक तंत्र अभी भी अनसुलझा है।
सोलर ऑर्बिटर की भूमिका
ईएसए का कहना है कि सोलर ऑर्बिटर लगातार सूर्य के ध्रुवों के निकट पहुँच रहा है। भविष्य में इस मिशन से प्राप्त होने वाले आँकड़े ध्रुवीय बदलाव की इस अनसुलझी पहेली को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। गौरतलब है कि यह मिशन ईएसए और NASA का संयुक्त प्रयास है, जो सूर्य के उन क्षेत्रों की छवियाँ भेज रहा है जो पहले कभी इतने विस्तार से नहीं देखे गए थे।
विज्ञान जगत पर असर
सूर्य की इन गतिविधियों का सीधा संबंध पृथ्वी पर अंतरिक्ष मौसम से है — शक्तिशाली सौर विस्फोट उपग्रह संचार, GPS प्रणाली और विद्युत ग्रिड को प्रभावित कर सकते हैं। इसीलिए सोलर ऑर्बिटर जैसे मिशनों से मिलने वाली जानकारी न केवल वैज्ञानिक जिज्ञासा के लिए, बल्कि व्यावहारिक तैयारी के लिहाज़ से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।