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जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 की सफलता पर कर्नाटक मंत्री अजय धर्म सिंह ने इसरो चेयरमैन से की मुलाकात

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जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 की सफलता पर कर्नाटक मंत्री अजय धर्म सिंह ने इसरो चेयरमैन से की मुलाकात

सारांश

जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 की कामयाबी के बाद कर्नाटक सरकार ने इसरो से हाथ मिलाने की पहल तेज़ की है। मंत्री अजय धर्म सिंह की इसरो चेयरमैन से सीधी मुलाकात और CM शिवकुमार की फोन पर बधाई — यह महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि राज्य को स्पेसटेक की अगली पंक्ति में खड़ा करने की रणनीतिक कोशिश है।

मुख्य बातें

कर्नाटक मंत्री अजय धर्म सिंह ने 8 सितंबर को बेंगलुरु में इसरो चेयरमैन वी.
नारायणन से मुलाकात कर जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 मिशन की सफलता पर बधाई दी।
शिवकुमार ने बैठक के दौरान वी.
नारायणन से फोन पर बात कर इसरो टीम को बधाई दी।
ईओएस-05 उपग्रह कृषि, जल संसाधन, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन में उपयोगी डेटा उपलब्ध कराएगा।
कर्नाटक सरकार स्पेस-टेक, डीप-टेक और स्टार्टअप क्षेत्रों में इसरो के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसी महीने के अंत में CM शिवकुमार और इसरो नेतृत्व के बीच उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है।

कर्नाटक के लघु सिंचाई एवं विज्ञान-प्रौद्योगिकी मंत्री अजय धर्म सिंह ने मंगलवार, 8 सितंबर को बेंगलुरु में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरमैन एवं अंतरिक्ष विभाग के सचिव वी. नारायणन से भेंट की और हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुए जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 मिशन पर इसरो की पूरी टीम को बधाई दी। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर नई ऊँचाइयाँ छू रहा है और बेंगलुरु इस पारिस्थितिकी तंत्र का केंद्र बना हुआ है।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक के दौरान मंत्री अजय धर्म सिंह ने इसरो के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी दल की सराहना करते हुए कहा कि यह मिशन भारत की वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षमताओं में एक और महत्त्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा, 'इसरो की यह उपलब्धि पूरे देश और कर्नाटक के लिए गर्व की बात है।'

इसी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने वी. नारायणन से फोन पर बात कर इसरो चेयरमैन और पूरी टीम को सफल मिशन की बधाई दी।

कर्नाटक सरकार की प्रतिबद्धता

मंत्री अजय धर्म सिंह ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्पेस साइंस, रिसर्च, स्पेस-टेक, डीप-टेक, स्टार्टअप और उभरती प्रौद्योगिकियों के विकास में सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक ऐतिहासिक रूप से इसरो और भारत के स्पेस इकोसिस्टम का केंद्र रहा है। राज्य को देश में स्पेसटेक और डीपटेक के विकास के अगले चरण में भी सबसे आगे रहना चाहिए।'

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि विज्ञान, तकनीक और उभरते नवाचार के क्षेत्रों में इसरो और कर्नाटक सरकार के बीच सहयोग को और गहरा करने की पर्याप्त संभावना है।

ईओएस-05 का महत्त्व

ईओएस-05 उपग्रह की क्षमताएँ पृथ्वी की निगरानी को और सुदृढ़ करेंगी। यह उपग्रह कृषि, जल संसाधन प्रबंधन, पर्यावरण निगरानी और आपदा प्रबंधन जैसे अहम क्षेत्रों में उपयोगी डेटा उपलब्ध कराएगा। गौरतलब है कि इस तरह के पृथ्वी अवलोकन उपग्रह भारत की नीति-निर्माण प्रक्रिया में वैज्ञानिक आधार प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मंत्री ने अपने पत्र में लिखा, 'मैं सफल जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 मिशन के लिए आपको और इसरो की पूरी टीम को हार्दिक बधाई देता हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी उपलब्धियाँ युवा वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और छात्रों को प्रेरित करती हैं तथा विज्ञान-प्रौद्योगिकी के प्रमुख केंद्र के रूप में बेंगलुरु की स्थिति को और मज़बूत करती हैं।

आगे की योजना

मंत्री अजय धर्म सिंह ने बताया कि सहयोग के और अधिक अवसरों की पहचान करने के लिए इसी महीने के अंत में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और इसरो के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक कर्नाटक को भारत के अंतरिक्ष-तकनीक परिदृश्य में और केंद्रीय भूमिका दिलाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्य भी स्पेसटेक निवेश के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं। असली सवाल यह है कि महीने के अंत में प्रस्तावित उच्चस्तरीय बैठक ठोस नीतिगत प्रतिबद्धताओं में तब्दील होती है या केवल इरादे की घोषणा बनकर रह जाती है।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 मिशन क्या है?
जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 इसरो का एक पृथ्वी अवलोकन मिशन है जो हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ईओएस-05 उपग्रह कृषि, जल संसाधन, पर्यावरण प्रबंधन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उपयोगी डेटा उपलब्ध कराएगा।
कर्नाटक मंत्री अजय धर्म सिंह ने इसरो चेयरमैन से क्यों मुलाकात की?
मंत्री अजय धर्म सिंह ने 8 सितंबर को बेंगलुरु में इसरो चेयरमैन वी. नारायणन से मुलाकात कर जीएसएलवी-एफ17/ईओएस-05 मिशन की सफलता पर बधाई दी। साथ ही उन्होंने विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में इसरो और कर्नाटक सरकार के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
CM डी.के. शिवकुमार ने इसरो को बधाई कैसे दी?
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बैठक के दौरान इसरो चेयरमैन वी. नारायणन से फोन पर बात कर सफल मिशन के लिए इसरो की पूरी टीम को बधाई दी।
कर्नाटक और इसरो के बीच आगे क्या सहयोग होगा?
मंत्री अजय धर्म सिंह के अनुसार, सितंबर के अंत में CM शिवकुमार और इसरो के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है। इसमें स्पेस-टेक, डीप-टेक, स्टार्टअप और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग के नए अवसरों की पहचान की जाएगी।
ईओएस-05 उपग्रह से आम जनता को क्या फायदा होगा?
ईओएस-05 की क्षमताएँ पृथ्वी की निगरानी को सुदृढ़ करेंगी और कृषि उत्पादकता, जल संसाधन प्रबंधन, पर्यावरण निगरानी तथा आपदा प्रबंधन में सहायक डेटा उपलब्ध कराएँगी, जिससे नीति-निर्माण में वैज्ञानिक आधार मज़बूत होगा।
राष्ट्र प्रेस
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