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हेल्थकेयर में एआई की वास्तविक शक्ति: विश्वास, नैतिकता और समावेश की आवश्यकता

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हेल्थकेयर में एआई की वास्तविक शक्ति: विश्वास, नैतिकता और समावेश की आवश्यकता

सारांश

भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई की क्षमता को समझने के लिए विश्वास, नैतिकता और समावेश पर जोर दिया गया है। एक राष्ट्रीय ढांचे के तहत एआई को जिम्मेदारी से अपनाने की रणनीति प्रस्तुत की गई है।

मुख्य बातें

भरोसा: एआई का उपयोग जनहित में होना चाहिए।
नैतिकता: नैतिक मानकों को बनाए रखना आवश्यक है।
समावेश: हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाओं का समान लाभ मिलना चाहिए।
डाटा विविधता: डेटा में विविधता से एआई की प्रभावशीलता बढ़ेगी।
जिम्मेदारी: एआई का उपयोग सुरक्षित और विश्वसनीय होना चाहिए।

नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बदलावकारी क्षमता तभी पूरी तरह से उजागर हो सकती है, जब इसे विश्वास, नैतिकता और समावेश के मजबूत आधार पर विकसित किया जाए। यह जानकारी गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में दी गई।

बयान में कहा गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद डायग्नोस्टिक गैप को कम करने, एल्गोरिदम में मौजूद पक्षपात को समाप्त करने और सभी लोगों तक समान रूप से स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए स्पष्ट नीतियों की आवश्यकता है। इसके लिए विविध और उच्च गुणवत्ता वाला डेटा उपलब्ध होना चाहिए, और स्वास्थ्यकर्मियों को एआई के साथ काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।

एआई फॉर ऑल’ की धारणा यह मांग करती है कि ऐसा एआई इकोसिस्टम तैयार किया जाए, जो हर मरीज के लिए उपयोगी हो, चाहे वह किसी भी क्षेत्र, आय वर्ग, भाषा या भौगोलिक स्थिति का हो।

इस दिशा में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान भारत के हेल्थकेयर सेक्टर के लिए एआई रणनीति ‘एसएएचआई’ (स्ट्रेटजी फॉर एआई इन हेल्थकेयर फॉर इंडिया) जारी की।

एसएएचआई एक राष्ट्रीय ढांचा तैयार करता है, जिसका उद्देश्य भारत की स्वास्थ्य प्रणाली में एआई को जिम्मेदारी से शामिल करने के लिए मार्गदर्शन करना है। इसमें एआई को स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने वाला एक महत्वपूर्ण साधन माना गया है, लेकिन कहा गया है कि इसका उपयोग जनहित, भरोसे और दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

समिट के दौरान चर्चा में यह भी सामने आया कि एआई के बेहतर उपयोग के लिए स्वास्थ्य डेटा में विविधता, जवाबदेह और भरोसेमंद एआई सिस्टम और सार्वजनिक हित के लिए एआई का उपयोग बेहद आवश्यक है।

राष्ट्रीय फ्रेमवर्क के रूप में शुरू किए गए एसएएचआई में स्वास्थ्य सेवाओं में एआई को लागू करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप दिया गया है, जिसका उद्देश्य नीति निर्माताओं, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और टेक्नोलॉजी डेवलपर्स को यह दिशा देना है कि एआई को जिम्मेदारी से कैसे अपनाया जाए, ताकि नवाचार चिकित्सा जरूरतों, नियामकीय मानकों, समानता और जनविश्वास के अनुरूप हो।

समिट के दौरान बीओडीएच (बेंचमार्किंग ओपन डेटा प्लेटफॉर्म फॉर हेल्थ एआई) का भी शुभारंभ किया गया। यह प्लेटफॉर्म हेल्थ एआई समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने से पहले उनकी जांच और वैधता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवस्थित तंत्र प्रदान करेगा।

यह प्लेटफॉर्म यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा कि डॉक्टरों द्वारा उपयोग किए जाने वाले एआई टूल सुरक्षित, भरोसेमंद और वास्तविक परिस्थितियों में परखे गए हों। भारत के हेल्थ एआई सफर में भरोसा, सुरक्षा और जवाबदेही को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए।

बीओडीएच (बोध) प्लेटफॉर्म को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर ने नेशनल हेल्थ ऑथोरिटी के सहयोग से विकसित किया है।

एसएएचआई रणनीति, स्वास्थ्य डेटा में विविधता की जरूरत, भरोसेमंद एआई सिस्टम और बोध जैसे परीक्षण प्लेटफॉर्म की आवश्यकता - इन सभी विषयों पर हुई चर्चाओं ने एआई समिट 2026 में यह स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई भविष्य में बड़ा बदलाव ला सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई का प्रभावी उपयोग केवल तब संभव है जब इसे नैतिकता और समावेश के आधार पर तैयार किया जाए। यह एक जनहित की पहल है, जो नीति निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान करती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआई का स्वास्थ्य क्षेत्र में उपयोग कैसे किया जा सकता है?
एआई का उपयोग स्वास्थ्य क्षेत्रों में डेटा विश्लेषण, रोग पहचान, और व्यक्तिगत चिकित्सा में किया जा सकता है।
क्या एआई में पक्षपात का खतरा है?
हाँ, एआई में पक्षपात का खतरा होता है, लेकिन इसे विविध डेटा और जवाबदेह नीतियों के माध्यम से कम किया जा सकता है।
एसएएचआई रणनीति क्या है?
एसएएचआई एक राष्ट्रीय ढांचा है, जिसका उद्देश्य भारत में स्वास्थ्य प्रणाली में एआई को जिम्मेदारी से शामिल करना है।
बीओडीएच प्लेटफॉर्म का उद्देश्य क्या है?
बीओडीएच प्लेटफॉर्म एआई समाधानों की जांच और वैधता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवस्थित तंत्र प्रदान करता है।
क्या एआई का स्वास्थ्य क्षेत्र में भविष्य उज्ज्वल है?
हाँ, यदि इसे नैतिकता और समावेश के आधार पर विकसित किया जाए, तो एआई स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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