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भारत में व्हाइट-कॉलर भर्ती अगस्त में 14% बढ़ी, AI/ML नौकरियों में 31% उछाल

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भारत में व्हाइट-कॉलर भर्ती अगस्त में 14% बढ़ी, AI/ML नौकरियों में 31% उछाल

सारांश

भारत में व्हाइट-कॉलर भर्ती अगस्त में 14% बढ़ी — और इस उछाल की असली ताकत AI/ML नौकरियाँ हैं जिनमें 31% की वृद्धि हुई। हैदराबाद और भुवनेश्वर जैसे शहर मुंबई और दिल्ली को पीछे छोड़ रहे हैं, और GCC तथा IT सुरक्षा क्षेत्र तकनीकी प्रतिभा की माँग में नई ऊँचाई छू रहे हैं।

मुख्य बातें

भारत में व्हाइट-कॉलर भर्ती अगस्त 2026 में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़ी।
AI/ML नौकरियों में 31 प्रतिशत की वृद्धि — समग्र भर्ती वृद्धि से दोगुनी से अधिक।
जॉबस्पीक इंडेक्स 2,664 से बढ़कर 3,028 पर पहुँचा।
ऑटो सेक्टर में 19% , हेल्थकेयर में 16% और रिटेल में 15% की वृद्धि।
हैदराबाद ( 23% ) मेट्रो शहरों में और भुवनेश्वर ( 32% ) उभरते शहरों में सबसे आगे।
एजुकेशन और हॉस्पिटैलिटी में क्रमशः 8% और 4% की गिरावट।

भारत में व्हाइट-कॉलर नौकरियों की भर्ती अगस्त 2026 में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़ी, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) से जुड़े पदों ने 31 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे तेज़ रफ्तार दिखाई। नौकरी डॉट कॉम की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, यह वृद्धि तब दर्ज की गई जब इस वर्ष त्योहारी सीज़न अगस्त की बजाय सितंबर में शिफ्ट हो गया था।

जॉबस्पीक इंडेक्स में उल्लेखनीय उछाल

नौकरी डॉट कॉम का जॉबस्पीक इंडेक्स अगस्त में बढ़कर 3,028 पर पहुँच गया, जबकि अगस्त 2025 में यह 2,664 था। यह सूचकांक भारत के संगठित क्षेत्र में व्हाइट-कॉलर भर्ती गतिविधि का एक प्रमुख पैमाना माना जाता है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष त्योहारी अवधि का बड़ा हिस्सा अगस्त में था, जिससे तुलनात्मक आधार ऊँचा था — फिर भी इस वर्ष की वृद्धि उल्लेखनीय बनी रही।

क्षेत्रवार प्रदर्शन: ऑटो और हेल्थकेयर आगे

ऑटो सेक्टर में भर्ती सबसे तेज़ी से बढ़ी — सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। इसके बाद हेल्थकेयर में 16 प्रतिशत और रिटेल में 15 प्रतिशत की बढ़त रही। इंश्योरेंस में 12 प्रतिशत, IT में 11 प्रतिशत और बैंकिंग तथा FMCG में 10-10 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

BPO/ITES, ऑयल एंड गैस और रियल एस्टेट में 8-8 प्रतिशत की बढ़त रही। दूसरी ओर, हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल में 4 प्रतिशत और एजुकेशन सेक्टर में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। फार्मा और बायोटेक में भर्ती स्थिर बनी रही।

अनुभव स्तर के अनुसार भर्ती रुझान

फ्रेशर्स की भर्ती में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो दर्शाती है कि कंपनियाँ नई प्रतिभाओं में निवेश कर रही हैं। 4-7 साल के अनुभव वाले पेशेवरों की माँग 10 प्रतिशत बढ़ी। मिड-टू-सीनियर स्तर पर वृद्धि और भी मज़बूत रही — 8-12 साल के अनुभव वालों में 16 प्रतिशत, 13-16 साल के अनुभव वालों में 18 प्रतिशत और 16 साल से अधिक अनुभव वालों में 13 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

शहरवार तस्वीर: हैदराबाद और भुवनेश्वर अग्रणी

मेट्रो शहरों में हैदराबाद ने 23 प्रतिशत की वृद्धि के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। कोलकाता में 22 प्रतिशत, चेन्नई में 20 प्रतिशत, बेंगलुरु और पुणे में 14-14 प्रतिशत, दिल्ली-NCR में 10 प्रतिशत और मुंबई में 7 प्रतिशत की बढ़त रही। उभरते शहरों में भुवनेश्वर ने 32 प्रतिशत और रायपुर ने 23 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रभावशाली प्रदर्शन किया। सूरत और रांची में भी मज़बूत वृद्धि दर्ज हुई।

IT और GCC में AI-संचालित माँग

IT/सॉफ्टवेयर सेवा क्षेत्र में भर्ती सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़ी। इस क्षेत्र के भीतर AI/ML से जुड़े पदों में 22 प्रतिशत और IT एवं इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी से संबंधित भूमिकाओं में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) में भर्ती 10 प्रतिशत बढ़ी, जिसमें हैदराबाद में 28 प्रतिशत और चेन्नई में 21 प्रतिशत की वृद्धि सबसे उल्लेखनीय रही।

इन्फो एज (इंडिया) लिमिटेड के MD एवं CEO हितेश ओबेरॉय ने कहा, 'इस वृद्धि को त्योहारी कैलेंडर के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। पिछले साल त्योहारी अवधि का बड़ा हिस्सा अगस्त में था, जबकि इस साल यह सितंबर में शिफ्ट हो गया है।' यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है क्योंकि त्योहारी सीज़न पारंपरिक रूप से भर्ती गतिविधि को प्रभावित करता है। आने वाले महीनों में, विशेष रूप से सितंबर-अक्टूबर की त्योहारी माँग के साथ, भर्ती के आँकड़े और स्पष्ट तस्वीर पेश करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

028 के आँकड़े उत्साहजनक हैं, लेकिन इन्हें त्योहारी-कैलेंडर के बेस इफेक्ट से अलग करके देखना ज़रूरी है — जैसा कि खुद इन्फो एज के CEO ने स्वीकार किया। असली संकेत यह है कि AI/ML और IT सुरक्षा जैसे विशेष तकनीकी कौशल वाले पदों की माँग बाकी सभी श्रेणियों को पीछे छोड़ रही है, जो भारतीय नौकरी बाज़ार में एक संरचनात्मक बदलाव की ओर इशारा करती है। हैदराबाद और भुवनेश्वर जैसे शहरों का उभरना दर्शाता है कि तकनीकी भर्ती का केंद्र अब सिर्फ बेंगलुरु नहीं रहा। एजुकेशन सेक्टर में 8% की गिरावट एक चिंताजनक संकेत है जो मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अगस्त 2026 में भारत में व्हाइट-कॉलर भर्ती कितनी बढ़ी?
नौकरी डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 में भारत में व्हाइट-कॉलर भर्ती सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़ी। जॉबस्पीक इंडेक्स 2,664 से बढ़कर 3,028 पर पहुँच गया।
जॉबस्पीक इंडेक्स क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
जॉबस्पीक इंडेक्स नौकरी डॉट कॉम द्वारा जारी एक मासिक सूचकांक है जो भारत के संगठित क्षेत्र में व्हाइट-कॉलर भर्ती गतिविधि को मापता है। अगस्त में यह 3,028 पर पहुँचा, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है।
किन क्षेत्रों में भर्ती सबसे तेज़ी से बढ़ी?
ऑटो सेक्टर में 19 प्रतिशत, हेल्थकेयर में 16 प्रतिशत और रिटेल में 15 प्रतिशत की वृद्धि सबसे अधिक रही। AI/ML नौकरियों में 31 प्रतिशत और IT एवं इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी पदों में 32 प्रतिशत की वृद्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
कौन से शहरों में भर्ती वृद्धि सबसे अधिक रही?
मेट्रो शहरों में हैदराबाद 23 प्रतिशत वृद्धि के साथ शीर्ष पर रहा, उसके बाद कोलकाता (22%) और चेन्नई (20%) का स्थान रहा। उभरते शहरों में भुवनेश्वर 32 प्रतिशत वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा।
किन क्षेत्रों में भर्ती में गिरावट आई?
एजुकेशन सेक्टर में 8 प्रतिशत और हॉस्पिटैलिटी एवं ट्रैवल में 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। फार्मा और बायोटेक सेक्टर में भर्ती स्थिर रही।
राष्ट्र प्रेस
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