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क्या एनआईटी राउरकेला की स्वदेशी फोर्स प्लेट एड़ी के दर्द से राहत दिलाएगी?

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क्या एनआईटी राउरकेला की स्वदेशी फोर्स प्लेट एड़ी के दर्द से राहत दिलाएगी?

सारांश

क्या आप एड़ी के दर्द से परेशान हैं? एनआईटी राउरकेला के वैज्ञानिकों ने एक नई और किफायती फोर्स प्लेट विकसित की है, जो दर्द से राहत दिलाने का दावा करती है। जानिए इस नवाचार की विशेषताएँ और कैसे यह आपके लिए मददगार हो सकता है।

मुख्य बातें

एनआईटी राउरकेला द्वारा विकसित फोर्स प्लेट एड़ी के दर्द में राहत दिलाने में सक्षम है।
यह उपकरण कम लागत में उपलब्ध होगा, लगभग ८ से १० लाख रुपये में।
फोर्स प्लेट का उपयोग असामान्य चाल पैटर्न के निदान के लिए किया जा सकता है।
यह भारतीय निर्माताओं द्वारा विकसित एक महत्वपूर्ण क्लीनिकल उपकरण है।
उपर्युक्त उपकरण खेल और स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देगा।

नई दिल्ली, २५ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान राउरकेला (एनआईटी राउरकेला) के वैज्ञानिकों ने एक कम लागत वाली और स्वदेशी फोर्स प्लेट का विकास किया है, जो कि बेहद किफायती है। इसका दावा किया गया है कि यह एड़ी के दर्द से छुटकारा दिलाने में सक्षम है।

एड़ी का दर्द वयस्कों में पैरों से संबंधित सबसे सामान्य समस्याओं में से एक है। यह अक्सर प्लांटर फेशिया (एक ऊतकों की पट्टी जो पैर के आर्क को सहारा देती है) के अत्यधिक भार के कारण होता है।

हालांकि, कई मामलों में, एड़ी के नीचे के फैटी टिश्यू (हील पैड) में परिवर्तन भी समस्या का कारण बन सकता है। जब हम खड़े होते हैं, दौड़ते हैं या चलते हैं, तो यह शॉक ऑब्जर्वर का कार्य करता है। अत्यधिक दबाव पड़ने पर, एड़ी पैड अपनी आराम देने की क्षमता खो देता है, जिससे दर्द और असुविधा होती है। यह स्थिति उम्र बढ़ने, चोट, मोटापे, मधुमेह और गलत जूतों के कारण भी हो सकती है।

नई फोर्स प्लेट बहु-अक्षीय भू-प्रतिक्रिया बल (जीआरएफ) को मापकर कार्य करती है। फोर्स प्लेट से मापे गए जीआरएफ का उपयोग असामान्य चाल पैटर्न का निदान करने में किया जाता है।

यह उपकरण भारत में खेल शिक्षाविदों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और पुनर्वास केंद्रों के लिए उपयोगी साबित होगा, क्योंकि यह मौजूदा विदेशी विकल्पों की तुलना में अधिक किफायती है।

आईआईटी रुड़की के प्रो. ए. तिरुगनम ने कहा, "अधिकतर न्यूरोमस्कुलर विकार व्यक्ति के चाल-ढाल को प्रभावित करते हैं। चूंकि चाल के लिए मांसपेशियों की ताकत और संतुलन का सही समन्वय आवश्यक है, इनमें से किसी में भी गड़बड़ी चलने के तरीके को बदल सकती है।"

"कुछ सामान्य न्यूरोमस्कुलर रोग जैसे मायोपैथी, पेरिफेरल न्यूरोपैथी, न्यूरोमस्कुलर जंक्शन विकार, स्पास्टिसिटी, अटैक्सिया, पार्किंसंस रोग, सेरेब्रल पाल्सी आदि जीआरएफ को प्रभावित कर सकते हैं। जीआरएफ में इन असामान्यताओं का निदान फोर्स प्लेट के द्वारा किया जा सकता है।"

फोर्स प्लेट को मानव मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य के विश्लेषण के लिए एक आवश्यक क्लीनिकल उपकरण के रूप में वैश्विक मान्यता प्राप्त है। उच्च लागत और भारतीय निर्माताओं की कमी के कारण, भारत में इसकी उपलब्धता सीमित रही है।

आयातित फोर्स प्लेट की कीमत सामान्यतः 30-50 लाख रुपये के बीच होती है। स्वदेशी रूप से विकसित फोर्स प्लेट की लागत लगभग 8 से 10 लाख रुपये होगी, जिससे लागत में लगभग 70-85 प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे यह एक किफायती विकल्प बन जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक कदम है। एनआईटी राउरकेला के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा उपकरण बनाया है जो न केवल किफायती है बल्कि एड़ी के दर्द जैसी सामान्य समस्या का समाधान भी प्रदान करता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईटी राउरकेला की फोर्स प्लेट क्या है?
यह एक कम लागत वाली स्वदेशी उपकरण है जो एड़ी के दर्द का निदान और उपचार करने में मदद करती है।
इस फोर्स प्लेट की कीमत कितनी होगी?
इसकी लागत लगभग ८ से १० लाख रुपये होगी, जिससे यह किफायती विकल्प बनता है।
यह फोर्स प्लेट किस तरह काम करती है?
यह बहु-अक्षीय भू-प्रतिक्रिया बल (जीआरएफ) को मापकर असामान्य चाल पैटर्न का निदान करती है।
क्या यह उपकरण सभी उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित है?
हाँ, यह उपकरण सभी उम्र के व्यक्तियों के लिए सुरक्षित और उपयोगी है।
क्या इस उपकरण का उपयोग अस्पतालों में किया जा सकता है?
जी हाँ, यह अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और पुनर्वास केंद्रों में उपयोगी साबित होगा।
राष्ट्र प्रेस
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