दक्षिण कोरिया में किशोरों और युवाओं का एआई आधारित ऑनलाइन उत्पीड़न को लेकर बढ़ता तनाव

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दक्षिण कोरिया में किशोरों और युवाओं का एआई आधारित ऑनलाइन उत्पीड़न को लेकर बढ़ता तनाव

सारांश

दक्षिण कोरिया में एआई के बढ़ते प्रभाव के साथ, 80%25 से अधिक किशोर और युवा ऑनलाइन उत्पीड़न के प्रति चिंतित हैं। यह सर्वेक्षण जेनरेटिव एआई टूल्स के दुरुपयोग और उसके खतरों को उजागर करता है। जानें इस सर्वे के परिणाम क्या हैं।

Key Takeaways

  • 80%25 किशोरों ने ऑनलाइन उत्पीड़न पर चिंता जताई है।
  • सर्वेक्षण में 9,296 किशोरों और 7,521 वयस्कों ने भाग लिया।
  • किशोरों की 42.3%25 ने साइबर उत्पीड़न का अनुभव किया।
  • एआई टूल्स का दुरुपयोग चिंता का विषय है।
  • सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म के सही उपयोग को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।

सोल, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, जिसके साथ ही इसके खतरों में भी तेजी आई है। हाल ही में दक्षिण कोरिया में एक सर्वेक्षण किया गया, जिसमें यह सामने आया कि 80 प्रतिशत से अधिक किशोर और युवा ऑनलाइन उत्पीड़न के प्रति चिंतित हैं। इसमें जेनरेटिव एआई टूल्स का दुरुपयोग, जैसे कि डीपफेक वीडियो बनाना और गलत सूचनाओं का प्रसार शामिल है।

कोरिया मीडिया एंड कम्युनिकेशंस कमीशन (केएमसीसी) ने सितंबर से नवंबर 2022 के बीच किशोरों और युवाओं पर यह सर्वे किया। सर्वे के अनुसार, 89.4 प्रतिशत किशोरों ने एआई से होने वाली साइबर हिंसा की गंभीरता को स्वीकार किया, वहीं 87.6 प्रतिशत युवाओं ने भी इस बात को माना।

योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस सर्वेक्षण में चौथी कक्षा के प्राथमिक विद्यालय से लेकर तीसरे वर्ष के हाई स्कूल तक के 9,296 छात्रों और 7,521 वयस्कों का समावेश था।

प्रतिभागियों ने एआई टूल्स के माध्यम से सामग्री बनाने में आसानी को अपनी सबसे बड़ी चिंता के रूप में बताया, जबकि वयस्कों ने एआई द्वारा निर्मित सामग्री से होने वाले संभावित नुकसान के बारे में चिंता व्यक्त की।

सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि 2025 में 42.3 प्रतिशत किशोरों ने किसी न किसी प्रकार का साइबर उत्पीड़न अनुभव किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.5 प्रतिशत कम है। इसी समय अवधि में वयस्कों के लिए यह आंकड़ा 15.8 प्रतिशत रहा, जो कि 2.3 प्रतिशत अधिक है।

किशोरों के अनुसार, वे मुख्यतः टेक्स्ट संदेश और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्मों के जरिए साइबर उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं, जबकि वयस्कों ने बताया कि उन्हें ऐसा अनुभव मुख्यतः टेक्स्ट संदेश या सोशल मीडिया के माध्यम से हुआ।

सर्वे में यह भी सामने आया कि ऑनलाइन उत्पीड़न करने वालों में अधिकांश अजनबी होते हैं, इसके बाद दोस्तों का नंबर आता है।

केएमसीसी के चेयरमैन, किम जोंग-चियोल ने कहा, "साइबर उत्पीड़न केवल एक ऑनलाइन नैतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह व्यक्तियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है और संविधान में दिए गए खुशी के अधिकार का उल्लंघन कर सकता है।" उन्होंने कहा कि सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म के सही उपयोग को बढ़ावा देने का प्रयास करेगी।

Point of View

जो हमारे जीवन में便利ता लाने का वादा करता है, युवा पीढ़ी के लिए नए खतरों का कारण बन रहा है। किशोरों और युवाओं की चिंताएँ इस बात का संकेत हैं कि हमें डिजिटल दुनिया में सुरक्षा और नैतिकता के मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
NationPress
05/04/2026

Frequently Asked Questions

दक्षिण कोरिया में किशोरों के लिए एआई से उत्पीड़न के खतरे क्या हैं?
सर्वेक्षण के अनुसार, 80%25 से अधिक किशोरों ने ऑनलाइन उत्पीड़न के अनुभवों को साझा किया है, जिसमें एआई टूल्स का दुरुपयोग शामिल है।
क्या एआई के दुरुपयोग से साइबर हिंसा बढ़ रही है?
हाँ, सर्वे में शामिल किशोरों और युवाओं ने एआई द्वारा उत्पन्न सामग्री से संभावित खतरे को गंभीरता से लिया है।
सर्वेक्षण में कितने लोगों ने भाग लिया?
इस सर्वेक्षण में 9,296 किशोरों और 7,521 वयस्कों ने भाग लिया।
साइबर उत्पीड़न के प्रमुख स्रोत कौन हैं?
सर्वेक्षण के अनुसार, ऑनलाइन उत्पीड़न करने वाले मुख्यतः अजनबी होते हैं, इसके बाद दोस्तों का स्थान है।
सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठा रही है?
सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म के सही उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है।
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