मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दक्षिण कोरियाई पर्यटकों की घर वापसी
सारांश
Key Takeaways
- दक्षिण कोरियाई पर्यटक मध्य पूर्व से लौट रहे हैं।
- वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की गई है।
- 330 पर्यटक अभी भी दुबई में हैं।
- मध्य पूर्व का तनाव निर्यात पर असर डाल सकता है।
- पर्यटक काहिरा में भी लौट रहे हैं।
सियोल, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व के देशों में बढ़ते तनाव के चलते दक्षिण कोरियाई पर्यटक अब धीरे-धीरे अपने वतन की ओर लौट रहे हैं। वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था के चलते उनकी वापसी में आसानी हो रही है।
पर्यटन उद्योग के सूत्रों के अनुसार, बुधवार तक प्रमुख ट्रैवल एजेंसियों के पास 400 से अधिक पर्यटक दुबई में फंसे हुए थे। इनमें से हाना टूर के लगभग 150 ग्राहक, मोड टूर के करीब 190 ग्राहक और येलो बैलून टूर के लगभग 70 ग्राहक शामिल थे। यह जानकारी योनहाप समाचार एजेंसी ने दी है।
हाना टूर ने बताया कि उसके 40 ग्राहक पहले ही दुबई से रवाना हो चुके हैं और वे गुरुवार की रात तक दक्षिण कोरिया पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, मोड टूर ने अपने 39 ग्राहकों के लिए भी वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था की है, जिनके इंचियोन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचने की संभावना है।
इन यात्रियों की वापसी के बाद भी 330 दक्षिण कोरियाई पर्यटक अभी भी दुबई में रहेंगे। कंपनियों के मुताबिक, मध्य पूर्व के अन्य देशों में मौजूद पर्यटक बिना किसी बड़ी समस्या के अपने देश लौट रहे हैं।
हाना टूर के एक अधिकारी ने बताया कि काहिरा में मौजूद उनके समूह के पर्यटक बिना किसी रुकावट के लौट रहे हैं। येलो बैलून टूर के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी काहिरा और जॉर्डन के अम्मान में मौजूद अपने ग्राहकों के लिए इस सप्ताह अंत में वैकल्पिक उड़ानों का प्रबंध कर रही है।
इस बीच, सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख नीति निर्माता ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण मध्य पूर्व से दक्षिण कोरिया का निर्यात प्रभावित हो सकता है। यदि भू-राजनीतिक संकट अधिक समय तक चलता है, तो उससे निपटने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
नेशनल असेंबली की नीति समिति की अध्यक्ष हान जियोंग-ए ने संबंधित संसदीय समितियों के डेमोक्रेटिक सांसदों के साथ बैठक में कहा कि बढ़ता संघर्ष मध्य पूर्व के प्रमुख देशों से दक्षिण कोरिया के निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, जो पिछले वर्ष 200 ट्रिलियन वॉन (करीब 136.7 अरब डॉलर) रहा था।
उन्होंने कहा कि हमें इस संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए कि मध्य पूर्व में लगभग 100 ट्रिलियन वॉन के वो प्रोजेक्ट, जिन्हें हमारी कंपनियों ने स्मार्ट सिटी, परमाणु ऊर्जा संयंत्र और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर जैसे भविष्य के विकास इंजन के रूप में विकसित किया है, देरी का शिकार हो सकते हैं या रद्द भी किए जा सकते हैं।
पिछले सप्ताह अमेरिका-इज़राइल के ईरान पर हमलों से उपजी बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच सरकार 100 ट्रिलियन वॉन के बाजार स्थिरीकरण कार्यक्रम की तैयारी कर रही है।
—राष्ट्र प्रेस
एनए/पीयूष