किशोर कुमार की पुण्यतिथि पर जैकी श्रॉफ ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, याद किए 'पांच रुपैया बारह आना' के किस्से
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड के महान पार्श्वगायक और अभिनेता किशोर कुमार की 4 अगस्त को पुण्यतिथि के अवसर पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रॉफ ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'किशोर कुमार की पुण्यतिथि पर हम सभी उनको तहे दिल से याद करते हैं।' मध्य प्रदेश के खंडवा से निकलकर भारतीय सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ने वाले किशोर कुमार आज भी करोड़ों दिलों में जीवित हैं।
एक आवाज़ जो भीड़ से अलग थी
किशोर कुमार की गायिकी को दुनिया की सबसे विशिष्ट आवाज़ों में गिना जाता है। उनके सुरों में एक अनोखा खुरदरापन, लचक और सहजता थी, जो श्रोताओं को तुरंत अपनी ओर खींचती थी। उनका मूल नाम आभास कुमार गांगुली था और उनका जन्म खंडवा, मध्य प्रदेश में हुआ था। अपने चार दशक लंबे करियर में उन्होंने 2,500 से अधिक गाने गाए और सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के लिए 8 बार फिल्मफेयर पुरस्कार जीता — एक ऐसा कीर्तिमान जो आज भी अटूट है।
'पांच रुपैया बारह आना' की असली कहानी
किशोर कुमार से जुड़ा एक मशहूर किस्सा उनके कॉलेज के दिनों से जुड़ा है। कहा जाता है कि वे अक्सर कैंटीन में उधार पर पोहा और जलेबी खाते थे और धीरे-धीरे यह उधार पाँच रुपया बारह आना तक पहुँच गया। जब कैंटीन मालिक पैसे माँगता, तो किशोर कुमार गाकर उसे टालने की कोशिश करते। माना जाता है कि फिल्म 'चलती का नाम गाड़ी' के इसी नाम के मशहूर गीत की प्रेरणा उसी यादगार उधार के किस्से से मिली थी।
गायक बनना चाहते थे, अभिनेता बन गए
किशोर कुमार का पहला सपना अभिनेता नहीं, बल्कि गायक बनना था। वे मुंबई अपने आदर्श के.एल. सहगल की तरह गायकी में नाम कमाने आए थे। परंतु बड़े भाई अशोक कुमार के स्थापित स्टार होने के कारण उन्हें अभिनय के प्रस्ताव मिलने लगे। शुरुआती दौर में परिवार और निर्माताओं की इच्छा पर उन्होंने कई फिल्में कीं, और उनकी बेमिसाल कॉमिक टाइमिंग ने उन्हें सफल अभिनेता भी बनाया। फिर भी उन्होंने हमेशा माना कि उनका पहला प्यार गायकी ही रही।
तीन पीढ़ियों की आवाज़
किशोर कुमार ने राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन और देव आनंद जैसे महानायकों के लिए एक से बढ़कर एक सदाबहार गीत गाए, जो आज भी उतनी ही शिद्दत से सुने जाते हैं। उनकी आवाज़ ने तीन पीढ़ियों के दर्शकों को एक साथ जोड़े रखा। यह ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर उनके गीत लगातार ट्रेंड करते रहते हैं, जो उनकी कालजयी लोकप्रियता का प्रमाण है।
श्रद्धांजलि का सिलसिला
जैकी श्रॉफ की इस श्रद्धांजलि ने सोशल मीडिया पर किशोर कुमार के प्रशंसकों को एक बार फिर उनकी यादों में डुबो दिया। हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि पर बॉलीवुड और आम जनता दोनों उनके गीतों के माध्यम से उन्हें नमन करते हैं — यह परंपरा इस बात की गवाह है कि किशोर कुमार केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का एक अविभाज्य हिस्सा बन चुके हैं।