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किशोर कुमार ने राजेश खन्ना का 'इंटरव्यू' लिया, तब बनी वो जोड़ी जिसने 245 गाने और 92 फिल्मों का रिकॉर्ड बनाया

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किशोर कुमार ने राजेश खन्ना का 'इंटरव्यू' लिया, तब बनी वो जोड़ी जिसने 245 गाने और 92 फिल्मों का रिकॉर्ड बनाया

सारांश

किशोर कुमार ने राजेश खन्ना के लिए गाने से पहले उनसे मिलकर उन्हें परखा — और इसी अनोखी मुलाकात से जन्मी एक जोड़ी जिसने 92 फिल्मों में 245 गाने गाकर हिंदी सिनेमा का इतिहास लिखा। 'आराधना' से शुरू हुआ यह सफर आज भी अमर है।

मुख्य बातें

किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ; असली नाम आभास कुमार गांगुली था।
1969 में फिल्म 'आराधना' से पहले किशोर कुमार ने राजेश खन्ना से व्यक्तिगत मुलाकात की, तब जाकर गाने की सहमति दी।
'मेरे सपनों की रानी' और 'रूप तेरा मस्ताना' ने दोनों को रातोंरात शिखर पर पहुंचाया।
किशोर कुमार ने राजेश खन्ना के लिए लगभग 245 गाने गाए और दोनों ने करीब 92 फिल्मों में साथ काम किया — हिंदी सिनेमा का अनूठा रिकॉर्ड।
किशोर कुमार ने अपने करियर में 8 फिल्मफेयर पुरस्कार जीते।
13 अक्टूबर 1987 को दिल का दौरा पड़ने से किशोर कुमार का निधन हुआ।

हिंदी सिनेमा में किशोर कुमार और राजेश खन्ना की जोड़ी महज एक गायक-अभिनेता की साझेदारी नहीं थी — यह एक ऐसा संगम था जिसने 1969 से लेकर अगले डेढ़ दशक तक भारतीय दर्शकों के दिलों पर राज किया। इस जोड़ी की नींव एक असाधारण मुलाकात पर रखी गई थी, जब किशोर कुमार ने राजेश खन्ना के लिए आवाज देने से पहले उनका अनौपचारिक 'इंटरव्यू' लिया था। दोनों ने मिलकर 92 फिल्मों में साथ काम किया और 245 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए — हिंदी सिनेमा इतिहास का एक अद्वितीय कीर्तिमान।

किशोर कुमार: खंडवा से मुंबई तक का सफर

किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था। उनके पिता कुंजलाल गांगुली पेशे से वकील थे। फिल्मी दुनिया से परिवार का परिचय उनके बड़े भाई अशोक कुमार के माध्यम से हुआ, जो हिंदी सिनेमा के स्थापित अभिनेता थे। अशोक कुमार की सफलता ने किशोर कुमार को भी मुंबई खींचा।

शुरुआती दौर में किशोर कुमार का लक्ष्य पार्श्वगायन नहीं, बल्कि अभिनय था। उन्होंने कई फिल्मों में काम भी किया। प्रारंभ में वे महान गायक केएल सहगल की शैली से प्रेरित थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई — एक ऐसी आवाज जिसमें मस्ती भी थी, दर्द भी था, और एक अनोखा अंदाज भी।

आराधना और वो ऐतिहासिक मुलाकात

साल 1969 में फिल्म 'आराधना' के निर्माण के दौरान संगीतकार एसडी बर्मन और निर्देशक शक्ति सामंत चाहते थे कि नए अभिनेता राजेश खन्ना के लिए किशोर कुमार गाएं। लेकिन किशोर कुमार किसी भी नए कलाकार के लिए बिना उसे जाने-समझे गाना गाने के पक्ष में नहीं थे।

कहा जाता है कि किशोर कुमार ने साफ कहा कि वे पहले राजेश खन्ना से मिलना चाहते हैं। इसके बाद राजेश खन्ना को किशोर कुमार के घर भेजा गया। दोनों की मुलाकात हुई, बातचीत हुई और राजेश खन्ना के व्यक्तित्व व जवाबों से किशोर कुमार प्रभावित हुए। तब जाकर उन्होंने गाने की सहमति दी।

मुख्य घटनाक्रम: 'मेरे सपनों की रानी' से शुरू हुआ सिलसिला

फिल्म 'आराधना' के गाने 'मेरे सपनों की रानी' और 'रूप तेरा मस्ताना' जब रिलीज हुए तो पूरे देश में धूम मच गई। इन गानों ने एक साथ दो करियर को नई ऊंचाई दी — राजेश खन्ना सुपरस्टार बन गए और किशोर कुमार हिंदी सिनेमा के सबसे मांगे जाने वाले पार्श्वगायक।

इसके बाद यह जोड़ी रुकी नहीं। 'अमर प्रेम', 'कटी पतंग' और 'हाथी मेरे साथी' जैसी फिल्मों के गाने इस जुगलबंदी की बदौलत कालजयी बन गए। राजेश खन्ना की रोमांटिक पर्दे की छवि और किशोर कुमार की भावपूर्ण आवाज एक-दूसरे की पूरक साबित हुईं।

रिकॉर्ड जो आज भी अटूट है

किशोर कुमार और राजेश खन्ना की साझेदारी ने हिंदी सिनेमा में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया जो आज भी चर्चा में रहता है। किशोर कुमार ने राजेश खन्ना पर फिल्माए गए लगभग 245 गाने गाए और दोनों ने करीब 92 फिल्मों में साथ काम किया। यह हिंदी सिनेमा की किसी भी गायक-अभिनेता जोड़ी का सर्वाधिक सहयोग माना जाता है।

किशोर कुमार ने अपने करियर में आरडी बर्मन, एसडी बर्मन, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जैसे दिग्गज संगीतकारों के साथ काम किया। उन्होंने हिंदी के अलावा बंगाली, मराठी और अन्य भाषाओं में भी गाने गाए। उनकी उपलब्धियों में आठ फिल्मफेयर पुरस्कार शामिल हैं।

विरासत और अंत

13 अक्टूबर 1987 को दिल का दौरा पड़ने से किशोर कुमार का निधन हो गया। लेकिन उनकी आवाज आज भी उतनी ही ताज़ा और प्रासंगिक है। उनके जन्मदिन — 4 अगस्त — पर हर साल उनके गाने नई पीढ़ी के श्रोताओं तक पहुंचते हैं, यही उनकी सबसे बड़ी विरासत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

किशोर कुमार का यह 'इंटरव्यू' वाला किस्सा बताता है कि व्यक्तित्व की समझ और कलात्मक तालमेल किस तरह एक साधारण सहयोग को कालजयी बना देते हैं। 245 गानों का यह आंकड़ा महज संख्या नहीं — यह उस विश्वास की गवाही है जो एक मुलाकात में बना और दशकों तक टिका रहा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किशोर कुमार ने राजेश खन्ना का 'इंटरव्यू' क्यों लिया था?
किशोर कुमार किसी भी नए कलाकार के लिए बिना उसे जाने-समझे गाना गाने के पक्ष में नहीं थे। 1969 में 'आराधना' के लिए उन्होंने राजेश खन्ना से व्यक्तिगत मुलाकात की, उनसे बातचीत की और उनके व्यक्तित्व से संतुष्ट होने के बाद ही गाने की सहमति दी।
किशोर कुमार और राजेश खन्ना ने कितनी फिल्मों और गानों में साथ काम किया?
किशोर कुमार ने राजेश खन्ना पर फिल्माए गए लगभग 245 गाने गाए और दोनों ने करीब 92 फिल्मों में साथ काम किया। यह हिंदी सिनेमा की किसी भी गायक-अभिनेता जोड़ी का सर्वाधिक सहयोग माना जाता है।
किशोर कुमार का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था और उनके बड़े भाई अशोक कुमार हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता थे।
किशोर कुमार और राजेश खन्ना की जोड़ी के सबसे प्रसिद्ध गाने कौन से हैं?
'आराधना' (1969) के 'मेरे सपनों की रानी' और 'रूप तेरा मस्ताना' इस जोड़ी के पहले बड़े हिट थे। इसके अलावा 'अमर प्रेम', 'कटी पतंग' और 'हाथी मेरे साथी' के गाने भी इस जोड़ी की पहचान बने।
किशोर कुमार का निधन कब हुआ और उनकी उपलब्धियाँ क्या थीं?
13 अक्टूबर 1987 को दिल का दौरा पड़ने से किशोर कुमार का निधन हुआ। अपने करियर में उन्होंने 8 फिल्मफेयर पुरस्कार जीते और हिंदी के अलावा बंगाली, मराठी सहित कई भाषाओं में गाने गाए।
राष्ट्र प्रेस
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