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Zomato ने कैश ऑन डिलीवरी पर ₹5 से ₹20 तक का अतिरिक्त शुल्क शुरू किया

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Zomato ने कैश ऑन डिलीवरी पर ₹5 से ₹20 तक का अतिरिक्त शुल्क शुरू किया

सारांश

Zomato ने COD पर ₹5 से ₹20 का नया शुल्क लगाकर राजस्व बढ़ाने का दांव खेला है। रोज़ाना 23-25 लाख ऑर्डर प्रोसेस करने वाली कंपनी के लिए यह मामूली बढ़ोतरी भी सालाना सैकड़ों करोड़ की अतिरिक्त आय बन सकती है — ठीक उस वक़्त जब Rapido Only और Flipkart Eat In जैसे नए खिलाड़ी बाज़ार में पाँव जमा रहे हैं।

मुख्य बातें

Zomato ने कैश ऑन डिलीवरी पर ₹5 से ₹20 तक का नया 'पे ऑन डिलीवरी फीस' शुल्क शुरू किया।
ऑनलाइन भुगतान (UPI/कार्ड/वॉलेट) करने वाले ग्राहकों से यह फीस नहीं ली जाएगी।
यह शुल्क पहले से मौजूद प्लेटफॉर्म फीस (₹14.99) , पैकेजिंग शुल्क और GST से अलग है।
Zomato प्रतिदिन 23-25 लाख ऑर्डर प्रोसेस करता है; मामूली शुल्क भी सालाना सैकड़ों करोड़ की आय दे सकता है।
Rapido Only और Flipkart Eat In से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यह राजस्व विविधीकरण का कदम है।
अगस्त 2026 में कंपनी ने लगभग 250 कर्मचारियों की छंटनी और हैदराबाद ऑपरेशंस बंद किया था।

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने कैश ऑन डिलीवरी (COD) से भुगतान करने वाले ग्राहकों पर ₹5 से ₹20 तक का नया शुल्क लगाना शुरू कर दिया है। नई दिल्ली स्थित कंपनी का यह कदम बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच राजस्व के नए स्रोतों की तलाश के तहत उठाया गया है। ऐप के बिल विवरण में यह शुल्क 'पे ऑन डिलीवरी फीस' के नाम से अलग से दिखाया जा रहा है।

नया शुल्क कैसे काम करता है

यह अतिरिक्त फीस केवल उन ग्राहकों से वसूली जा रही है जो डिलीवरी के समय नकद भुगतान का विकल्प चुनते हैं। ऑनलाइन पेमेंट — UPI, कार्ड या वॉलेट — से भुगतान करने वालों पर यह शुल्क लागू नहीं है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, अधिकांश ऑर्डरों पर यह फीस ₹5 है, लेकिन कुछ मामलों में ₹7 और कुछ में ₹20 तक की राशि भी ली गई है। शुल्क में यह भिन्नता कथित तौर पर ऑर्डर वैल्यू या लोकेशन पर निर्भर हो सकती है, हालाँकि कंपनी ने इसका स्पष्ट ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है।

पहले से मौजूद शुल्कों के ऊपर एक और परत

गौरतलब है कि यह नई फीस Zomato द्वारा पहले से लगाए जा रहे प्लेटफॉर्म शुल्क, रेस्तरां की पैकेजिंग फीस और GST से बिल्कुल अलग है। इसका मतलब है कि COD चुनने वाले ग्राहकों के कुल बिल में अब एक अतिरिक्त मद और जुड़ गई है। फूड डिलीवरी उद्योग में प्लेटफॉर्म फीस की शुरुआत 2023 में हुई थी, जब Swiggy ने सबसे पहले ₹2 प्रति ऑर्डर का शुल्क लगाया। इसके बाद Zomato ने भी इसी राह पर चलते हुए अपनी प्लेटफॉर्म फीस लागू की और समय-समय पर इसे बढ़ाया। वर्तमान में Zomato की प्लेटफॉर्म फीस ₹12.50 से बढ़ाकर ₹14.99 प्रति ऑर्डर कर दी गई है, जिस पर GST अलग से देय है।

राजस्व पर संभावित असर

Zomato प्रतिदिन लगभग 23 लाख से 25 लाख फूड ऑर्डर प्रोसेस करता है। इस पैमाने पर शुल्क में मामूली बढ़ोतरी भी कंपनी के लिए सालाना आधार पर सैकड़ों करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय का ज़रिया बन सकती है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब Rapido का फूड डिलीवरी ब्रांड 'Only' तेज़ी से बाज़ार में अपनी पकड़ मज़बूत कर रहा है और Flipkart भी अपने 'Eat In' फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म का परीक्षण कर रहा है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Zomato के लिए हर ऑर्डर से अधिकतम राजस्व निकालना रणनीतिक ज़रूरत बन गई है।

लागत नियंत्रण और पुनर्गठन के प्रयास

Zomato हाल के महीनों में लागत नियंत्रण और संगठनात्मक पुनर्गठन पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त 2026 में कंपनी ने संगठनात्मक ढाँचे की समीक्षा के बाद लगभग 250 कर्मचारियों की छंटनी की। इसी क्रम में हैदराबाद स्थित कस्टमर डिलाइट ऑपरेशंस को बंद कर दिया गया और शेष इन-हाउस ग्राहक सहायता गतिविधियों को गुरुग्राम में समेकित किया गया।

ग्राहकों पर कुल असर और आगे की राह

पिछले दो वर्षों में Zomato और Swiggy दोनों ने अपनी फीस संरचना में लगातार बदलाव किए हैं — प्लेटफॉर्म फीस, सर्ज प्राइसिंग, और अब COD शुल्क। आलोचकों का कहना है कि ये छोटे-छोटे शुल्क मिलकर ग्राहक के कुल बिल को काफी बढ़ा देते हैं, जिससे फूड डिलीवरी की सहूलियत महँगी होती जा रही है। दूसरी ओर, उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए COD पर अतिरिक्त शुल्क एक वैश्विक प्रचलन है, और भारत में UPI के व्यापक प्रसार को देखते हुए अधिकांश ग्राहक पहले से ही ऑनलाइन भुगतान कर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि Swiggy भी इसी तरह का COD शुल्क लागू करती है या नहीं, और प्रतिस्पर्धी Rapido OnlyFlipkart Eat In इस मामले में क्या रणनीति अपनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

सर्ज प्राइसिंग और अब COD शुल्क — ये छोटी-छोटी मदें मिलकर ग्राहक के बिल को 15-20% तक बढ़ा सकती हैं, जो सस्ते भोजन के वादे को कमज़ोर करती हैं। असली सवाल यह है कि Rapido Only और Flipkart Eat In जैसे नए प्रतिस्पर्धी जब कम शुल्क के साथ बाज़ार में आएंगे, तो Zomato का मूल्य-संवेदी ग्राहक वर्ग कितना टिकेगा। बिना मूल्य-वर्धित सेवा सुधार के, शुल्क बढ़ाते रहना दीर्घकालिक ग्राहक निष्ठा के लिए जोखिम है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Zomato की कैश ऑन डिलीवरी फीस कितनी है?
Zomato ने COD चुनने वाले ग्राहकों पर ₹5 से ₹20 तक का 'पे ऑन डिलीवरी फीस' शुल्क लगाया है। अधिकांश ऑर्डरों पर यह ₹5 है, लेकिन कुछ मामलों में ₹7 और ₹20 तक भी वसूला गया है।
क्या ऑनलाइन भुगतान करने वालों से भी यह शुल्क लिया जाएगा?
नहीं, यह शुल्क केवल कैश ऑन डिलीवरी विकल्प चुनने वाले ग्राहकों पर लागू है। UPI, कार्ड या वॉलेट से भुगतान करने वालों से यह अतिरिक्त फीस नहीं ली जा रही।
Zomato की वर्तमान प्लेटफॉर्म फीस कितनी है?
Zomato की प्लेटफॉर्म फीस वर्तमान में ₹14.99 प्रति ऑर्डर है, जिस पर GST अलग से लागू होता है। 2023 में शुरू हुई यह फीस कई बार बढ़ाई जा चुकी है।
Zomato ने COD शुल्क क्यों लगाया है?
बढ़ती प्रतिस्पर्धा — विशेषकर Rapido Only और Flipkart Eat In से — के बीच Zomato राजस्व के नए स्रोत तलाश रही है। साथ ही, COD ऑर्डर में नकदी प्रबंधन की अतिरिक्त लागत भी इसका एक कारण बताया जा रहा है।
Zomato रोज़ाना कितने ऑर्डर प्रोसेस करता है?
Zomato प्रतिदिन लगभग 23 लाख से 25 लाख फूड ऑर्डर प्रोसेस करता है। इस पैमाने पर शुल्क में मामूली वृद्धि भी सालाना सैकड़ों करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय दे सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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