जोमैटो ने प्लेटफॉर्म शुल्क में 19.2%25 की वृद्धि की, अब प्रति ऑर्डर 15 रुपए का भुगतान करना होगा

Click to start listening
जोमैटो ने प्लेटफॉर्म शुल्क में 19.2%25 की वृद्धि की, अब प्रति ऑर्डर 15 रुपए का भुगतान करना होगा

सारांश

जोमैटो ने अपने प्लेटफॉर्म शुल्क में 19.2 प्रतिशत की वृद्धि की है, जिससे प्रति ऑर्डर 15 रु. का भुगतान करना होगा। यह बदलाव बढ़ती लागतों के बीच किया गया है। जानिए इससे ग्राहकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

Key Takeaways

  • जोमैटो ने प्लेटफॉर्म शुल्क को 19.2%25 बढ़ाया है।
  • नई प्लेटफॉर्म फीस 14.90 रुपए प्रति ऑर्डर है।
  • बढ़ती लागतों के कारण यह कदम उठाया गया है।
  • स्विगी का शुल्क 14.99 रुपए है।
  • जोमैटो का मुनाफा 72.88%25 बढ़ा है।

नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फूड डिलीवरी सेवा प्रदाता जोमैटो ने अपने प्लेटफॉर्म शुल्क में 19.2 प्रतिशत या 2.40 रुपए प्रति ऑर्डर की वृद्धि की है। यह जानकारी ऐप के नवीनतम बिलिंग डेटा से मिली है।

अब नई प्लेटफॉर्म फीस 14.90 रुपए प्रति ऑर्डर हो गई है, जबकि पहले यह 12.5 रुपए थी।

यह शुल्क वृद्धि उस समय हुई है जब हाल ही में एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे रेस्तरां की लागत में भी वृद्धि हुई है।

जोमैटो ने आखिरी बार सितंबर 2025 में प्लेटफॉर्म शुल्क में परिवर्तन किया था। इससे पहले, फरवरी 2025 में, त्योहारी सीजन के दौरान, इसने प्लेटफॉर्म शुल्क को 6 रुपए प्रति ऑर्डर से बढ़ाकर 10 रुपए प्रति ऑर्डर किया था।

दूसरी ओर, प्रतिस्पर्धी कंपनी स्विगी वर्तमान में कर सहित प्रति ऑर्डर 14.99 रुपए का प्लेटफॉर्म शुल्क ले रही है।

जोमैटो ने अगस्त 2023 में प्रति ऑर्डर 2 रुपए का प्लेटफॉर्म शुल्क लागू किया था, जिसे फिर धीरे-धीरे प्रमुख बाजारों में बढ़ाया गया।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म बढ़ती परिचालन लागतों के बीच यूनिट इकोनॉमिक्स और मार्जिन में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

जोमैटो की पेरेंट कंपनी इटरनल के शेयर 1.55 प्रतिशत या 3.55 रुपए की तेजी के साथ 232.29 रुपए पर बंद हुए। दिन के दौरान शेयर ने 236.70 रुपए का उच्चतम स्तर और 230.10 रुपए का न्यूनतम स्तर छुआ।

दिसंबर तिमाही के नतीजों में कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 72.88 प्रतिशत बढ़कर 102 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 59 करोड़ रुपए था। हालांकि, इस दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू करीब तीन गुना बढ़कर 16,315 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि एक साल पहले समान अवधि में 5,405 करोड़ रुपए था।

मार्च 2025 में जोमैटो ने इटरनल के रूप में खुद को रीब्रांड किया था।

Point of View

लेकिन यह कंपनी के लिए एक आवश्यक रणनीति हो सकती है।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

जोमैटो ने प्लेटफॉर्म शुल्क क्यों बढ़ाया?
जोमैटो ने बढ़ती परिचालन लागतों और एलपीजी की कीमतों में वृद्धि के कारण प्लेटफॉर्म शुल्क बढ़ाया है।
नई प्लेटफॉर्म फीस क्या है?
नई प्लेटफॉर्म फीस अब 14.90 रुपए प्रति ऑर्डर हो गई है।
क्या स्विगी का प्लेटफॉर्म शुल्क जोमैटो से अधिक है?
स्विगी का प्लेटफॉर्म शुल्क 14.99 रुपए प्रति ऑर्डर है, जो जोमैटो की नई फीस से थोड़ा अधिक है।
जोमैटो का मुनाफा कितना बढ़ा है?
जोमैटो का कंसोलिडेटेड मुनाफा दिसंबर तिमाही में 72.88 प्रतिशत बढ़कर 102 करोड़ रुपए हो गया।
जोमैटो ने कब अपना नाम बदला?
जोमैटो ने मार्च 2025 में खुद को इटरनल के रूप में रीब्रांड किया।
Nation Press