स्मृति मंधाना का 18वां अंतरराष्ट्रीय शतक, 10,880 रन के साथ महिला क्रिकेट की नई रानी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने 4 सितंबर को दुबई में जारी महिला एशिया कप के टी20 मुकाबले में हांगकांग के खिलाफ 64 गेंदों पर 124 रन की विस्फोटक पारी खेलते हुए अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का ऐतिहासिक कीर्तिमान अपने नाम किया। इस पारी के साथ उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज के 10,868 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और तीनों फॉर्मेट मिलाकर 10,880 रन के साथ इस सूची में शीर्ष पर पहुँच गईं।
ऐतिहासिक पारी का स्कोरकार्ड
मंधाना की 64 गेंदों पर 124 रन की पारी में 14 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। यह अंतरराष्ट्रीय टी20 में उनका दूसरा और समग्र अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 18वां शतक था, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सर्वाधिक शतक बनाने वाली खिलाड़ी भी बन गईं। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने 193 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और हांगकांग को 56 रन पर समेटकर मैच 137 रनों से जीत लिया।
मंधाना के अपने शब्दों में
बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में मंधाना ने कहा, 'मुझे हमेशा लगता था कि यह मेरा काम है। मैंने कभी भी रिकॉर्ड्स और नंबर्स और इंडिया के लिए जीते गए मैचों की संख्या के अलावा किसी और चीज के बारे में नहीं सोचा। यह एक ऐसा पैमाना है जिसे आप वापस लेते हैं।'
मिताली राज का रिकॉर्ड तोड़ने पर उन्होंने भावुक होकर कहा, 'मिताली को देखते हुए बड़ी हुई हूं। वह हर किसी के लिए आदर्श रही हैं। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं 10,000 तक पहुँचूंगी और उनसे आगे निकल जाऊंगी।'
भविष्य की भारतीय बल्लेबाज़ों से उम्मीद
मंधाना ने एक बड़ा लक्ष्य भी सामने रखा। उन्होंने कहा, 'उम्मीद है कि 10,000 रन की लिस्ट में भारतीय सेट-अप से तीन-चार और खिलाड़ी होंगी। अगर मैं सवाल पर वापस आऊं, तो टॉप पाँच लिस्ट में तीन या चार भारतीय होना बहुत अच्छा होगा। मुझे लगता है कि मैं इसी से अपने करियर को आंकूंगी।' यह बयान भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य के प्रति उनके गहरे विश्वास को दर्शाता है।
महिला क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने की ज़िम्मेदारी
मंधाना ने अपनी ज़िम्मेदारी को केवल रन और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं माना। उन्होंने कहा, 'अगर मेरी वजह से दस प्रतिशत लड़कियां भी बैट और बॉल उठाकर क्रिकेट खेलना शुरू करती हैं, तो मुझे लगता है कि यह कुछ ऐसा होगा जिस पर मुझे हमेशा गर्व और खुशी होगी।' गौरतलब है कि तीनों फॉर्मेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी ने भारत में महिला क्रिकेट की दर्शक संख्या और युवा भागीदारी दोनों बढ़ाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
निरंतर सुधार की सोच
अपने खेल पर मंधाना ने कहा, 'मैं यह नहीं कहूंगी कि आप एक बल्लेबाज या गेंदबाज के तौर पर कभी पूरे होते हैं। अगर आपको ऐसा लगता है, तो क्रिकेट हमेशा आपको दिखाएगा कि आप पूरे नहीं हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि वे अपनी छक्के मारने की क्षमता को और पैना करने पर काम कर रही हैं, ताकि लॉन्ग-ऑफ और लॉन्ग-ऑन फील्डर को भी आत्मविश्वास के साथ पार कर सकें। भारतीय महिला क्रिकेट के लिए यह एक नए युग की शुरुआत है — और मंधाना की नज़र अब अगली पीढ़ी को उसी मंच पर देखने पर है।