20 अगस्त 2026
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2036 ओलंपिक के लिए टैलेंट स्काउटिंग पर मांडविया का जोर, SAI बैठक में बनी व्यापक कार्ययोजना

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2036 ओलंपिक के लिए टैलेंट स्काउटिंग पर मांडविया का जोर, SAI बैठक में बनी व्यापक कार्ययोजना

सारांश

2036 ओलंपिक की मेज़बानी का सपना अब ज़मीन पर उतरने लगा है। खेल मंत्री मांडविया ने SAI की 63वीं बैठक में दो-चरणीय टैलेंट स्काउटिंग, NCAB की स्थापना और PPP मॉडल को हरी झंडी दी — यानी स्कूल से अकादमी तक एक पूरा खेल पिरामिड खड़ा करने की शुरुआत।

मुख्य बातें

मनसुख मांडविया ने 20 अगस्त 2026 को SAI की 63वीं गवर्निंग बॉडी बैठक की अध्यक्षता की।
2036 ओलंपिक के लिए दो-चरणीय टैलेंट पहचान प्रणाली — जिला-राज्य स्तर पर खोज, फिर क्षमता मूल्यांकन — को अपनाने पर ज़ोर।
नेशनल कोच एक्रेडिटेशन बोर्ड (NCAB) की स्थापना को मंजूरी; यह नवीनीकृत खेलो इंडिया योजना का हिस्सा होगा।
ट्रेनिंग इकोसिस्टम के विस्तार के लिए PPP मॉडल और CSR भागीदारी पर जोर।
SAI में असिस्टेंट कोच (पे लेवल-6) की डेपुटेशन भर्ती के नियमों में संशोधन को मंजूरी।

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 20 अगस्त 2026 को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) की 63वीं गवर्निंग बॉडी बैठक की अध्यक्षता करते हुए 2036 ओलंपिक के लिए एक मज़बूत एथलीट पूल तैयार करने हेतु त्वरित और व्यापक प्रतिभा खोज अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से घोषित देशव्यापी खेल प्रतिभा खोज अभियान की अगली कड़ी है।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक में डॉ. मांडविया ने स्पष्ट किया कि भारत को ओलंपिक की मेज़बानी से पहले के अगले 10 वर्षों की योजना पर अभी से काम शुरू करना होगा। उन्होंने कहा, "देश में ओलंपिक की मेज़बानी से पहले के अगले 10 वर्षों की योजना पर अभी से जोर-शोर से काम शुरू करना होगा।" गवर्निंग बॉडी ने इस अवसर पर नेशनल कोच एक्रेडिटेशन बोर्ड (NCAB) की स्थापना को औपचारिक मंजूरी दी।

दो-चरणीय प्रतिभा पहचान प्रणाली

डॉ. मांडविया ने प्रतिभा पहचान के लिए दो-चरणीय ढाँचे का प्रस्ताव रखा। पहले चरण में राज्य और जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एथलीट्स की पहचान होगी। दूसरे चरण में उनकी फिटनेस, जुनून, समर्पण और क्षमता का आकलन कर यह तय किया जाएगा कि वे अगले स्तर तक आगे बढ़ने के योग्य हैं या नहीं। उन्होंने कहा, "इसका मकसद एक व्यापक प्रतिभा भंडार बनाना होना चाहिए, जिसे बाद में स्पोर्ट्स स्कूलों और उच्च-स्तरीय ट्रेनिंग सिस्टम से जोड़ा जा सके।"

स्पोर्ट्स पिरामिड और PPP मॉडल

खेल मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रतिभा पहचान में स्कूलों, जिलों और कॉलेजों सहित पूरे स्पोर्ट्स पिरामिड को शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत ट्रेनिंग इकोसिस्टम के विस्तार की ज़रूरत भी रेखांकित की। इस ढाँचे में राज्य और जिला स्तर के टैलेंट हंट से पहचाने गए एथलीट्स को विशेष ट्रेनिंग के लिए उपयुक्त अकादमियों में भेजा जाएगा।

कॉर्पोरेट भागीदारी और NCAB

डॉ. मांडविया ने CSR के माध्यम से कॉर्पोरेट क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया, जिससे सरकारी सुविधाओं से परे देश की ट्रेनिंग क्षमता और अकादमी नेटवर्क को विस्तार मिल सके। गवर्निंग बॉडी ने NCAB की स्थापना को मंजूरी दी, जो नवीनीकृत खेलो इंडिया योजना का अभिन्न अंग होगा और कोच एक्रेडिटेशन व विकास के लिए एक व्यवस्थित ढाँचा तैयार करेगा। इसके अलावा SAI में डेपुटेशन के आधार पर असिस्टेंट कोच (पे लेवल-6) की भर्ती के नियमों में प्रस्तावित संशोधन को भी मंजूरी मिली।

क्या होगा आगे

डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत को अपने खेल प्रोजेक्ट्स को मज़बूत करने के लिए "तीन गुना तेजी" से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा, "हमें नई पीढ़ी के लिए नए विजन को पूरा करना है और उसे बनाए रखना है।" यह ऐसे समय में आया है जब भारत में खेलों के प्रति जन-रुचि तेज़ी से बढ़ रही है और सरकार से अपेक्षाएँ पहले से कहीं अधिक हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत की खेल योजनाएँ अक्सर कागज़ पर मज़बूत और ज़मीन पर कमज़ोर रही हैं। NCAB जैसी संस्था की ज़रूरत वर्षों से महसूस की जा रही थी, लेकिन इसका असर तभी होगा जब कोच प्रमाणन की प्रक्रिया पारदर्शी और परिणाम-आधारित हो। PPP और CSR के भरोसे अकादमी नेटवर्क बनाने की बात तब तक अधूरी है जब तक कॉर्पोरेट जवाबदेही का कोई ठोस तंत्र न हो। दस साल का समय पर्याप्त है, बशर्ते नीति और क्रियान्वयन के बीच की पुरानी खाई को पाटा जाए।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2036 ओलंपिक के लिए भारत की टैलेंट स्काउटिंग योजना क्या है?
खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने SAI की 63वीं गवर्निंग बॉडी बैठक में दो-चरणीय प्रतिभा पहचान प्रणाली का प्रस्ताव रखा — पहले जिला और राज्य स्तर पर प्रतिभाशाली एथलीट्स की पहचान, फिर उनकी फिटनेस, जुनून और क्षमता का आकलन। इस प्रक्रिया से चुने गए एथलीट्स को स्पोर्ट्स स्कूलों और उच्च-स्तरीय अकादमियों से जोड़ा जाएगा।
नेशनल कोच एक्रेडिटेशन बोर्ड (NCAB) क्या है और यह क्यों बनाया गया?
NCAB एक नया निकाय है जिसे SAI की 63वीं गवर्निंग बॉडी बैठक में मंजूरी दी गई। यह नवीनीकृत खेलो इंडिया योजना का हिस्सा है और देश में कोच एक्रेडिटेशन व विकास के लिए एक व्यवस्थित ढाँचा तैयार करेगा।
PPP मॉडल खेल विकास में कैसे मदद करेगा?
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत राज्य और जिला स्तर के टैलेंट हंट से चुने गए एथलीट्स को निजी अकादमियों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे सरकारी सुविधाओं से परे देश की ट्रेनिंग क्षमता बढ़ेगी और अकादमियों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार होगा।
क्या यह योजना प्रधानमंत्री मोदी की किसी घोषणा से जुड़ी है?
हाँ, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से घोषित देशव्यापी खेल प्रतिभा खोज अभियान की अगली कड़ी है। SAI की बैठक में उसी दिशा में ठोस कार्ययोजना और संस्थागत ढाँचे को मंजूरी दी गई।
इस योजना से आम एथलीट्स को क्या फायदा होगा?
स्कूलों, जिलों और कॉलेजों तक फैली टैलेंट हंट प्रक्रिया से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिलेगा। चुने गए एथलीट्स को उच्च-स्तरीय ट्रेनिंग, अकादमी सुविधाएँ और CSR-वित्त पोषित सहयोग मिल सकेगा।
राष्ट्र प्रेस
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