25 जुलाई 2026
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मुंबई में 10-18 जून तक '360 ग्लोबल शतरंज महोत्सव 2026', भारत समेत 7 देशों के 58 शीर्ष खिलाड़ी मैदान में

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मुंबई में 10-18 जून तक '360 ग्लोबल शतरंज महोत्सव 2026', भारत समेत 7 देशों के 58 शीर्ष खिलाड़ी मैदान में

सारांश

लॉकडाउन के बाद मुंबई में '360 ग्लोबल शतरंज महोत्सव 2026' की वापसी हो रही है — 7 देशों के 58 शीर्ष खिलाड़ी ग्रुप-ए में भिड़ेंगे, 225 चैलेंजर्स और 125 जूनियर भी मैदान में। जहाँ गुकेश और प्रज्ञानंद ने अपना करियर शुरू किया था, वही मंच एक बार फिर नए ग्रैंडमास्टरों की तलाश में है।

मुख्य बातें

' 360 ग्लोबल शतरंज महोत्सव 2026 ' का आयोजन 10 से 18 जून 2026 के बीच मुंबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, कफ परेड में होगा।
ग्रुप-ए में 7 देशों के 58 शीर्ष आमंत्रित खिलाड़ी भाग लेंगे, जिनमें भारत के 32 खिलाड़ी शामिल हैं।
ग्रुप-बी में 225 और जूनियर वर्ग में 125 खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगे।
चैंपियन ऑफ चैलेंजर्स विजेता 2027 के मास्टर्स टूर्नामेंट (ग्रुप-ए) के लिए सीधे क्वालीफाई करेगा।
गुकेश , प्रज्ञानंद , दिव्या देशमुख और रौनक साधवानी ने इसी टूर्नामेंट से अपना करियर शुरू किया था।
अर्जुन पुरस्कार विजेता प्रवीण थिप्से ने इसे भारत के हर बड़े शहर में दोहराने की वकालत की।

मुंबई के कफ परेड स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में 10 से 18 जून 2026 के बीच '360 ग्लोबल शतरंज महोत्सव 2026' का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें भारत सहित 7 देशों के शतरंज खिलाड़ी अपनी बाज़ियाँ आज़माएँगे। यह आयोजन लॉकडाउन के बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की वापसी है और भारतीय शतरंज जगत में इसे एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है।

टूर्नामेंट की संरचना

ग्रुप-ए में कुल 58 शीर्ष क्रम के आमंत्रित खिलाड़ी भाग लेंगे। इनमें भारत के 32 खिलाड़ी सबसे बड़ा दल बनाते हैं। मिस्र और बेलारूस से 4-4, श्रीलंका और रूस से 3-3, तथा उज्बेकिस्तान से 2 खिलाड़ी इस वर्ग में उतरेंगे।

ग्रुप-बी में 225 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 9 राउंड के बाद 'चैंपियन ऑफ चैलेंजर्स' ग्रुप का विजेता 2027 में होने वाले मास्टर्स टूर्नामेंट यानी ग्रुप-ए के लिए सीधे क्वालीफाई करेगा — यह प्रावधान उभरते खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा अवसर है।

जूनियर वर्ग में 125 खिलाड़ी शिरकत करेंगे। गौरतलब है कि डी. गुकेश, दिव्या देशमुख और प्रणव वेंकटेश जैसे नाम इसी वर्ग से अपना करियर चमका चुके हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

'अर्जुन पुरस्कार' विजेता और भारतीय शतरंज के दिग्गज प्रवीण थिप्से ने कहा, 'नेशनल चैंपियंस को अनुभव के लिए विदेश में जाकर इस तरह की प्रतियोगिता खेलनी पड़ती है। जो प्रतियोगिता हमें टाइटल पाने का मौका दे, उस तरह की प्रतियोगिता का आयोजन यहाँ बेहद जरूरी है।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 'गुकेश, प्रज्ञानंद, दिव्या देशमुख, आदित्य मित्तल और रौनक साधवानी जैसे खिलाड़ियों ने अपने करियर की शुरुआत इसी टूर्नामेंट से की थी। सीनियर टूर्नामेंट (ए ग्रुप) आपको ग्रैंडमास्टर बनने में मदद करता है। इस तरह के टूर्नामेंट भारत के हर बड़े शहर में होने चाहिए।'

भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर पी. इनियन ने कहा, 'भारत इस खेल में तरक्की कर रहा है। देश के छोटे बच्चों में शतरंज की अपार प्रतिभा छिपी हुई है। विश्व के टॉप-100 खिलाड़ियों में कई भारतीय हैं, क्योंकि इस तरह के टूर्नामेंट भारत के अन्य शहरों में भी हो रहे हैं।'

प्रज्ञानंद की नॉर्वे चेस जीत की गूँज

इस महोत्सव की पृष्ठभूमि में रमेशबाबू प्रज्ञानंद की हालिया सफलता भी चर्चा में है। बीते हफ्ते प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस इवेंट के 10वें और अंतिम राउंड में जर्मनी के विंसेंट कीमर को मात देकर खिताब जीता था। इस उपलब्धि पर पी. इनियन ने कहा, 'प्रज्ञानंद मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। मैं उनके लिए बहुत खुश हूँ। यह एक बड़ी उपलब्धि है। मैं चाहता हूँ कि वह भविष्य में और भी बड़ी जीत हासिल करें।'

भारतीय शतरंज के लिए महत्व

यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत वैश्विक शतरंज मानचित्र पर तेज़ी से अपनी पहचान बना रहा है। लॉकडाउन के बाद इस टूर्नामेंट की वापसी न केवल अनुभवी खिलाड़ियों को घरेलू मंच देती है, बल्कि अगली पीढ़ी के ग्रैंडमास्टरों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव देती है। आने वाले वर्षों में ऐसे आयोजन भारत की शतरंज महाशक्ति बनने की राह को और मज़बूत कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय शतरंज की पाइपलाइन का एक अहम पड़ाव है — गुकेश से लेकर प्रज्ञानंद तक, इसी मंच ने कई विश्व-स्तरीय खिलाड़ी तैयार किए हैं। सवाल यह है कि एक शहर तक सीमित इस आयोजन का विस्तार देश के अन्य शतरंज केंद्रों — पुणे, चेन्नई, कोलकाता — तक कब होगा। प्रवीण थिप्से की यह माँग कि ऐसे टूर्नामेंट हर बड़े शहर में हों, केवल भावनात्मक नहीं बल्कि रणनीतिक भी है: जब तक घरेलू ग्रैंडमास्टर-स्तरीय अनुभव सुलभ नहीं होगा, प्रतिभाशाली खिलाड़ी विदेश पर निर्भर रहेंगे।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

360 ग्लोबल शतरंज महोत्सव 2026 कहाँ और कब होगा?
यह महोत्सव 10 से 18 जून 2026 के बीच मुंबई के कफ परेड स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित होगा। इसमें देश-विदेश के कुल 400 से अधिक खिलाड़ी तीन वर्गों में भाग लेंगे।
टूर्नामेंट में किन देशों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं?
ग्रुप-ए में भारत (32), मिस्र (4), बेलारूस (4), श्रीलंका (3), रूस (3) और उज्बेकिस्तान (2) समेत 7 देशों के कुल 58 शीर्ष आमंत्रित खिलाड़ी भाग लेंगे।
चैंपियन ऑफ चैलेंजर्स ग्रुप का विजेता क्या पाएगा?
9 राउंड के बाद इस ग्रुप का विजेता 2027 में होने वाले मास्टर्स टूर्नामेंट यानी ग्रुप-ए के लिए सीधे क्वालीफाई करेगा। यह प्रावधान उभरते खिलाड़ियों को ग्रैंडमास्टर स्तर की प्रतिस्पर्धा में सीधे प्रवेश का अवसर देता है।
इस टूर्नामेंट का भारतीय शतरंज में क्या महत्व है?
डी. गुकेश, रमेशबाबू प्रज्ञानंद, दिव्या देशमुख, आदित्य मित्तल और रौनक साधवानी जैसे खिलाड़ियों ने इसी टूर्नामेंट से अपना करियर शुरू किया था। अर्जुन पुरस्कार विजेता प्रवीण थिप्से के अनुसार, सीनियर ग्रुप-ए खिलाड़ियों को ग्रैंडमास्टर बनने में सीधे मदद करता है।
प्रज्ञानंद की नॉर्वे चेस जीत का इस आयोजन से क्या संबंध है?
रमेशबाबू प्रज्ञानंद ने हाल ही में नॉर्वे चेस के 10वें और अंतिम राउंड में जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर खिताब जीता। ग्रैंडमास्टर पी. इनियन ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया और यह जीत मुंबई महोत्सव के माहौल को और उत्साहजनक बना रही है।
राष्ट्र प्रेस
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