फीफा वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाने वाले 5 सबसे उम्रदराज फुटबॉलर, रोनाल्डो सबसे आगे
सारांश
मुख्य बातें
फीफा विश्व कप के मंच पर हैट्रिक दर्ज करना हर फुटबॉलर का सपना होता है, लेकिन जब यह उपलब्धि 30 वर्ष या उससे अधिक की आयु में हासिल की जाए, तो वह खिलाड़ी इतिहास के पन्नों में अमर हो जाता है। फुटबॉल के महाकुंभ में अब तक केवल मुट्ठीभर खिलाड़ी ऐसे रहे हैं जिन्होंने परिपक्व उम्र में यह कारनामा करके दिखाया। यहाँ उन 5 उम्रदराज फुटबॉलरों का विवरण प्रस्तुत है जिन्होंने विश्व कप के मैदान पर हैट्रिक की अमिट छाप छोड़ी।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो — सबसे उम्रदराज हैट्रिक स्कोरर
पुर्तगाल के महान स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में हैट्रिक लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। उन्होंने 33 साल 130 दिन की आयु में फीफा वर्ल्ड कप 2018 के ग्रुप स्टेज में स्पेन के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की।
मुकाबले के चौथे मिनट में रोनाल्डो ने पेनाल्टी को गोल में बदलकर पुर्तगाल को बढ़त दिलाई। 44वें मिनट में स्पेनिश गोलकीपर डेविड डी गेया को छकाते हुए उन्होंने पुर्तगाल को 2-1 से आगे कर दिया। स्पेन ने अगले दो गोल दागकर 3-2 की बढ़त बना ली, लेकिन 88वें मिनट में रोनाल्डो ने 25 गज की दूरी से शानदार फ्री-किक मारते हुए स्कोर 3-3 पर बराबर कर दिया। इस ड्रॉ के साथ पुर्तगाल ने ग्रुप स्टेज में एक महत्वपूर्ण अंक सुरक्षित किया।
रॉब रेनसेनब्रिंक — 1978 में नीदरलैंड की जीत के सूत्रधार
नीदरलैंड के विंगर रॉब रेनसेनब्रिंक ने 30 साल 335 दिन की उम्र में फीफा वर्ल्ड कप 1978 के ग्रुप स्टेज में ईरान के खिलाफ हैट्रिक दर्ज की। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत नीदरलैंड ने 3-0 से जीत दर्ज की।
रेनसेनब्रिंक ने 40वें मिनट में पेनाल्टी को गोल में बदलकर बढ़त दिलाई, 62वें मिनट में स्कोर दोगुना किया और फिर 79वें मिनट में एक और पेनाल्टी गोल से हैट्रिक पूरी की।
पेड्रो सीया — 1930 के सेमीफाइनल के नायक
उरुग्वे के फॉरवर्ड पेड्रो सीया ने 29 साल 329 दिन की उम्र में फीफा वर्ल्ड कप 1930 के सेमीफाइनल में यूगोस्लाविया के खिलाफ हैट्रिक लगाई। उरुग्वे ने वह मुकाबला 6-1 से जीता।
19वें मिनट में पेड्रो ने गोल दागकर स्कोर 1-1 पर बराबर किया। इसके बाद 66वें और 72वें मिनट में उन्होंने दो और गोल किए, जिससे उरुग्वे की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित हुई।
गैब्रियल बतिस्तुता — जमैका के खिलाफ 1998 में तूफान
अर्जेंटीना के प्रसिद्ध स्ट्राइकर गैब्रियल बतिस्तुता ने फीफा वर्ल्ड कप 1998 के ग्रुप स्टेज में जमैका के खिलाफ हैट्रिक जड़ी और अर्जेंटीना को 5-0 की बड़ी जीत दिलाई। मुकाबले में पहले दो गोल एरियल ओर्टेगा ने 32वें और 55वें मिनट में किए। इसके बाद बतिस्तुता ने 73वें, 78वें और 83वें मिनट में लगातार तीन गोल दागकर हैट्रिक पूरी की।
टिओफिलो कुबिल्यास — पेरू के अविस्मरणीय गोलस्कोरर
पेरू के दिग्गज फुटबॉलर टिओफिलो कुबिल्यास ने 29 साल 95 दिन की उम्र में फीफा वर्ल्ड कप 1978 के ग्रुप स्टेज में ईरान के खिलाफ हैट्रिक लगाई। पेरू ने वह मुकाबला 4-1 से जीता।
कुबिल्यास ने 36वें और 39वें मिनट में एक के बाद एक दो पेनाल्टी गोल करके स्कोर 3-0 कर दिया। 41वें मिनट में ईरान के हसन रौशन ने एक गोल दागकर स्कोर 3-1 किया। अंततः 79वें मिनट में कुबिल्यास ने तीसरा गोल दागकर अपनी हैट्रिक पूरी की और पेरू की जीत सुनिश्चित की।
ये पाँचों खिलाड़ी इस बात के प्रमाण हैं कि फुटबॉल में उम्र महज एक संख्या है — असली मायने रखती है मैदान पर की गई मेहनत और जज़्बा। आने वाले विश्व कपों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई नया खिलाड़ी इस सूची में अपना नाम जोड़ पाता है।