FIFA वर्ल्ड कप में सबसे उम्रदराज गोल करने वाले 5 खिलाड़ी: रोजर मिला 42 साल में टॉप पर, रोनाल्डो भी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
FIFA वर्ल्ड कप 2026 के 11 जून से आगाज़ से ठीक पहले, टूर्नामेंट के इतिहास के उन पाँच सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों की चर्चा फिर तेज़ हो गई है जिन्होंने अधेड़ उम्र में भी गोल दागकर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया। इस सूची में कैमरून के दिग्गज रोजर मिला शीर्ष पर हैं, जबकि क्रिस्टियानो रोनाल्डो और पेपे जैसे मौजूदा सितारे भी जगह बनाए हुए हैं। मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना इस बार लियोनेल मेसी की अगुवाई में अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी।
रोजर मिला: 42 साल की उम्र में रचा इतिहास
विश्व कप में सर्वाधिक उम्र में गोल करने का रिकॉर्ड रोजर मिला के नाम है। कैमरून की ओर से खेलते हुए मिला ने 1994 के विश्व कप में रूस के खिलाफ 42 साल और 39 दिन की उम्र में गोल दागा था। हालाँकि उस मुक़ाबले में कैमरून को 6-1 से करारी हार झेलनी पड़ी थी, लेकिन मिला का यह कारनामा आज भी अटूट रिकॉर्ड बना हुआ है।
पेपे और रोनाल्डो: पुर्तगाली जोड़ी का दबदबा
दूसरे पायदान पर पुर्तगाल के डिफेंडर पेपे हैं, जिन्होंने 2022 के कतर विश्व कप में स्विट्जरलैंड के खिलाफ 39 साल 283 दिन की उम्र में गोल किया। पुर्तगाल ने वह मुक़ाबला 6-1 से जीता था। तीसरे नंबर पर महान फॉरवर्ड क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं, जिन्होंने उसी टूर्नामेंट में घाना के खिलाफ ग्रुप चरण के मैच में 37 साल 292 दिन की उम्र में निर्णायक गोल दागा। पुर्तगाल ने यह मुक़ाबला 3-2 से अपने नाम किया था।
गुन्नार ग्रेन और ब्लैंको: सूची के अन्य दिग्गज
चौथे स्थान पर स्वीडन के गुन्नार ग्रेन हैं, जिन्होंने पश्चिमी जर्मनी के खिलाफ 37 साल 236 दिन की उम्र में गोल कर अपनी टीम को 3-1 से जीत दिलाई थी। पाँचवें स्थान पर मेक्सिको के कुआउतेमोक ब्लैंको हैं, जिन्होंने 2010 विश्व कप के ग्रुप चरण में फ्रांस के खिलाफ 37 साल 151 दिन की उम्र में गोल किया था। मेक्सिको ने उस मैच में फ्रांस को 2-0 से हराया था।
क्या रोनाल्डो तोड़ पाएँगे रिकॉर्ड
विश्लेषकों के अनुसार 2026 विश्व कप में सबसे बड़ी निगाहें क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर होंगी, जो टूर्नामेंट शुरू होते समय 41 वर्ष के होंगे। यदि वे पुर्तगाली टीम के साथ नॉकआउट चरण तक पहुँचते हैं और गोल दागते हैं, तो वे ‘मिला रिकॉर्ड’ के बेहद नज़दीक पहुँच सकते हैं। यह विश्व कप अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में संयुक्त रूप से आयोजित होगा, जिसमें पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेंगी।