आकाश महाराज का 'चिट सेलिब्रेशन' बकवास है, प्रतिबंध लगे: अंबाती रायुडू
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज अंबाती रायुडू ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के गेंदबाज आकाश महाराज सिंह के 'चिट सेलिब्रेशन' को 'बकवास' करार देते हुए इस पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की माँग की है। यह विवाद 16 मई को LSG बनाम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) मैच के दौरान उस समय शुरू हुआ जब आकाश ने ऋतुराज गायकवाड़ का विकेट लेने के बाद जेब से एक पर्ची निकाल कर जश्न मनाया।
मैदान पर क्या हुआ
आकाश महाराज सिंह शुक्रवार को LSG की ओर से इस सीज़न का पहला मैच खेल रहे थे। उन्होंने 4 ओवर में 26 रन देकर 3 विकेट लिए — ऋतुराज गायकवाड़, संजू सैमसन और उर्विल पटेल को पवेलियन भेजा। गायकवाड़ का विकेट लेते ही आकाश ने अपनी जेब से एक पर्चा निकाला, जिस पर लिखा था: 'अक्की टी20 में विकेट ले सकता है।' इस अनोखे अंदाज़ ने मैदान पर और सोशल मीडिया पर तुरंत चर्चा छेड़ दी।
रायुडू की कड़ी आपत्ति
ESPNcricinfo के 'टाइमआउट' शो में रायुडू ने बेबाकी से कहा, 'मुझे मैच के दौरान खिलाड़ियों द्वारा चिट और संदेश निकालने का यह ट्रेंड पसंद नहीं आया। मुझे लगता है कि चिट वाले जश्न पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए, यह बिल्कुल बकवास है। मुझे नहीं लगता कि उन्हें वैसे भी चिट लाने की इजाज़त होनी चाहिए।'
रायुडू ने व्यंग्यात्मक लहजे में यह भी जोड़ा, 'मैं बस यह जानना चाहता हूँ कि आज किस पल उनके मन में यह विचार आया। उन्हें लगा होगा कि यह बहुत जबरदस्त होगा। मैं इसे टीवी पर दिखाऊँगा और हर कोई सोचेगा कि मैं बहुत कूल हूँ। मैं यह भी जानना चाहता हूँ कि किन दोस्तों ने उनका साथ दिया और कहा कि यह एक बहुत अच्छा विचार है। हो सकता है कि बहुत से लोगों को यह बात पसंद न आए, लेकिन यह कुछ हद तक मज़ेदार और थोड़ी बकवास भी है।'
IPL में सेलिब्रेशन का बदलता चलन
गौरतलब है कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ने पिछले कुछ वर्षों में क्रिकेट के जश्न मनाने के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। विकेट लेने के बाद डांस, कस्टम हैंडशेक, और अब 'चिट सेलिब्रेशन' — हर सीज़न कुछ नया देखने को मिलता है। आकाश का यह अंदाज़ इस श्रृंखला में सबसे चर्चित रहा, जिस पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की प्रतिक्रियाएँ आईं।
आम जनता और क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर जहाँ एक वर्ग ने इसे रचनात्मक और मनोरंजक बताया, वहीं कई पूर्व क्रिकेटरों और प्रशंसकों ने इसे खेल की गरिमा के विरुद्ध माना। रायुडू की तरह कई आलोचकों का कहना है कि मैदान पर इस तरह के 'प्री-प्लान्ड' जश्न खेल की स्वाभाविकता को नुकसान पहुँचाते हैं। आने वाले मैचों में देखना होगा कि BCCI या IPL प्रशासन इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करता है या नहीं।