ज्यूरिख में अभय सिंह को झटका, पूर्व वर्ल्ड चैंपियन करीम गवाद ने क्वार्टर फाइनल में हराया
सारांश
Key Takeaways
- अभय सिंह ज्यूरिख ग्रासहॉपर कप के पुरुष क्वार्टर फाइनल में 12-10, 11-9 से हारे।
- यह पीएसए गोल्ड-लेवल इवेंट में सिंह का पहला क्वार्टर फाइनल था।
- वर्ल्ड रैंकिंग 24 के सिंह ने पहले गेम में 6-0 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की।
- पूरा मैच 32 मिनट तक चला, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने उच्च स्तरीय स्क्वैश खेला।
- इससे पहले कतर ओपन में सिंह ने गवाद को चार सेट में हराया था।
- करीम गवाद अब ग्रासहॉपर कप के सेमीफाइनल में खेलेंगे और खिताब के प्रबल दावेदार हैं।
ज्यूरिख, 25 अप्रैल — भारत के स्टार स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह ज्यूरिख में जारी प्रतिष्ठित ग्रासहॉपर कप स्क्वैश टूर्नामेंट के पुरुष क्वार्टर फाइनल में मिस्र के पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 और वर्ल्ड चैंपियन करीम गवाद से हार गए। यह पीएसए गोल्ड-लेवल का इवेंट है, जो स्क्वैश के सर्वोच्च स्तरीय टूर्नामेंटों में गिना जाता है। 12-10, 11-9 के स्कोर से सिंह को यह पराजय झेलनी पड़ी।
मुकाबले का रोमांचक घटनाक्रम
वर्ल्ड रैंकिंग में 24वें स्थान पर काबिज अभय सिंह ने पहले गेम में 6-0 से पिछड़ने के बावजूद हार नहीं मानी और शानदार वापसी करते हुए टाई-ब्रेक तक पहुंचे। 32 मिनट तक चले इस रोमांचक मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने उच्च स्तरीय स्क्वैश का प्रदर्शन किया।
पहले गेम में वर्ल्ड नंबर 3 गवाद ने धमाकेदार शुरुआत करते हुए 7-0 की बढ़त बना ली, लेकिन सिंह ने तीन मिनट से भी कम समय में वापसी कर बराबरी कर ली। यह वापसी इस मैच का सबसे रोमांचक पल रही। गवाद की कुछ अनफोर्स्ड गलतियों ने भी सिंह को बराबरी तक पहुंचने में मदद की।
टाई-ब्रेक में गवाद ने अपनी एक गेम बॉल बचाने के बाद निर्णायक अंक जीतकर 1-0 की बढ़त बना ली। दूसरे सेट में अभय सिंह ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 5-2 की बढ़त हासिल की, लेकिन मिस्र के दूसरे सीड खिलाड़ी ने अनुभव और कौशल का इस्तेमाल करते हुए 11-9 से सेट जीत लिया और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की।
गवाद का बयान — सिंह की तारीफ में कसीदे
पीएसए टूर को दिए अपने बयान में करीम गवाद ने कहा, "मैं सच में बहुत खुश हूं। रफ्तार बहुत तेज थी। कतर में उसने मुझे चार सेट में हराया था और आज मैं कोर्ट पर गया और सोचा कि मैं फिर से हारना नहीं चाहता।"
गवाद ने आगे कहा कि अभय सिंह पीएसए टूर के सबसे स्मार्ट और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि सिंह के साथ बेस्ट ऑफ थ्री फॉर्मेट में खेलना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि सिंह कभी भी अप्रत्याशित शॉट्स से मैच पलट सकते हैं।
अभय सिंह का सफर और महत्व
यह अभय सिंह का पहला पीएसए गोल्ड लेवल क्वार्टर फाइनल था, जो उनके करियर में एक बड़ा मील का पत्थर है। वर्ल्ड रैंकिंग 24 पर काबिज सिंह ने पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 के खिलाफ जो संघर्ष दिखाया, वह भारतीय स्क्वैश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
गौरतलब है कि भारतीय स्क्वैश पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक मंच पर तेजी से उभरा है। सौरव घोषाल के नक्शेकदम पर चलते हुए अभय सिंह जैसे खिलाड़ी अब पीएसए के शीर्ष स्तर पर नियमित रूप से चुनौती पेश कर रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब सिंह ने किसी शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दी हो — कतर ओपन में उन्होंने गवाद को चार सेट में हराया था, जो उनकी बढ़ती ताकत का प्रमाण है।
आगे क्या होगा
करीम गवाद अब ग्रासहॉपर कप के सेमीफाइनल में अपनी चुनौती पेश करेंगे और खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं अभय सिंह के लिए यह टूर्नामेंट भले ही क्वार्टर फाइनल में समाप्त हुआ, लेकिन उनके प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि वे दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती देने में सक्षम हैं। आने वाले पीएसए इवेंट्स में सिंह से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।