विश्व बिलियर्ड्स चैंपियन सौरव कोठारी ने पंकज आडवाणी को 1133-477 से हराया, मंत्री ने की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 29 अप्रैल। सौरव कोठारी ने कार्लो, आयरलैंड में आयोजित आईबीएसएफ वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में भारतीय हमवतन पंकज आडवाणी को 1133-477 के भारी अंतर से पराजित कर अपना खिताब बरकरार रखा। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कोठारी की शानदार जीत को एकाग्रता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया।
फाइनल मैच का विस्तृत विवरण
41 वर्षीय कोलकाता के खिलाड़ी ने तीन घंटे चले मुकाबले में 19 बार के विश्व चैंपियन आडवाणी को पूरी तरह दबा दिया। शुरुआत में आडवाणी ने 141 अंक बनाए, लेकिन कोठारी ने तुरंत जवाब देते हुए एक शानदार 485 अंक की बड़ी पारी खेली। यह पारी तब खत्म हुई जब सेंटर पॉकेट पर रेड बॉल मिस हो गई।
इसके बाद कोठारी ने लगातार 121 अंक और 90 अंक के ब्रेक लगाकर मैच पर पूरी पकड़ बना ली। जब स्कोर 224-700 हो गया, तब बेंगलुरु के आडवाणी ने 64 अंक का प्रयास किया, लेकिन टॉप लेफ्ट पॉकेट में मुश्किल शॉट चूक गए।
इस गलती का फायदा उठाते हुए कोठारी ने 241 अंक का एक और ताकतवर स्कोर बनाकर 941-288 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। आडवाणी ने दबाव में आकर 119 अंक का ब्रेक लगाया, लेकिन यह भी सेंटर पॉकेट में 'इन-ऑफ' शॉट चूकने पर खत्म हो गया। मैच के अंतिम क्षणों में कोठारी ने 155 अंक की एक और शानदार पारी खेलकर मुकाबला समाप्त किया।
मंत्री की सराहना और राष्ट्रीय गौरव
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया पर लिखा: "एकाग्रता और दृढ़ संकल्प का एक बेहतरीन उदाहरण। आईबीएसएफ वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप 2026 जीतने पर सौरव कोठारी को हार्दिक बधाई। एक और विश्व खिताब जीतना एक असाधारण उपलब्धि है, जो पूरे देश को गर्व और खुशी से भर देती है।"
कोठारी की विजय यात्रा
यह जीत सौरव कोठारी के लिए दूसरा विश्व खिताब है और यह उनके कौशल, धैर्य तथा मानसिक मजबूती का प्रमाण है। भारतीय बिलियर्ड्स में उनके योगदान ने खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया है। गौरतलब है कि भारत ने पिछले दशक में बिलियर्ड्स में कई विश्व चैंपियन तैयार किए हैं।
आडवाणी की दूरदर्शी भूमिका
पंकज आडवाणी ने 19 बार का विश्व चैंपियन होने के बावजूद इस मुकाबले में कोठारी के खेल के सामने असहाय साबित हुए। हालांकि, आडवाणी का दशकों का योगदान भारतीय बिलियर्ड्स को विश्व मंच पर प्रतिष्ठित करने में अमूल्य रहा है।