3x3 बास्केटबॉल में भारत का 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक लक्ष्य संभव: गोविंदा शर्मा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय बास्केटबॉल खिलाड़ी गोविंदा शर्मा ने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कहा कि यदि भारत अभी से 3x3 बास्केटबॉल में सुनियोजित निवेश शुरू करे, तो 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना एक यथार्थवादी लक्ष्य बन सकता है। उन्होंने स्वीकार किया कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए समयसीमा अत्यंत कम है, लेकिन 2032 की राह अभी भी खुली है।
गोविंदा शर्मा का दृष्टिकोण
शर्मा ने कहा, "5x5 का एक सही रोडमैप है, लेकिन अगर आप इसके इतिहास को देखें, तो यह मुश्किल है। 3x3 एक नया खेल है और यह सभी के लिए नया है। इसमें भारत के पास बेहतर मौके हैं। अगर हम अभी से कोशिश करें, तो भले ही 2028 ओलंपिक में नहीं, लेकिन 2032 के संस्करण में खेल सकते हैं।" शर्मा भारत में 3x3 बास्केटबॉल में नंबर-1 रैंक हासिल कर चुके हैं और पिछले पाँच-छह वर्षों से इस प्रारूप में सक्रिय रहे हैं। वर्तमान में वह खेल से अर्ध-विराम लेकर कोचिंग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
3x3 ओलंपिक क्वालिफिकेशन की संरचना
3x3 बास्केटबॉल ने टोक्यो 2020 में ओलंपिक में पहली बार प्रवेश किया और पेरिस 2024 में भी इसे शामिल किया गया। लॉस एंजिल्स 2028 में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में टीमों की संख्या बढ़कर 12 हो जाएगी। क्वालिफिकेशन के तहत प्रत्येक वर्ग के लिए 5 स्थान फीबा 3x3 फेडरेशन रैंकिंग के आधार पर और 6 स्थान चार ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के ज़रिये भरे जाएंगे। LA28 साइकिल के लिए रैंकिंग विंडो 24 महीने की है, जिससे लगातार अंतरराष्ट्रीय भागीदारी अनिवार्य हो जाती है।
3x3 क्वेस्ट इंडिया 2026 का महत्व
शर्मा के ये विचार '3x3 क्वेस्ट इंडिया 2026' के लॉन्च के अवसर पर सामने आए। फीबा-मान्यता प्राप्त यह प्रतियोगिता 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के डीएलएफ प्रोमेनेड - एम्पोरियो में आयोजित होगी। इसे बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI), फीबा और दिल्ली बास्केटबॉल एसोसिएशन का समर्थन प्राप्त है। विजेता टीम को मंगोलिया में होने वाली फीबा 3x3 वर्ल्ड सीरीज में भाग लेने का अवसर मिलेगा, साथ ही खिलाड़ियों को फीबा रैंकिंग पॉइंट्स भी हासिल होंगे।
रैंकिंग और ओलंपिक सपने की राह
शर्मा ने स्पष्ट किया कि रैंकिंग में सुधार के लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलना अनिवार्य है। उन्होंने कहा, "3x3 में, आपको अलग-अलग देशों में जाकर क्वालीफायर खेलने होते हैं। जैसे-जैसे आप जीतते जाते हैं, आप आगे बढ़ते जाते हैं।" उनके अनुसार, "अगर हम अभी से प्रयास शुरू करें और ये टूर्नामेंट खेलते रहें, तो भारत की रैंकिंग बेहतर हो सकती है। इससे हमें अंततः ओलंपिक का सपना देखने का मौका मिल सकता है।" यह ऐसे समय में आया है जब भारत खेल बुनियादी ढाँचे में बड़े निवेश की ओर बढ़ रहा है और 3x3 जैसे नए ओलंपिक प्रारूप भारतीय एथलीटों के लिए नए द्वार खोल सकते हैं।