ऐश्वर्या पिस्से: विश्व खिताब जीतने वाली पहली भारतीय मोटरस्पोर्ट्स एथलीट, 7 राष्ट्रीय खिताब का रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
ऐश्वर्या पिस्से भारतीय मोटरस्पोर्ट्स इतिहास में वह नाम हैं जिन्होंने विश्व मंच पर देश का परचम लहराया — वे विश्व खिताब जीतने वाली पहली भारतीय मोटरस्पोर्ट्स एथलीट हैं। बेंगलुरु, कर्नाटक में 14 अगस्त 1995 को जन्मी ऐश्वर्या ने महज 18 वर्ष की आयु में रेसिंग को अपना जुनून बनाया और फिर इसे एक सफल पेशे में तब्दील कर दिखाया।
शुरुआत से शिखर तक का सफर
ऐश्वर्या ने 2016 में एपेक्स रेसिंग अकादमी से स्नातक किया और उसी वर्ष होंडा वन मेक चैम्पियनशिप जीती। उन्होंने दक्षिण डेयर में 5वाँ और एशिया रोड रेसिंग कप में दूसरा स्थान हासिल किया। 2016 के भारतीय राष्ट्रीय रैली चैम्पियनशिप के अंतिम दौर में भी उन्होंने जीत दर्ज की।
2017 में ऐश्वर्या ने कैलिफोर्निया सुपरबाइक स्कूल में प्रशिक्षण लेकर अपने पेशेवर करियर को नई ऊँचाई दी। उसी वर्ष उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय रोड रेसिंग चैम्पियनशिप और भारतीय राष्ट्रीय रैली चैम्पियनशिप — दोनों एक साथ जीतकर अपने पहले दो राष्ट्रीय खिताब अपने नाम किए। दक्षिण डेयर ग्रुप-बी में उन्होंने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसी वर्ष TVS रेसिंग ने उन्हें अपना फैक्ट्री रेसर नियुक्त किया — भारतीय मोटरस्पोर्ट्स में यह अपने आप में एक बड़ी पहचान है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐतिहासिक उपलब्धि
2018 में ऐश्वर्या ने स्पेन में आयोजित बाजा आरागॉन विश्व रैली में हिस्सा लेकर यह कारनामा करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उसी वर्ष उन्होंने इंडियन नेशनल रैली चैम्पियनशिप भी अपने नाम की।
गौरतलब है कि 2019 में FIM बजाज विश्व कप में ऐश्वर्या ने महिला वर्ग में पहला और जूनियर वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया। इसी के साथ वे विश्व मंच पर पदक जीतने वाली पहली भारतीय मोटरस्पोर्ट्स एथलीट बन गईं — एक ऐसी उपलब्धि जो भारतीय खेल इतिहास में दर्ज हो गई।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड और FMSCI खिताब
ऐश्वर्या 7 FMSCI राष्ट्रीय खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। इनमें 2017 से 2022 तक लगातार 6 भारतीय राष्ट्रीय रैली चैम्पियनशिप (दोपहिया वाहन वर्ग) शामिल हैं — यह एक ऐसा रिकॉर्ड है जो उनकी निरंतरता और वर्चस्व को दर्शाता है।
पुरस्कार और सम्मान
मोटरस्पोर्ट्स में उनके असाधारण योगदान को देखते हुए ऐश्वर्या को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। 2017 में उन्हें लगातार दूसरे वर्ष FMSCI का 'आउटस्टैंडिंग विमेन इन मोटरस्पोर्ट्स अवॉर्ड' प्राप्त हुआ। इसके अलावा ऑटोट्रैक मैगजीन ने उन्हें 'स्पोर्ट्स विमेन ऑफ द ईयर अवॉर्ड' से सम्मानित किया।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में महिला खिलाड़ियों की भागीदारी पारंपरिक रूप से पुरुष-वर्चस्व वाले खेलों में तेज़ी से बढ़ रही है। ऐश्वर्या पिस्से की यात्रा न केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता की कहानी है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी की महिला रेसर्स के लिए एक प्रेरणादायक मार्ग भी प्रशस्त करती है।