अनाया बांगर मार्च 2027 से ऑस्ट्रेलिया में महिला क्रिकेट में वापसी को तैयार, WBBL का भी रास्ता खुला
सारांश
मुख्य बातें
ट्रांसजेंडर क्रिकेटर अनाया बांगर ने 26 अगस्त 2026 को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की आधिकारिक घोषणा की — क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से महिला कम्युनिटी और एलीट मुकाबलों में भाग लेने की मंजूरी मिलने के बाद। मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि वे मार्च 2027 से एलीट महिला क्रिकेट में उतरने की तैयारी कर रही हैं, और यदि उस समय के ब्लड टेस्ट में टेस्टोस्टेरोन के निर्धारित मानदंड पूरे होते हैं, तो विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) में खेलने का रास्ता भी खुल सकता है।
मंजूरी की प्रक्रिया और वैज्ञानिक आधार
अनाया ने स्पष्ट किया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनके मामले पर एक स्थापित नीति-ढाँचे के तहत विचार किया। उन्होंने कहा, 'यह कोई अपने-आप होने वाली या अनौपचारिक प्रक्रिया नहीं थी।' क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनकी मेडिकल और सर्जिकल हिस्ट्री, हार्मोन व टेस्टोस्टेरोन का स्तर, क्रिकेटिंग बैकग्राउंड, और मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट के साथ हुई साइंटिफिक और एथलेटिक परफॉर्मेंस टेस्टिंग को आधार बनाया।
अनाया ने बताया कि उन्होंने जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी करवाई है और जुलाई 2026 के ब्लड टेस्ट में उनका कुल टेस्टोस्टेरोन स्तर 0.6 एनएमओएल/एल पाया गया — जो लैबोरेटरी द्वारा निर्धारित महिलाओं की रेफरेंस रेंज के भीतर है।
मार्च 2027 की पात्रता शर्तें
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, मार्च 2027 से एलीट महिला क्रिकेट में अनाया की पात्रता लागू नीति की शर्तों पर निर्भर करेगी, जिसमें उसी समय का ब्लड टेस्ट आकलन भी शामिल है। अनाया ने यह भी रेखांकित किया, 'पात्रता का मतलब चयन नहीं है। मुझे अभी भी ट्रेनिंग करनी है, मुकाबला करना है, अच्छा प्रदर्शन करना है और वह मौका हासिल करना है।'
बीसीसीआई और भारत में ट्रांसजेंडर नीति का अभाव
गौरतलब है कि हाल ही में ट्रांसजेंडर संगठनों ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के लिए नियम बनाने की माँग की है। अनाया ने इस संदर्भ में कहा कि उन्होंने BCCI से सार्वजनिक तौर पर संवाद स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें 'सिर्फ चुप्पी मिली।' यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर खेल संगठन ट्रांसजेंडर एथलीटों की भागीदारी को लेकर नीतियाँ पुनर्परिभाषित कर रहे हैं।
निष्पक्षता और समावेश पर अनाया का पक्ष
अनाया ने माना कि उनके फैसले पर सवाल उठेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं इस बात का सम्मान करती हूं कि महिला खेलों में निष्पक्षता और प्रतिस्पर्धी ईमानदारी को लेकर जायज़ चिंताएँ होती हैं। मेरा मानना है कि समावेश और निष्पक्षता को एक-दूसरे के विरोधी सिद्धांतों के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।'
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच संजय बांगर की बेटी अनाया (पूर्व में आर्यन) ने हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) और जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के ज़रिए अपनी पहचान को अपनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वे WBBL में खेलती हैं, तो हरमनप्रीत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, स्मृति मंधाना और एलिस पेरी जैसे खिलाड़ियों के साथ मैदान साझा करना उनके लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
अनाया की यह वापसी भारतीय क्रिकेट और वैश्विक महिला खेलों में ट्रांसजेंडर भागीदारी की नीतिगत बहस को नई दिशा दे सकती है।