अंशुल कंबोज: आईपीएल 2026 में सर्वाधिक विकेट लेने वाला गेंदबाज और रणजी में सभी 10 विकेट लेने का कारनामा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के पहले 27 मैचों में सबसे अधिक विकेट हासिल किए हैं। इस सीजन में अंशुल ने 6 मुकाबलों में 21.4 ओवर गेंदबाजी की और 130 रन देकर 13 विकेट अपने नाम किए।
6 दिसंबर 2000 को हरियाणा के करनाल में जन्मे अंशुल को साल 2020 में भारत की अंडर-19 टीम में नहीं चुना गया, जिससे वह काफी निराश हुए। इसके बाद उन्होंने मेहनत की और केवल दो सीजन बाद हरियाणा के लिए सभी सीजन में डेब्यू किया।
अंशुल ने साल 2022 में घरेलू क्रिकेट में कदम रखा। 2023-24 में उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में हरियाणा को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसके बाद मुंबई इंडियंस ने उन्हें आईपीएल 2024 के लिए 20 लाख रुपए के बेस प्राइज पर साइन किया। उस सीजन में उन्होंने 3 मैचों में 60 रन देकर 2 विकेट चटकाए।
अगले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 3.40 करोड़ रुपए में खरीदा। एक कठिन सीजन में, जब सीएसके सबसे नीचे थी, अंशुल ने 8 मैचों में 21.50 की औसत से 8 विकेट लिए।
आईपीएल 2026 के लिए उन्हें फिर से रिटेन किया गया। उन्होंने पहले 6 मुकाबलों में ही 13 विकेट ले लिए हैं। अंशुल का आईपीएल करियर देखें तो उन्होंने 17 मैचों में 21.60 की औसत से 23 विकेट लिए हैं।
2024 और 2025 में उन्होंने लाल गेंद से भी अपनी प्रतिभा साबित की। उन्होंने दलीप ट्रॉफी की एक ही पारी में 8 विकेट लिए और 2024 में केरल के खिलाफ रणजी ट्रॉफी की एक पारी में सभी 10 विकेट लिए। इस प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में जगह दिलाई।
2025 में अंशुल को इंग्लैंड के शैडो टूर के लिए भारत 'ए' टीम में शामिल किया गया। इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट से पहले अर्शदीप सिंह के चोटिल होने पर उन्हें पहली बार सीनियर टीम में बुलाया गया। उन्होंने टेस्ट कैप नंबर '318' प्राप्त की और ड्रॉ मैच में 18 ओवर में 89 रन देकर 1 विकेट लिया।
अंशुल कंबोज की गेंदबाजी 135 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से होती है। उनकी ऑफ स्टंप की घातक लाइन बल्लेबाजों के लिए चुनौती बनती है। आईपीएल में तेज रफ्तार, सटीक लाइन-लेंथ और डेथ ओवरों में प्रभावी गेंदबाजी के कारण वह चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। नई गेंद और मध्य ओवरों में विकेट लेने की क्षमता, फिटनेस और दबाव में प्रदर्शन उन्हें भारतीय टीम के लिए एक मजबूत दावेदार बनाता है।