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अरशद अयूब: डेब्यू में 5 विकेट, एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को 142 पर रोका — एक यादगार करियर

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अरशद अयूब: डेब्यू में 5 विकेट, एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को 142 पर रोका — एक यादगार करियर

सारांश

डेब्यू टेस्ट में 5 विकेट और एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को 142 पर ढेर — अरशद अयूब का करियर भले ही छोटा रहा, लेकिन उनकी घूमती गेंदों ने भारतीय क्रिकेट को दो यादगार जीत दिलाई। 2 अगस्त को जन्मे इस हैदराबादी स्पिनर की विरासत आँकड़ों से कहीं बड़ी है।

मुख्य बातें

अरशद अयूब का जन्म 2 अगस्त 1958 को हैदराबाद में हुआ।
डेब्यू टेस्ट ( 1987 , वेस्टइंडीज के खिलाफ) में 5 विकेट लेकर धमाकेदार शुरुआत की।
1988 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 21 विकेट ; भारत ने सीरीज 2-1 से जीती।
एशिया कप फाइनल (ढाका, 1988) में पाकिस्तान के खिलाफ 9 ओवर में 21 रन देकर 5 विकेट ; पाकिस्तान 142 पर ऑल-आउट।
अंतरराष्ट्रीय करियर: 13 टेस्ट में 41 विकेट और 32 वनडे में 31 विकेट ।
1987 रणजी ट्रॉफी फाइनल में हैदराबाद को खिताब दिलाया, 'प्लेयर ऑफ द मैच' रहे।

भारत के पूर्व ऑफ-स्पिन गेंदबाज अरशद अयूब ने अपने संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय करियर में वे पल दिए, जिन्हें भारतीय क्रिकेट प्रेमी आज भी याद करते हैं। 2 अगस्त 1958 को हैदराबाद में जन्मे अरशद ने डेब्यू टेस्ट मैच में ही 5 विकेट झटककर अपनी अलग पहचान बनाई। ढाका में खेले गए एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को 142 रनों पर समेटकर भारत को खिताब दिलाना उनके करियर की सर्वोच्च उपलब्धि मानी जाती है।

घरेलू क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय मंच तक

अरशद अयूब ने बचपन से ही क्रिकेट को अपना जुनून बनाया और घरेलू सर्किट में अपनी घूमती गेंदों से बल्लेबाजों को परेशान करते रहे। उनकी गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी उनकी पहचान थी। 1987 में उन्होंने हैदराबाद को रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाने में केंद्रीय भूमिका निभाई और फाइनल मुकाबले में 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार भी जीता।

डेब्यू टेस्ट में पाँच विकेट की धमाकेदार शुरुआत

घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद 1987 में अरशद को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया। उन्होंने अपने पहले ही टेस्ट मैच में 5 विकेट लेकर चयनकर्ताओं के भरोसे को सही ठहराया। हालाँकि, इस मैच में भारतीय टीम को 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा।

1988 — करियर का सबसे सुनहरा दौर

1988 अरशद अयूब के अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे उज्ज्वल वर्ष रहा। भारत दौरे पर आई न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ उन्होंने पूरी सीरीज में 21 विकेट चटकाए, जिसकी बदौलत भारत ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की। यह आँकड़ा उस दौर में किसी भी भारतीय स्पिनर के लिए किसी एकल सीरीज में उल्लेखनीय प्रदर्शन था।

एशिया कप फाइनल — पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत

इसी वर्ष बांग्लादेश की राजधानी ढाका में खेले गए एशिया कप के फाइनल मुकाबले में अरशद ने अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। 9 ओवर के स्पेल में मात्र 21 रन देकर 5 विकेट लेते हुए उन्होंने पाकिस्तान की पूरी टीम को 142 रनों पर समेट दिया। इसके बाद भारतीय टीम ने 143 रनों के लक्ष्य को 40.4 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया और एशिया कप का खिताब अपने नाम किया।

करियर के आँकड़े और विरासत

अरशद अयूब ने भारत के लिए कुल 13 टेस्ट मैच खेले और 41 विकेट हासिल किए। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 32 मैचों में 31 विकेट चटकाए। भले ही उनका अंतरराष्ट्रीय करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन एशिया कप फाइनल जैसे निर्णायक मुकाबलों में उनका योगदान भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगा। यह ऐसे समय में आया जब भारतीय स्पिन आक्रमण को एक विश्वसनीय मैच-विनर की तलाश थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन चयन की निरंतरता हमेशा से एक बड़ा सवाल रही है। 13 टेस्ट में 41 विकेट का औसत बताता है कि वह लंबे समय तक टीम की सेवा कर सकते थे, फिर भी उनका करियर असमय सिमट गया। एशिया कप फाइनल जैसे दबाव के मुकाबले में 5 विकेट लेने वाले गेंदबाज को यदि अधिक मौके मिलते, तो शायद भारतीय स्पिन इतिहास का एक और अध्याय होता। यह उस युग की विडंबना है जब प्रदर्शन से ज़्यादा 'फिट' होना मायने रखता था।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरशद अयूब कौन हैं और वे किस लिए जाने जाते हैं?
अरशद अयूब भारत के पूर्व ऑफ-स्पिन गेंदबाज हैं, जिनका जन्म 2 अगस्त 1958 को हैदराबाद में हुआ। वे विशेष रूप से 1988 के एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 5 विकेट लेने और डेब्यू टेस्ट में भी 5 विकेट झटकने के लिए याद किए जाते हैं।
अरशद अयूब ने एशिया कप 1988 फाइनल में कैसा प्रदर्शन किया?
ढाका में खेले गए एशिया कप 1988 फाइनल में अरशद अयूब ने 9 ओवर में सिर्फ 21 रन देकर 5 विकेट लिए और पाकिस्तान की पूरी टीम को 142 रनों पर समेट दिया। इसके बाद भारत ने 40.4 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर एशिया कप जीता।
अरशद अयूब का टेस्ट और वनडे करियर कैसा रहा?
अरशद अयूब ने भारत के लिए 13 टेस्ट मैच खेले और 41 विकेट लिए। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 32 मैचों में 31 विकेट हासिल किए। उनका करियर संख्या में भले ही छोटा रहा, लेकिन महत्वपूर्ण मैचों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
अरशद अयूब ने 1988 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ कैसा प्रदर्शन किया?
1988 में भारत दौरे पर आई न्यूज़ीलैंड टीम के खिलाफ अरशद अयूब ने पूरी टेस्ट सीरीज में 21 विकेट लिए। इस प्रदर्शन की बदौलत भारत ने सीरीज 2-1 से जीती।
अरशद अयूब ने रणजी ट्रॉफी में क्या उपलब्धि हासिल की?
1987 में अरशद अयूब ने हैदराबाद को रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। फाइनल मुकाबले में उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार भी दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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